इन दिनों नीम करोली बाबा की फिल्म हनुमान अंश की चर्चा खूब हो रही है। फिल्म ने ताबड़तोड़ कमाई कर ली है। जब भी हम नीम करोली बाबा की बात करते हैं, तो सबसे पहला ख्याल कैंची धाम का ही आता है। नैनीताल के पास बना यह आश्रम और हनुमान मंदिर देश ही नहीं बल्कि दुनियाभर में फेमस है। यहां लोग सुकून पाने के लिए आते हैं। मार्क जुकरबर्ग, स्टीव जॉब्स, विराट कोहली,अनुष्का शर्मा, जूलिया रॉबर्ट्स, रश्मि देसाई जैसे कई कलाकार और दिग्गज हस्तियां यहां आ चुके हैं, लेकिन क्या आप जानती हैं कि बाबा का कनेक्शन सिर्फ कैंची धाम तक ही नहीं था?
देश की कई जगहों पर उनकी जिंदगी और हनुमान भक्ति से जुड़ी जगहें आज भी मौजूद हैं। इनमें से कुछ मंदिर बाबा की प्रेरणा से बने हैं तो कुछ जगहों पर उन्होंने हनुमान मंदिर और आश्रम की स्थापना में अहम भूमिका निभाई। अगर आप नीम करौली बाबा को मानती हैं या उनके जीवन से जुड़ी जगहों को देखना चाहती हैं तो कैंची धाम के अलावा इन जगहों को भी एक्सप्लोर कर सकती हैं। खास बात तो यह है कि इनमें एक मंदिर नैनीताल में, एक दिल्ली में और बाकी जगहें उत्तराखंड और वृंदावन में हैं। आइए जानते हैं इन चारों जगहों के बारे में।
कौन थे नीम करोली बाबा?
नीम करोली बाबा 20वीं सदी के एक महान संत थे, जिन्हें भक्त हनुमान जी का अवतार मानते हैं। उनका असली नाम लक्ष्मण नारायण शर्मा था। बचपन से ही उनका मन भक्ति में था, इसलिए उन्होंने गृहस्थ जीवन छोड़कर देश भर में तपस्या की। उनका 'ट्रेन वाला किस्सा' काफी फेमस है। जब एक अंग्रेज टीटीई ने उन्हें नीम करोली स्टेशन पर ट्रेन से उतार दिया, तो गाड़ी एक इंच भी आगे नहीं बढ़ सकी थी। बाबा के वापस चढ़ते ही ट्रेन चल पड़ी। यहीं से उनका नाम 'नीम करोली बाबा' पड़ गया था। उत्तराखंड का कैंची धाम उनका मेन आश्रम है।
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नीम करोली बाबा के बनवाए इन 4 मंदिरों में करें दर्शन
अगर आपको अभी तक लगता है कि कैंची धाम में ही नीम करोली बाबा का आश्रम है, तो आप इसके अलावा इन हनुमान मंदिरों में भी दर्शन करने जा सकती हैं। कहा जाता है कि यहां आकर लोगों को शांति मिलती है। इच्छाएं भी सभी की पूरी हो जाती हैं।
1. नैनीताल का हनुमान गढ़ी मंदिर
नैनीताल जाने वालों के लिए हनुमान गढ़ी एक अच्छा ऑप्शन है। यह मंदिर भगवान हनुमान को समर्पित है और यहां भगवान राम और शिव के मंदिर भी हैं। करीब 1950 के आसपास नीम करौली बाबा ने यहां मंदिर बनवाया था। मंदिर पहाड़ पर स्थित है और यहां से आसपास का नजारा भी काफी सुंदर नजर आता है। खासतौर पर सूर्यास्त देखने के लिए भी लोग यहां पहुंचते हैं। अगर आप नैनीताल घूमने जा रही हैं तो हनुमान गढ़ी को अपनी लिस्ट में जरूर रखें। यहां दर्शन के साथ कुछ समय शांत माहौल में भी बिताया जा सकता है।
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कैसे पहुंचें नैनीताल के हनुमान गढ़ी?
