सहारनपुर के बागेश्वर शिवा मंदिर में क्यों उमड़ती है भीड़? सावन में जानें इस स्थान का महत्व

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर शहर के बिल्कुल बीचों-बीच एक बहुत प्रसिद्ध मंदिर स्थित है। यह कंपनी बाग के भीतर विराजमान बागेश्वर महादेव मंदिर जिले के सबसे प्रमुख और प्रतिष्ठित धार्मिक स्थलों में से एक है। हर साल सावन के पवित्र महीने में और महाशिवरात्रि के मौके पर यहां बाबा भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ता है। ऐसे में इससे जुड़े इतिहास और महत्व के बारे में पता होना जरूरी है। जानते हैं आगे...
स्वयंभू शिवलिंग और 550 साल पुराना ऐतिहासिक इतिहास
बागेश्वर महादेव मंदिर की सबसे बड़ी मान्यता और विशेषता यहां स्थापित शिवलिंग है। स्थानीय मान्यताओं और मंदिर के पुजारियों के अनुसार, यहां शिवलिंग किसी मनुष्य द्वारा स्थापित नहीं किया गया, बल्कि यह स्वयंभू यानी स्वयं प्रकट हुआ है।
- मराठा काल से जुड़ा इतिहास: इस प्राचीन मंदिर का निर्माण लगभग 550 वर्ष पूर्व मराठा काल के दौरान हुआ था। हालांकि समय-समय पर स्थानीय प्रबंधन समिति ने इसके स्वरूप को संवारा और आधुनिक रूप दिया है।
- पश्चिमांचल का सबसे ऊंचा शिखर: यह मंदिर बेहद भव्य है। वर्तमान में मंदिर का भव्य शिखर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सबसे ऊंचे देवालय शिखरों में गिना जाता है, जो दूर से ही श्रद्धालुओं का ध्यान खींचता है।
सावन और शिवरात्रि पर उमड़ती है आस्था
सिद्धपीठ बागेश्वर महादेव मंदिर में पूरे साल ही भक्तों का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन सावन के महीने में यहां का नजारा अद्भुत होता है।
- दूर-दराज से पहुंचते हैं श्रद्धालु: सिर्फ स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्यों जैसे हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड से भी लाखों शिवभक्त यहां गंगाजल अर्पित करने पहुंचते हैं।
- मनोकामना पूरी होने का विश्वास: मंदिर समिति के अनुसार, महाशिवरात्रि और सावन में भक्त बेलपत्र, भांग, धतूरा, फल-फूल और पंचामृत से भोलेनाथ का पूजन करते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से यहां दर्शन करने मात्र से ही शिवजी अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी कर देते हैं।
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कड़ी सुरक्षा के बीच सजती हैं लंबी कतारें
त्योहारों के अवसर पर प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाते हैं। सुबह तड़के से ही बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे हाथों में पूजा की थाली लिए लंबी-लंबी कतारों में खड़े नजर आते हैं। पूरा मंदिर परिसर "हर-हर महादेव" और "जय शिव शंभू" के जयकारों से गूंज उठता है।
बागेश्वर महादेव मंदिर कैसे पहुंचें?
यदि आप सहारनपुर जाकर बागेश्वर महादेव मंदिर के दर्शन करने की योजना बना रहे हैं, तो यहां पहुंचना बेहद आसान है:
- हवाई मार्ग: सबसे नजदीकी हवाई अड्डा देहरादून का जौली ग्रांट एयरपोर्ट है, जो यहां से लगभग 90 किलोमीटर दूर है।
- रेल मार्ग: सहारनपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन मंदिर से मात्र 2 से 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
- सड़क मार्ग: सहारनपुर शहर के मध्य (कंपनी बाग) में होने के कारण यहां के लिए ई-रिक्शा, ऑटो और बसें आसानी से मिल जाती हैं।
निष्कर्ष
सहारनपुर का बागेश्वर महादेव मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि सदियों पुरानी मराठाकालीन आस्था का एक अनोखा केंद्र है। अगर आप भी सावन के इस पावन महीने में शिव भक्ति में लीन होना चाहते हैं, तो बागेश्वर महादेव जरूर जाएं।
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Images: saharanpur.nic.in
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