हम सभी को घूमने फ‍िरने का बहुत शौक होता है। कुछ लोग ह‍िल स्‍टेशंस जाते हैं ताे कुछ लोगों को समुद्र पसंद आता है। ऐसे में अगर आप इस बार घूमने के ल‍िए ऐसी जगह ढूंढ रही हैं जहां आपको समुद्र, सुकून, रंग ब‍िरंगी गल‍ियां, फ्रेंच स्‍टाइल की इमारतें और शानदार कैफे सब कुछ एक ही जगह दि‍खे तो पुडुचेरी से बेहतर क्‍या ही हो सकता है। ये जगह भले ही भारत में है, लेकिन एकदम व‍िदेशी फील देती है।

हाल ही में मेरे एक पुराने कलीग पुडुचेरी होकर आएं हैं। उन्‍होंने बताया क‍ि यहां की साफ-सुथरी सड़कें, खूबसूरत इमारतें और समुद्र क‍िनारे बैठकर ब‍िताई गई शामें अभी तक जहन में बसी हुई हैं। यहां जाने से पहले आपको ये एक्‍सपीर‍ियंस जान लेना चाह‍िए। इससे आपकी ट्र‍िप भी मजेदार हो सकती है। आइए जानते हैं-

पुडुचेरी कैसे पहुंचें?

सबसे पहले तो ये जान लेना चाह‍िए क‍ि हम पुडुचेरी कैसे पहुंच सकते हैं? मेरे कलीग ने बताया क‍ि मैं सबसे पहले फ्लाइट लेकर चेन्‍नई पहुंच गया। चेन्नई पहुंचने के बाद मुझे यहां से बस मि‍ल गई। आपको भी एसी, नॉन एसी, प्राइवेट कैब जैसे कई ऑप्‍शन म‍िल जाएंगे। चेन्नई और पुडुचेरी के बीच की दूरी लगभग 150 से 165 किलोमीटर के आसपास है।

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महाबलीपुरम भी जा सकती हैं आप

उन्‍होंने बताया क‍ि रास्ते में समुद्र के किनारे-किनारे सफर करने में बहुत मजा आ रहा था। ये एक अलग ही तरह का एक्‍सपीर‍ियंस था। ये भी बताया क‍ि अगर समय हो तो चेन्नई से पुडुचेरी जाते वक्त महाबलीपुरम भी घूम सकते हैं, जो रास्ते में ही पड़ता है।

व्हाइट टाउन में मिलेगा विदेश जैसा एहसास

पुडुचेरी पहुंचकर उन्‍होंने अपने एक दोस्‍त के यहां स्‍टे क‍िया। इसके बाद वो सबसे पहले व्हाइट टाउन न‍िकल गए। ये इलाका कभी फ्रेंच कॉलोनी हुआ करता था। यहां की गलियां, रंगीन इमारतें और यूरोपियन स्टाइल की वास्तुकला ने उन्‍हें बार-बार फोटो क्‍ल‍िक करने पर मजबूर कर द‍िया। उन्‍होंने बताया क‍ि यहां पैदल घूमने का अपना ही अलग मजा है। सुबह और शाम के समय तो ये जगह और भी ज्‍यादा खूबसूरत हो जाती है।

श्री अरविंद आश्रम का एक्‍सपीर‍ियंस रहा अलग

उन्‍होंने बताया क‍ि पुडुचेरी की पहचान सिर्फ समुद्र और कैफे से ही नहीं हैं। यहां का श्री अरविंद आश्रम भी काफी फेमस है। यहां जाकर उन्‍होंने सबसे पहले श्री अरविंद और द मदर की समाधि देखी। कहां क‍ि यहां पहुंचने के ल‍िए कोई ट‍िकट नहीं लगता है लेक‍िन न‍ियमों का पालन करना बहुत ही जरूरी है। फोटोग्राफी की अनुमति भी नहीं थी। इसके बाद उन्‍होंने आश्रम के आसपास स्कूल, कैफे, गेस्ट हाउस और बाकी चीजों को भी देखा। उन्‍होंने एक्‍सपीर‍ियंस क‍िया क‍ि यहां का माहौल शहर की भागदौड़ से बिल्कुल अलग है।

