रात का सन्नाटा, समंदर की लहरें और नीली चमकदार रोशनी देखने का हर किसी का सपना होता है। यह नजारा वाकई किसी जादुई दुनिया से कम नहीं लगता। लहरों में नीले रंग के इस जादुई उजाले को विज्ञान की भाषा में बायोलुमिनेसेंस कहा जाता है। अक्सर सोशल मीडिया पर हमारे सामने ऐसी तस्वीरें या वीडियो आ जाते हैं, जिन्हें देखकर विश्वास नहीं होता कि क्या सच में ऐसी कोई जगह हो सकती है? हालांकि, बहुत कम लोग जानते हैं कि ऐसा जादुई नजारा हमारे अपने देश भारत में भी देखा जा सकता है। जी हां, देश के दो प्रमुख द्वीप ऐसे हैं, जहां रात के समय समुद्र नीली रोशनी से जगमगा उठता है।
भारत के दो नीले चमकते समुद्र
लक्षद्वीप का बंगाराम आइलैंड और अंडमान का हैवलॉक आइलैंड, ये दोनों ही जगहें बायोलुमिनेसेंस के इस अद्भुत नजारे के लिए पूरी दुनिया में मशहूर हैं। आइए जानते हैं भारत की इन दोनों खूबसूरत जगहों के बारे में।
1. बंगाराम द्वीप, लक्षद्वीप
अंडमान और निकोबार प्रशासन के पर्यटन निदेशालय का आधिकारिक पोर्टल और राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान के अनुसारलक्षद्वीप का यह खूबसूरत और शांत द्वीप अपनी प्राकृतिक सुंदरता और नीले चमकते समुद्र के लिए जाना जाता है। बंगाराम द्वीप के साफ और पारदर्शी पानी में रात के समय जब लहरें उठती हैं, तब पूरा समंदर नीले तारों की तरह चमकने लगता है। यह नजारा बिल्कुल एक खूबसूरत सपने की तरह लगता है।
यहां पानी में मौजूद छोटे-छोटे सूक्ष्मजीव हलचल महसूस होने पर एक प्राकृतिक रासायनिक प्रक्रिया के ज़रिए नीली रोशनी छोड़ते हैं। प्रदूषण न होने और कम भीड़भाड़ के कारण बंगाराम में यह नजारा बेहद साफ और सुंदर दिखाई देता है। भारत ही नहीं, बल्कि इस नजारे को देखने के लिए विदेशों से भी कई पर्यटक यहां पहुंचते हैं।
2. हैवलॉक द्वीप, अंडमान
नीले रंग से जगमगाते समुद्र को देखने की चाह रखने वालों के लिए अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का हैवलॉक आइलैंड भी सबसे बेहतरीन डेस्टिनेशन हो सकता है। यहां रात के समय राधानगर बीच या मैंग्रोव के जंगलों के पास समुद्री पानी में नीली चमक दिखाई देती है।
इतना ही नहीं, यहां आप नाइट कायाकिंग का भी शानदार अनुभव ले सकती हैं। जब आप रात में नाव को पानी में आगे बढ़ाती हैं, तो चप्पू के पानी से टकराते ही नीले रंग की रोशनी की लकीरें बनने लगती हैं, जो देखने में बेहद अलौकिक और खूबसूरत लगती हैं।
क्या है बायोलुमिनेसेंस के पीछे का वैज्ञानिक सच?
पानी में इस नीली रोशनी का उभरना एक नेचुरल केमिकल रिएक्शन का हिस्सा है। समुद्र के पानी में बहुत छोटे-छोटे जीव होते हैं, जिन्हें डिनोफ्लैगलेट्स कहा जाता है। जब भी इनसे कोई लहर टकराती है, हवा चलती है या कोई इंसान पानी में हलचल पैदा करता है, तो ये जीव अपने बचाव में शरीर के अंदर एक रिएक्शन करते हैं। इसी रिएक्शन की वजह से पानी में से नीली रोशनी निकलने लगती है।
भारत के इन चमकते द्वीपों तक कैसे पहुंचें ?
बंगाराम द्वीप (लक्षद्वीप) पहुंचने का तरीका: यहां आने के लिए सबसे पहले केरल के कोच्चि एयरपोर्ट (COK) से अगाती द्वीप (AGX) के लिए फ्लाइट लें। अगाती एयरपोर्ट पहुंचने के बाद वहां से बंगाराम द्वीप के लिए स्पीडबोट या बोट सर्विस ले सकती हैं।
हैवलॉक द्वीप (अंडमान) पहुंचने का तरीका: इसके लिए सबसे पहले पोर्ट ब्लेयर के वीर सावरकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IXZ) पहुंचें। इसके बाद पोर्ट ब्लेयर से हैवलॉक द्वीप जाने के लिए सरकारी या प्राइवेट नाव की सेवा ले सकती हैं।
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निष्कर्ष:
अगर आप भी नई-नई जगहें एक्सप्लोर करने की शौकीन हैं, तो अब अपनी ट्रैवल लिस्ट में इन दो खूबसूरत द्वीपों को ज़रूर शामिल करें। भारत के बंगाराम और हैवलॉक द्वीप आपकी अगली छुट्टियों के लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन हो सकते हैं। यहाँ के चमकीले समुद्र तटों का नजारा आपकी ट्रिप को हमेशा के लिए यादगार बना देगा। यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहे हर जिंदगी से।
(image credit: magnific)
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