हम सभी को मूवी देखने और दोस्‍तों के साथ टाइम स्‍पेंड करना बहुत पसंद होता है। ऐसे में एक चीज सबसे कॉमन होती है और वो पॉपकॉर्न है। ये एक ऐसा स्‍नैक जो बच्चों से लेकर बड़ाें तक को खूब पसंद आती है, लेकिन क्‍या आपने कभी सोचा है क‍ि छोटे से हार्ड मक्‍के के दाने अचानक फटकर सफेद और फूले हुए पॉपकॉर्न में कैसे बदल जाते हैं?

ये अचानक से नहीं होता है बल्‍क‍ि इसके पीछे साइंस का द‍िलचस्‍प खेल छ‍िपा हुआ है। दरअसल, पॉपकॉर्न बनने का पूरा प्रॉसेस गर्मी, स्‍टीम और प्रेशर पर ट‍िका होता है। हम आपको इसके बारे में आसान भाषा में समझा रहे हैं। आइए जानते हैं-

हर मक्का पॉपकॉर्न नहीं बन सकता

कई लोगों को लगता है क‍ि क‍िसी भी मक्‍के को गर्म करेंगे तो वह पॉपकॉर्न बन जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं है। पॉपकॉर्न बनाने के लि‍ए मक्‍के की एक खास वैरायटी का इस्‍तेमाल क‍िया जाता है। इसे Zea Mays Everta कहा जाता है। इसी क‍िस्‍म के दाने गर्म होने पर फूटते हैं और पॉपकॉर्न बन जाते हैं। अगर आप नॉर्मल मक्के के दानों को इसी तरह गर्म करेंगी, तो वो आमतौर पर पॉपकॉर्न की तरह नहीं फूटेंगे।

दाने के अंदर छिपा होता है असली राज

पॉपकॉर्न वाले मक्के के दाने के बाहर एक बहुत ही मजबूत लेयर होती है। इसे पेरीकार्प (Pericarp) कहा जाता है। ये इतनी हार्ड होती है क‍ि दाने के अंदर की नमी और स्‍टार्च को अच्‍छी तरह से बंद क‍िए रहते हैं। पॉपकॉर्न वाले दाने में थोड़ी मात्रा में पानी भी होता है, जो इस पूरे प्रॉसेस में बहुत जरूरी होता है।

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गर्म होते ही शुरू हो जाता है खेल

जब मक्के के दाने को गर्म किया जाता है, तो उसके अंदर जो पानी होता है, वो धीरे-धीरे गर्म होने लगता है। कुछ समय बाद ये पानी भाप में बदल जाता है, लेकिन दाने की बाहर वाली लेयर बहुत मजबूत और बंद होती है, इसलिए भाप बाहर नहीं निकल पाता है। ऐसे में नतीजा ये होता है कि दाने के अंदर दबाव लगातार बढ़ने लगता है।

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दाने के अंदर बनता है जबरदस्त प्रेशर

जैसे-जैसे टेंपरेचर बढ़ता है, भाप का दबाव भी बढ़ता जाता है। दाने की जाे लेयर होती हैं, वो कुछ हद तक इस दबाव को झेल लेती हैं, लेक‍िन कुछ ही समय बाद दाने फूट जाते हैं। बताया जाता है क‍ि जब दाने का टेंपरेचर लगभग 180 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है, तो अंदर बना दबाव बहुत ज्यादा हो जाता है। इसके बाद दाने की बाहर वाली जेयर अचानक फट जाती है। यही वो समय होता है जब हमें पॉप की आवाज सुनाई देती है। असल में ये आवाज दाने के फटने की होती है।

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सफेद और फूला हुआ पॉपकॉर्न कैसे बनता है?

जैसा क‍ि हमने आपको ऊपर बताया क‍ि दाने के अंदर सिर्फ पानी ही नहीं, बल्कि स्टार्च भी होता है। ऐसे में गर्मी की वजह से ये स्टार्च सॉफ्ट और जेल जैसा बन जाता है। जैसे ही दाना फटता है, ये गर्म स्टार्च तेजी से बाहर निकलता है। बाहर आते ही इसका टेंपरेचर तेजी से कम होने लगता है और ये सफेद, हल्का और फूला हुआ शेप ले लेता है। यही पॉपकॉर्न होता है जिसे हम खाते हैं।

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यही कारण है कि पॉपकॉर्न सिर्फ खाने में मजेदार नहीं है, बल्कि इसके पीछे छिपा साइंस भी उतना ही दि‍लचस्‍प है। साथ ही अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

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