क्या आपने कभी सोचा है कि बिना ट्रेन बदले, बिना स्टेशन की भागदौड़ के आप देश के एक कोने से दूसरे कोने तक पहुंच जाएं? असम की सुबह की चाय से लेकर कन्याकुमारी में समंदर के किनारे सूर्यास्त तक का नजारा देखने को मिले वो भी एक ही सीट पर बैठे-बैठे। ऐसा ही एक अनोखा सफर कराती है गजब की ट्रेन विवेक एक्सप्रेस (Vivek Express), जो आपको उत्तर-पूर्व से दक्षिण भारत के आखिरी छोर तक ले जाती है।

74 घंटे से ज्यादा का सफर करती है विवेक एक्सप्रेस

डिब्रूगढ़ से कन्याकुमारी के बीच चलने वाली विवेक एक्सप्रेस को भारत की सबसे लंबी दूरी तय करने वाली ट्रेनों में गिना जाता है। यह ट्रेन अपने सफर में 4188 किलोमीटर की दूरी तय करती है। Railyatri के मुताबिक, इस पूरे सफर को पूरा करने में करीब 74 घंटे 45 मिनट का समय लगता है। मतलब यात्रियों को लगातार 3 दिन से ज्यादा समय तक ट्रेन में ही बिताना पड़ता है। जो लोग भारत को रेल की खिड़की से देखना चाहते हैं, उनके लिए यह किसी सपने से कम नहीं है।

 main image credit- indiarailinfo

दो यादगार स्थलों को जोड़ती है यह ट्रेन

इस ट्रेन की सबसे खास बात सिर्फ इसकी दूरी नहीं, बल्कि इसका नाम और मकसद है। यह ट्रेन दो ऐसे शहरों को जोड़ती है, जिनका स्वामी विवेकानंद के जीवन से गहरा नाता है। असम सांस्कृतिक रूप से समृद्ध है और कन्याकुमारी वो जगह है, जहां स्वामी जी ने समुद्र के बीच स्थित शिला पर ध्यान लगाया था। इसलिए इस ट्रेन को सिर्फ एक ट्रांसपोर्ट नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक एकता का प्रतीक भी माना जाता है।

किन राज्यों से होकर गुजरती है ट्रेन?

अपने लंबे सफर के दौरान विवेक एक्सप्रेस 7 राज्यों से होकर गुजरती है। इनमें असम, नागालैंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, केरल और तमिलनाडु शामिल हैं। रास्ते में गुवाहाटी, न्यू जलपाईगुड़ी, भुवनेश्वर, विशाखापट्टनम, विजयवाड़ा, कोयंबटूर और तिरुवनंतपुरम जैसे बड़े रेल जंक्शन पड़ते हैं। हालांकि, यात्रा से पहले इसका मौजूदा रूट और स्टॉपेज IRCTC की वेबसाइट पर जरूर चेक कर लें।

कितना है टिकट का दाम? (Vivek Express Ticket Price)

अगर आपका भी इस ट्रेन से ट्रेवल करने का प्लान बन रहा है, तो टिकट बुक कर लें। आइए जानते हैं कितना है किराया?

  • SL- 1310 रुपये
  • 3AC- 3190 रुपये
  • 2AC- 4625 रुपये

 main image credit- indiarailinfo

विवेक एक्सप्रेस कैसे पड़ा ट्रेन का नाम?

इस ट्रेन का नाम महान विचारक स्वामी विवेकानंद के नाम पर रखा गया है। इसकी घोषणा 2011-12 के रेल बजट में की गई थी। तब से यह ट्रेन देश की सबसे चर्चित ट्रेनों में से एक बनी हुई है।

लंबी यात्रा पर जाने से पहले तैयारी जरूरी

3 दिन से ज्यादा की यात्रा है, इसलिए टिकट और कोच की बुकिंग पहले से कर लें। साथ में पानी की बोतल, जरूरी दवाएं, मोबाइल चार्जर, हल्का-फुल्का खाना और सफाई से जुड़ी चीजें जरूर रखें। ट्रेन का नंबर, टाइम-टेबल और प्लेटफॉर्म की जानकारी के लिए रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट देखते रहें।

आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

 main image credit- indiarailinfo