कुछ ही दिनों में सावन का पवित्र महीना आने वाला है। इस महीने में लोग शिवालयों और ज्योतिर्लिंगों के दर्शन के लिए जाते हैं। अगर आप भी इस साल परिवार या दोस्तों के साथ किसी खास शिव धाम जाने का सोच रही हैं, तो इस लेख को पूरा पढ़ें। आज हम आपको एक ऐसे खूबसूरत मंदिर के बारे में बताएंगे, जो प्राकृतिक सुंदरता और घने जंगलों से घिरा हुआ है। आइए जानते हैं, कुदरत की गोद में बसे इस जाने-माने शिव मंदिर के बारे में।

कुदरत और आस्था का अनूठा संगम है गुप्तेश्वर महादेव मंदिर

इस सावन अगर आप शहर की भीड़भाड़ से दूर किसी ऐसी जगह जाने का प्लान कर रही हैं, जहां भक्ति के साथ-साथ प्रकृति का मनमोहक नजारा देखने को मिले, तो आप बिहार के एक प्रसिद्ध मंदिर जा सकती हैं। हम बात कर रहे हैं 'गुप्तेश्वर महादेव मंदिर' की, जिसे 'गुप्ता धाम' के नाम से भी जाना जाता है। सावन के महीने में आप इस मंदिर को अपनी ट्रैवल लिस्ट में जरूर शामिल करें।  

घने जंगलों और रहस्यमयी गुफा के बीच बसे हैं 'बाबा गुप्तेश्वर'

बिहार के रोहतास जिले में स्थित गुप्ता धाम अपनी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता के लिए लोगों के बीच काफी प्रसिद्ध है। इस मंदिर में भगवान शिव के दर्शन के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। मंदिर तक पहुंचने के लिए जिस रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है, वह घने जंगलों से घिरा हुआ है। यहां तक पहुंचने के लिए आपको उबड़-खाबड़ पहाड़ी रास्तों से होकर जाना पड़ता है।

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छत से टपकता है जल: जानें गुफा का चमत्कार

बिहार का यह मंदिर अपनी चमत्कारिक मान्यताओं के लिए भी जाना जाता है। यहां भगवान शिव चूना पत्थर की एक प्राकृतिक गुफा के भीतर विराजमान हैं। इस गुफा में सिर्फ बरसात ही नहीं, बल्कि साल के 12 महीने छत से पानी की बूंदें टपकती रहती हैं। आस्था और कुदरत के इस अद्भुत संगम को देखने के लिए वैसे तो सालभर श्रद्धालु आते हैं, लेकिन सावन में यहां का नजारा ही अलग होता है।

गुफा के अंदर का माहौल और सावन का मेला

गुफा के अंदर जाने का रास्ता काफी संकरा है, जहां श्रद्धालु झुककर एक-एक करके आगे बढ़ते हैं। भीषण गर्मी में भी गुफा के अंदर प्रवेश करते ही एकदम सुखद ठंडक महसूस होती है। सावन के महीने में बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों से लाखों कांवड़िये भगवान शिव का जलाभिषेक करने गुप्ता धाम पहुंचते हैं। इस दौरान यहां एक विशाल मेले का आयोजन भी किया जाता है।

कैसे पहुंचें गुप्ता धाम?

गुप्ता धाम बिहार के रोहतास जिले में सासाराम और चेनारी के पास कैमूर की पहाड़ियों में स्थित है। सबसे नजदीकी हवाई अड्डा पटना है, जो मंदिर से लगभग 170 किलोमीटर दूर है। वहीं बात करें नजदीकी रेलवे स्टेशन की, तो 'सासाराम जंक्शन' और 'डेहरी ऑन सोन' सबसे पास पड़ेगा। स्टेशन से मंदिर के बेस कैंप तक के लिए गाड़ियां और टैक्सियां आसानी से मिल सकती हैं। गाड़ियां पहाड़ियों के नीचे बेस कैंप तक ही जाती हैं। इसके बाद आपको लगभग 7 से 10 किलोमीटर की पैदल ट्रेकिंग करनी पड़ती है।  

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गुप्ता धाम की यात्रा के दौरान रखें इन बातों का ध्यान:

पहाड़ी रास्ते और गुफा के अंदर नमी व फिसलन होने की वजह से अच्छी ग्रिप वाले जूते पहनकर ही जाएं।
गुफा के अंदर कुछ जगहों पर अंधेरा रहता है, इसलिए अपने साथ टॉर्च या मोबाइल की फ्लैशलाइट का इस्तेमाल करें।
पैदल चढ़ाई लंबी होने के कारण अपने साथ पानी की बोतल और हल्का-फुल्का नाश्ता जरूर रख लें।

इस सावन अगर आप भी बाबा भोलेनाथ के दर्शन के साथ-साथ ट्रैकिंग और कुदरत के खूबसूरत नजारों का एक साथ अनुभव करना चाहती हैं, तो 'गुप्ता धाम' की यात्रा जरूर प्लान करें। यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहे हर जिंदगी से।  

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