आज के समय में बच्चों से लेकर बड़ों तक, डोनट हर किसी की पसंद है। इसे लोग कई तरीके से खाना पसंद करते हैं। हम जब भी डोनट देखते हैं तो सबसे पहले ध्यान इसके बीच के गोल छेद पर ही जाता है, पर क्या आपने कभी सोचा है कि आटे की एक मीठी बॉल आखिर इस गोल छल्ले में कैसे बदल गई? दरअसल इसकी कहानी बड़ी मजेदार है।
जैसे हमारे यहां आटे और चीनी से गुलगुले या मीठे पुए बनाए जाते हैं, वैसे ही दुनिया के दूसरे हिस्सों में भी आटे को तलकर खाने का पुराना चलन रहा है। डोनट की कहानी भी इसी परंपरा से जुड़ी है। हालांकि, इसके बीच में छेद कैसे आया, इसे लेकर एक बहुत दिलचस्प कहानी समंदर के एक तूफान से भी जुड़ी हुई है। आइए जानते हैं-
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क्या है डोनट का इतिहास?
आपको बता दें कि आटे को तेल में तलकर खाने का मजा सिर्फ भारतीय ही नहीं लेते थे। दुनिया के दूसरे कोनों में भी बहुत पहले से आटे को तलकर और मीठा बनाकर खाने का चलन रहा है। पुरानी रोमन और ग्रीक सभ्यताओं में भी ऐसी चीजों का जिक्र मिलता है। डोनट के इतिहास की बात करें तो इसकी कहानी 17वीं और 18वीं सदी में न्यूयॉर्क आए डच (नीदरलैंड्स के) लोगों से भी जुड़ी है। कहा जाता है कि वे लोग ओली कोएकेन और ओलीकोएक्स नाम की चीज बनाते थे। इस नाम का सीधा मतलब ऑयल केक होता था।
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गुलगुले जैसा होता था डोनट
आज हम जिस रिंग वाले डोनट को देखते हैं, पुराने समय में वह ऐसा नहीं होता था। तब इसे एक मीठी बॉल की तरह बनाया जाता था। इसके अंदर ड्राई और फलों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर फिल किया जाता था। जैसे हम भारतीय गुलगुले बनाते हैं। ठीक वैसे ही डोनट हुआ करता था। उस समय डोनट के बीच में आज की तरह छेद नहीं होता था।
फिर डोनट के बीच में छेद कैसे आया?
डोनट को रिंग की तरह बनाने की कहानी करीब 1850 के आसपास की है। बताया जाता है कि हेन्सन ग्रेगरी नाम के एक अमेरिकी नाविक ने डोनट के बीच में छेद करके उसे छल्ले जैसा शेप दिया था। हालांकि, ऐसा सिर्फ कहा जाता है।
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समुद्री तूफान से जुड़ी है एक दिलचस्प कहानी
हेन्सन ग्रेगरी से जुड़ी एक और कहानी भी काफी दिलचस्प है। कहा जाता है कि एक बार वह डोनट खा रहे थे और उसी दौरान समुद्र में भयंकर तूफान आ गया। जहाज को संभालते समय उन्हें अपने दोनों हाथों को खाली रखने की जरूरत थी। ऐसे में उन्होंने डोनट को पहिए की लकड़ी में चुभा दिया। इसी कहानी के मुताबिक, डोनट का बीच वाला हिस्सा खाली करके उसे छल्ले जैसा बनाने का आइडिया आया।
पॉइंट्स में समझिए डोनट की कहानी
अगर आप शॉर्ट में डोनट की कहानी जानना चाहती हैं, तो ये प्वॉइंटर्स से समझ सकती हैं-
- पुराने समय में डोनट गुलगुले जैसा बनाया जाता था।
- इसके अंदर मेवे और फलों के टुकड़े भरे जाते थे।
- डोनट के बीच छेद करने की कहानी करीब 1850 के आसपास की है।
- हेन्सन ग्रेगरी का नाम इस कहानी से जुड़ा है।
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