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समुद्र किनारे बैठना भी है खास

शाम में उन्‍होंने समुद्र के किनारे बैठकर समय बिताया। यहां आकर उन्‍हें लग रहा था क‍ि इससे बेहतरीन जगह मानो कोई हो ही नहीं सकती है। यहां का रॉक बीच काफी फेमस है। द‍िन में भले ही आपको यहां शांत‍ि म‍िले, लेकि‍न शाम के समय लोग यहां टहलते हैं, दोस्तों के साथ बैठकर बाते करते हैं और समुद्र की लहरों का आनंद लेते हैं।

Le Cafe न करें मिस

ये भी बताया क‍ि समुद्र के किनारे बना Le Cafe भी यहां पर काफी फेमस है। यहां लोग बैठकर चाय, कॉफी या स्नैक्स के साथ समुद्र का नजारा देखना पसंद करते हैं। ये एक्‍सपीर‍ियंस उन्‍होंने भी ल‍िया। कहा क‍ि मेरी ट्र‍िप का ये सबसे मजेदार और खूबसूरत एक्‍सपीर‍ियंस था। अच्छी बात तो ये रही क‍ि यहां की कीमतें बहुत ज्यादा नहीं हैं।

फ्रेंच कैफे में जरूर बिताएं कुछ समय

पुडुचेरी की एक और खास बात यहां के फ्रेंच कैफे हैं। यहां कई छोटे-बड़े कैफे मिल जाएंगे, जहां लोग घंटों बैठकर आराम करते हैं। अगर आपकी छुट्टियों का मकसद सिर्फ भागदौड़ नहीं बल्कि थोड़ा रिलैक्स करना भी है, तो ये कैफे आपको जरूर पसंद आएंगे।

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मैंग्रोव फॉरेस्ट की बोट राइड करें

उन्‍होंने कहा क‍ि मैं नेचर लवर हूं तो मैंने मैंग्रोव फॉरेस्ट की बोट राइड भी ट्राई की। इसमें मुझे नाव के जरिए मैंग्रोव जंगलों के बीच ले जाया गया। यहां पर चारों तरफ हरियाली और पानी का नजारा देखकर मुझे बहुत अच्‍छा फील हुआ।

खाने में मिलेगा साउथ इंडियन फ्लेवर

खाने की बात करें तो यहां साउथ इंडियन फूड ही ज्‍यादा खाए जाते हैं। साथ ही आपको सी फूड के भी कई ऑप्‍शंस मि‍ल सकते हैं। खास बात तो ये है क‍ि यहां सभी व्‍यंजनों में नारियल का इस्तेमाल जरूर क‍िया जाता है।

कब जाएं पुडुचेरी?

उन्‍होंने बताया क‍ि मैं तो फरवरी में गया था। इस दौरान यहां का मौसम रही रहता है। जनवरी और फरवरी की यहां घूमने का पीक सीजन है। हालांकि, बारिश के मौसम में भी पुडुचेरी की खूबसूरती देखने लायक होती है। इसलिए आप अपनी पसंद के हिसाब से ट्रिप प्लान कर सकती हैं।

कहां रुकें और कितना आएगा खर्च?

उन्‍होंने बताया क‍ि मैंने तो अपने दोस्‍त के यहां स्‍टे क‍िया था, लेक‍िन यहां बैकपैकिंग पसंद करने वालों के ल‍िए Go Stops जैसे हॉस्टल म‍िल जाएंगे। यहां डॉर्मिटरी में रुकने का खर्च भी होटल की तुलना में बहुत कम आता है। फ्लाइट, रहने, खाने और घूमने का खर्च मिलाकर एक व्यक्ति का कुल बजट लगभग 25 से 30 हजार रुपये तक हो सकता है। हालांकि, ये आपके ट्रैवल स्टाइल और रहने की जगह पर भी निर्भर करता है।

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तो अगर आप भी क‍िसी ऐसी जगह की तलाश में हैं जहां समुद्र, इतिहास, फ्रेंच कल्चर, स्वादिष्ट खाना और सुकून एक साथ मिले, तो पुडुचेरी जा सकती हैं। साथ ही अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

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