नैनीताल घूमने के बाद आप हनुमान गढ़ी में दर्शन करने जा सकती हैं। यहां पहुंचना काफी आसान है।
- हनुमान गढ़ी नैनीताल में ही है।
- नैनीताल से आप बस, कैब या शेयरिंग टैक्सी से यहां पहुंच सकती हैं।
- पास का बड़ा रेलवे स्टेशन काठगोदाम है।
- काठगोदाम रेलवे स्टेशन से यह मंदिर करीब 32 किलोमीटर की दूरी पर है।
2. अल्मोड़ा मार्ग पर स्थित काकड़ीघाट आश्रम
अगर आप उत्तराखंड गईं हैं तो काकड़ीघाट आश्रम को भी एक्सप्लोर कर सकती हैं। भवाली से अल्मोड़ा मार्ग पर ही यह पवित्र स्थान है। यहां पर भी नीम करोली बाबा ने हनुमान मंदिर बनवाया था। बाद में सिद्धि मां ने मंदिर का काम पूरा कराया और पुराने शिव मंदिर की मरम्मत भी कराई। काकड़ीघाट की खासियत यह है कि यहां कैंची धाम जैसी भीड़ हमेशा देखने को नहीं मिलती है। यह जगह बहुत ही शांत है। काकड़ीघाट खैरना के आगे अल्मोड़ा रोड पर पड़ता है।
कैसे पहुंचें यहां?
आपको बता दें कि काठगोदाम से काकड़ीघाट आश्रम की दूरी लगभग 65 किलोमीटर है। आपको काठगोदाम रेलवे स्टेशन के बाहर से अल्मोड़ा या रानीखेत जाने वाली टैक्सी और बसें मिल जाएंगी। आप इसी से आश्रम पहुंच सकती हैंैं।
3. दिल्ली का बिरला हनुमान मंदिर
नीम करौली बाबा से जुड़ी जगहों की बात हो तो दिल्ली का बिरला हनुमान मंदिर भी इस लिस्ट में आता है। यह मंदिर दिल्ली के बेला रोड पर है। बाबा ने अपने भक्तों को बताया था कि यमुना किनारे जमीन के नीचे हनुमान जी की एक पुरानी मूर्ति है। बाद में इस जगह से उनका जुड़ाव गहरा होता गया और उन्होंने यहां हनुमान मंदिर की स्थापना करवा दी। फिलहाल मंदिर की देखरेख कैंची धाम मैनेजमेंट कमेटी से की जा रही है। अगर आप दिल्ली में हैं और छुट्टी न मिल पाने की वजह से कैंची धाम नहीं जा पा रही हैं, तो यहां जा सकती हैं।
बिरला हनुमान मंदिर कैसे पहुंचें?
अगर आप दिल्ली में हैं तो यहां के बिरला हनुमान मंदिर कई तरह से पहुंच सकती हैं। जैसे-
- मेट्रो से- सबसे पास लाल किला या चांदनी चौक मेट्रो स्टेशन है। यहां से मंदिर की दूरी लगभग 1.5 से 2 किलोमीटर है, जहां से आप ई-रिक्शा या ऑटो ले सकती हैं।
- बस से- कश्मीरी गेट आईएसबीटी या रिंग रोड की तरफ आने वाली आप बस ले लें। यह मंदिर राजघाट के पास ही है। आप वहां उतरकर मंदिर तक जा सकती हैं।
- कैब से- अगर आप बस, ऑटो या मेट्रो से यहां नहीं जाना चाहती हैं, तो कैब भी कर सकती हैं।
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4. वृंदावन आश्रम
दिल्ली में रहने वाले लोग मथुरा-वृंदावन तो जाते ही रहते हैं। ऐसे में अगर आपका प्लान वृंदावन जाने का है, तो बता दें कि यहां भी नीम करौली बाबा से जुड़ी एक अहम जगह है। यहां बाबा का आश्रम और हनुमान मंदिर है। यहां पहला मंदिर 1967 में बना था। परिसर में बाबा का समाधि मंदिर भी है। वृंदावन जाने वाले लोग यहां हनुमान जी के दर्शन के साथ बाबा की समाधि के भी दर्शन करते हैं।
कैसे पहुंंचें यहां?
वृंदावन में यह आश्रम मथुरा रोड से कुछ ही दूरी पर परिक्रमा मार्ग पर स्थित है। यहां आप टैक्सी, रिक्श या ई-रिक्शा से भी पहुंच सकती हैं।
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Image Credit- Incredible India
