कुछ साल पहले की बात है क‍ि मेरी एक फ्रेंड अपने दोस्‍तों के साथ वेस्‍ट बंगाल घूमने के लिए गई थी। वहां से लौटकर उन्‍होंने एक ऐसी जगह के बारे में बताया ज‍िसकी कहानी सुनकर मैं खुद भी हैरान रह गई। ये जगह कोई क‍िला या हवेली की थी ही नहीं, लेक‍िन जो भी था बेहद डरावना था। आमतौर पर लोगों को जब हॉन्‍टेड स्‍टोरी सुनाई जाती है तो मन में क‍िसी बड़े पैलेस या जंगल का ही ख्‍याल आता है, लेक‍िन मेरी फ्रेंड ने एक रेलवे स्‍टेशन की रोंगटे खड़ी कर देने वाली कहानी सुनाई।

आपको बता दें क‍ि वेस्‍ट बंगाल में एक रेलवे स्टेशन है, ज‍िसका नाम बेगुनकोडोर है। सुनने में ये भले ही नॉर्मल स्‍टेशनों की तरह ही लग रहा होगा लेक‍िन इसके पीछे छ‍िपी हुई कहानी बड़ी इंटरेस्‍ट‍िंग है। उन्‍होंने बताया क‍ि आज भले लोग यहां घूमने के ल‍िए आते हैं, लेक‍िन एक समय ऐसा था जब यहां शाम ढलते ही लोग आने से डरते थे। आसपास घने जंगल, सन्नाटा और भूतों से जुड़ी कहानियों ने इस स्टेशन को हॉन्‍टेड बना द‍िया था। आइए जानते हैं इसके बारे में-

एक घटना ने बदल दी स्टेशन की किस्मत

मेरी फ्रेंड ने बताया क‍ि जब वो वहां गई थी, तो लोगों से उसने बात की। उसे पता चला क‍ि बेगुनकोडोर रेलवे स्टेशन की शुरुआत 1960 के दशक में हुई थी। शुरुआत में तो कुछ सालों तक सब ठीक चल रहा था। रोजाना की तरह ही लोग यहां से ट्रेन पकड़ते थे और स्टेशन पर भीड़ भी देखने को म‍िलती थी, लेकिन फिर एक ऐसी घटना हुई जिसने सभी को डरा द‍िया।

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स्‍टेशन मास्‍टर को द‍िखी थी दौड़ती हुई लड़की

वहां के लोगों ने उसे बताया क‍ि 1967 में एक स्टेशन मास्टर ने रात में एक लड़की को ट्रेन के साथ दौड़ते हुए देखा था और वो इतना तेज दौड़ रही थी क‍ि ट्रेन से भी आगे न‍िकल गई थी। धीरे-धीरे ये बात पूरे एर‍िया में फैल गई। इस बात से लोगों में इतना डर बैठ गया क‍ि लोग यहां पोस्‍ट‍िंग लेने से भी कतराने लगे। यात्र‍ियों ने भी यहां आना बंद क‍र द‍िया। आखिरकार रेलवे को स्टेशन बंद ही करना पड़ा।

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42 सालों तक बंद था रेलवे स्‍टेशन

इसके बाद करीब 42 साल तक ये स्टेशन बंद ही रहा। न यहां कोई आता था और न यहां ट्रेनें भी रुकती थीं, लेक‍िन साल 2009 में इस स्टेशन को दोबारा से शुरू किया गया। लोगों का डर कम हो गया और यहां पर ट्रेनें भी आम स्‍टेशनाें की तरह ही रुकने लगीं। हालांक‍ि, आज ये स्‍टेशन भले ही नॉर्मल हो गया हो, लेक‍िन शाम होते ही लोगों में डर का माहाैल देखने को म‍िलता है। यहां रात के 12 बजे लास्‍ट लोकल ट्रेन गुजरती है।

आसपास है खूब हर‍ियाली

हालांक‍ि, ये जगह द‍िन में बेहद ही खूबसूरत लगती है। लोग यहां अब घूमने के ल‍िए आने लगे हैं। यहां आसपास इतनी हर‍ियाली है क‍ि लोग यहां पर फोटोग्राफी करना भी काफी पसंद करते हैं।

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क्या सच में यहां भूत हैं?

यहां वाकई भूत है, इस बात का कोई साइंट‍िफ‍िक प्रमाण नहीं मिला है, लेकिन शाम होते ही माहाैल थोड़ा बदल जरूर जाता है। इन द‍िनों तो ये जगह एक ऑफबीट डेस्‍ट‍िनेशन बन चुकी है। एडवेंचर का शौक रखने वाली ही यहां जाते हैं।

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तो अगर आप भी कुछ अलग एक्‍सपीर‍ियंस करना चाहती हैं तो ये जगह घूम सकती हैं। हालांक‍ि, द‍िन में ही जाना ठीक रहेगा। साथ ही अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

Image Credit- AI Generated