मानसून की फुहारें ढलने के बाद भारत के कई ऑफबीट हिल स्टेशन और कुदरती इलाके एक अद्भुत छटा बिखेरने लगते हैं। बारिश के बाद चारों तरफ छाई धुंध, उफनते झरने और मखमली हरियाली इन शांत जगहों की खूबसूरती में चार चांद लगा देती है। अगर आप भीड़भाड़ से दूर किसी सुकून भरी जगह पर घूमने का मन बना रहे हैं, तो इन तीन चुनिंदा ऑफबीट डेस्टिनेशंस का रुख कर सकते हैं।

मानसून के बाद घूमें इन जगहों पर

यहां दिए गए तीन ऑप्शंस आपके बेहद काम आ सकते हैं, जानते हैं इनके बारे में...

1. पचमढ़ी, मध्य प्रदेश (सतपुड़ा की रानी)

समुद्र तल से 1,607 मीटर की ऊंचाई पर बसा पचमढ़ी मध्य प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन है। इसे 'सतपुड़ा की रानी' भी कहा जाता है। बारिश के मौसम के ठीक बाद यहां के घने जंगल, बी फॉल्स और अप्सरा विहार जैसे प्राकृतिक झरने जीवंत हो उठते हैं। भागदौड़ भरी जिंदगी से ब्रेक लेने के लिए यह सबसे मुफीद जगह है।

मुख्य आकर्षण: बी फॉल्स, अप्सरा विहार, पांडव गुफाएं और सतपुड़ा के मनमोहक व्यू-पॉइंट्स।

कैसे पहुंचें:

हवाई मार्ग: सबसे नजदीकी हवाई अड्डा भोपाल का राजा भोज एयरपोर्ट (222 किमी) है, जहां से इंदौर, दिल्ली और मुंबई के लिए सीधी उड़ानें हैं। जबलपुर एयरपोर्ट (300 किमी) भी एक विकल्प है।

रेल मार्ग: सबसे पास पिपरिया रेलवे स्टेशन (54 किमी) है, जो दिल्ली, मुंबई, सूरत और नागपुर जैसी प्रमुख दिशाओं से सीधे जुड़ा हुआ है।

सड़क मार्ग: भोपाल, जबलपुर, नागपुर और इंदौर से पचमढ़ी के लिए नियमित बसें और टैक्सियां आसानी से मिल जाती हैं।

2. चोपता, उत्तराखंड (भारत का मिनी स्विट्जरलैंड)

गढ़वाल हिमालय की गोद में लगभग 2,608 मीटर की ऊंचाई पर स्थित चोपता को 'भारत का मिनी स्विट्जरलैंड' कहा जाता है। मखमली बुग्यालों (घास के मैदान) और बर्फ से ढकी चोटियों से घिरा यह इलाका पंच केदार (तुंगनाथ, केदारनाथ, रुद्रनाथ, मदमहेश्वर और कल्पेश्वर) के मध्य में स्थित है। यह स्थान बर्ड वॉचिंग के शौकीनों के लिए स्वर्ग है, जहां हिमालयन मूनल सहित पक्षियों की 240 से अधिक प्रजातियां पाई जाती हैं।

मुख्य आकर्षण: तुंगनाथ ट्रेक, देवरिया ताल, दुगलबिट्टा और बर्ड वॉचिंग।

कैसे पहुंचें

हवाई मार्ग: निकटतम हवाई अड्डा देहरादून का जॉली ग्रांट एयरपोर्ट (221 किमी) है, जहां से ऋषिकेश या चोपता के लिए सीधी टैक्सी मिलती है।

रेल मार्ग: सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन ऋषिकेश (202 किमी) है, जो देश के बड़े शहरों से जुड़ा हुआ है।

सड़क मार्ग: दिल्ली (आईएसबीटी कश्मीरी गेट) से ऋषिकेश या श्रीनगर के लिए बसें मिलती हैं। वहां से ऊखीमठ और चोपता के लिए लोकल टैक्सियां उपलब्ध हैं। 

3. अगुम्बे, कर्नाटक (दक्षिण भारत का चेरापूंजी)

कर्नाटक के शिमोगा जिले में स्थित अगुम्बे अपनी मूसलाधार बारिश और घने वर्षावनों (Rainforests) के लिए पूरे देश में मशहूर है। पश्चिमी घाट की वादियों में बसा यह गांव प्रकृति प्रेमियों, फोटोग्राफरों और ट्रेकर्स के लिए किसी जन्नत से कम नहीं है।

मुख्य आकर्षण: शरावती घाटी का सनसेट पॉइंट, ओनाके अब्बी और बारकाना वॉटरफॉल, तथा अगुम्बे रेनफॉरेस्ट रिसर्च स्टेशन।

कैसे पहुंचें:

  • हवाई मार्ग: निकटतम हवाई अड्डा मैंगलोर इंटरनेशनल एयरपोर्ट (100 किमी) है।
  • रेल मार्ग: मैंगलोर और शिवमोग्गा (शिमोगा) मुख्य रेलवे स्टेशन हैं, जहां से अगुम्बे के लिए सीधी बस सेवाएं उपलब्ध हैं।
  • सड़क मार्ग: बेंगलुरु से अगुम्बे के लिए सीधी केएसआरटीसी (KSRTC) बसें चलती हैं।

निष्कर्ष

बारिश के बाद की ताजगी और खुशनुमा मौसम में इन ऑफबीट जगहों की यात्रा करना एक यादगार अनुभव साबित होता है। पचमढ़ी के शांत झरने, चोपता के मखमली मैदान और अगुम्बे के घने जंगल आपको प्रकृति के बेहद करीब ले आते हैं। अपनी सुविधा के अनुसार इन जगहों का चुनाव करें और इस सुहावने मौसम का पूरा आनंद लें।

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Images: magnific