आजकल भागदौड़ भरी जिंदगी में फिटनेस पर ध्यान देना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। खासकर ऑफिस में 8 से 9 घंटे लगातार बैठना हमारी हेल्थ पर बुरा असर डाल सकता है। इस बीच अधिकतर लोग अपने खानपान में कई तरह के बदलाव कर रहे हैं। बढ़ती जागरूकता के बीच 'एयर फ्रायर' अब हर भारतीय रसोई का लोकप्रिय हिस्सा बन चुका है। फ्रेंच फ्राइज से लेकर समोसे और पकोड़े तक लोग अब एयर फ्रायर का इस्तेमाल कर बनाने लगे हैं।

एयर फ्रायर क्या है? 

विज्ञापन के मुताबिक एयर फ्रायर बिना एक बूंद तेल के या बहुत कम तेल में क्रिस्पी खाना तैयार कर सकता है। क्या आपने कभी सोचा है कि बिना उबलते तेल के खाना इतना करकरा कैसे हो जाता है? अगर आप भी इस चीज को लेकर कन्फुज हैं, तो आज इस लेख में हम आपको बताएंगे, कि क्या एयर फ्रायर से बना खाना पूरी न्यूट्रिशस और बीमारियों से मुक्त होता है या इसके कुछ नुकसान हैं? आइए जानते हैं इसके बारे में।

कैसे काम करता है एयर फ्रायर?

एयर फ्रायर एक तरह से कन्वेक्शन ओवन है। इसके ऊपरी हिस्से में हीटिंग कॉइल और तेज पंखा लगा होता है, जो 200 डिग्री सेल्सियस तक की गर्म हवा को खाने के चारों ओर पहुंचता है। इस प्रक्रिया को 'रैपिड एयर टेक्नोलॉजी' कहा जाता है। तेज गर्म हवा खाने के बाहरी हिस्से की नमी को सुखा देती है और 'मेलार्ड रिएक्शन' पैदा करती है। इस रिएक्शन की वजह से खाना बिना तेल में डुबोए भी कुरकुरा लगता है।

तेल में तलना या एयर फ्राई करना, क्या है बेहतर? 

अक्सर लोग कड़ाही में डीप फ्राई करते हैं। ऐसे में खाना ढेर सारा तेल सोख लेता है, जिससे उसमें सैचुरेटेड फैट और कैलोरी की मात्रा 70 से 80 प्रतिशत तक बढ़ जाती है। वहीं बात करें एयर फ्रायर की, तो यह आधा चम्मच तेल ग्रीसिंग के लिए इस्तेमाल होता है, जिससे कैलोरी का इनटेक ना के बराबर होता है। वजन घटाने और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रखने के लिए यह फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, लंबे समय तक तेज तापमान में खाना पकने के कारण भोजन के कुछ विटामिंस नष्ट हो जाते हैं।

क्या एयर फ्रायर कैंसर के खतरे को कम करता है?

जब आलू या ब्रेड जैसे स्टार्च वाले खाने को तेज आंच पर तेल में तला जाता है, तब उनमें 'एक्रिलामाइड' नाम का जहरीला रसायन बनता है, जो कैंसर का कारक माना जाता है। अध्ययनों के अनुसार, एयर फ्रायर का इस्तेमाल करने से खाने में एक्रिलामाइड का बनना 90% तक कम हो जाता है। ध्यान रहे, एयर फ्रायर में भी खाना जल सकता है, ऐसे में इसे अत्यधिक जलने न दें। 

एयर फ्रायर से जुड़े 3 सबसे बड़े मिथक और हकीकत

अगर आप भी एयर फ्रायर का इस्तेमाल कर रही हैं, तो जान लें 3 बड़े मिथक और हकीकत के बारे में। 

क्या यह 0% तेल में बिल्कुल वैसा ही स्वाद देता है?

यह 0% तेल में बिल्कुल वैसा ही स्वाद नहीं दे पाता है। बिना तेल इस्तेमाल कर बनाया गया खाना कई बार बहुत ज्यादा ड्राई और बेस्वाद लग सकता है। ऐसे में हल्का सा ऑयल स्प्रे करना जरूरी हो सकता है।

क्या एयर फ्रायर का खाना पूरी तरह जंक-फ्री होता है?

अगर आप कम तेल में एयर फ्रायर में फ्रोजन फ्राइज या नगेट्स पका रही हैं, तो उनमें मौजूद प्रीजर्वेटिव्स और सोडियम सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

क्या इसमें कोई भी चीज पकाई जा सकती है?

गीले बैटर वाली चीजें या हरी पत्तेदार सब्जियां इसमें सही से नहीं पक पाती हैं।

निष्कर्ष:  एयर फ्रायर आजकल बहुत ज्यादा चलन में हैं। आप इसका इस्तेमाल कर निश्चित रूप से डीप-फ्राई कर सकती हैं। ऐसे में जब भी आप इसका इस्तेमाल करें, तो समझदारी से और सही तापमान पर उपयोग करें। यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहे हरजिंदगी से।  

(image credit: MAGNIFIC)