हमारे यहां भारत में देवों के देव महादेव के कई मंद‍िर हैं, जो अपनी अनोखी परंपराओं और रहस्‍याें की वजह से जाने जाते हैं। उन्‍हीं में से एक केरल के मलप्‍पुरम ज‍िले में मौजूद नीरपथूर महादेव मंद‍िर भी है। इस मंद‍िर की सबसे बड़ी खासि‍यत यह है क‍ि यहां भगवान श‍िव का श‍िवल‍िंग सालभर पानी में डूबा रहता है। यही वजह है क‍ि इस मंद‍िर में दर्शन करने के ल‍िए दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं।

मानसून में तो यहां का नजारा और भी खूबसूरत हो जाता है। सावन में तो एक अलग ही रंग देखने को म‍िलता है। चारों तरफ ग्रीनरी, बारिश का मौसम और पानी से भरा गर्भगृह इस मंदिर की खूबसूरती को और बढ़ा देता है। बताया जाता है क‍ि यह मंद‍िर करीब 3000 साल पुराना है। आइए इसके बारे में जानते हैं-

कहां है नीरपथूर महादेव मंदिर?

भगवान श‍िव का यह मंदिर केरल के मलप्पुरम जिले के पुथूर गांव में स्थित है। मंदिर का संचालन मालाबार देवस्वम बोर्ड करता है। यहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन करने के ल‍िए आते हैं।

इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत क्या है?

इस मंदिर की सबसे बड़ी खास‍ियत इसका गर्भगृह ही है। यहां भगवान शिव शिवलिंग के रूप में विराजमान हैं और गर्भगृह में पूरे साल पानी भरा रहता है। यही वजह है कि यह मंदिर केरल के सबसे अनोखे शिव मंदिरों में शामिल है।

यह भी पढ़ें- ह‍िमाचल प्रदेश में बेहद ऊंचाई पर हैं ये श‍िव मंद‍िर, सावन में जरूर करने जाएं दर्शन

शिवलिंग हमेशा पानी में क्यों रहता है?

बताया जाता है कि‍ मंदिर में मौजूद शिवलिंग स्वयंभू है। यानी यह‍ अपने आप प्रकट हुआ था। वहीं, गर्भगृह में भरा यह पवित्र जल मां गंगा का प्रतीक है।

क्यों खास हो जाते हैं यहां के दर्शन?

मंदिर के आसपास हरियाली छाई रहती है। गर्भगृह में मौजूद पानी का दृश्य और भी सुंदर द‍िखता है। लोग यहां भारी संख्‍या में श‍िवल‍िंग के दर्शन करने आते हैं। हालांकि, कई बार भारी बारिश की वजह से पानी का लेवल बढ़ जाता है, इसलिए दर्शन की व्यवस्था मौसम के अनुसार बदल दी जाती है।

यह भी पढ़ें- इतनी कठिन होने के बाद भी लोग क्यों करते हैं Amarnath Yatra? वजह जान लें यहां

यहां कौन-कौन से त्योहार मनाए जाते हैं?

मंदिर में महाशिवरात्रि का पर्व बहुत श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। इसके अलावा सहस्र दीपम भी यहां का प्रमुख उत्सव है। इस मौके पर मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और दीपों की रोशनी से पूरा परिसर जगमगा उठता है।

क्यों अलग है यह मंदिर?

नीरपथूर महादेव मंदिर सिर्फ धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि अपनी अनोखी बनावट की वजह से भी खास है। जहां ज्यादातर मंदिरों में गर्भगृह सूखा रहता है, वहीं यहां भगवान शिव का शिवलिंग पूरे साल पानी से भरा रहता है।

यह भी पढ़ें- 4 दिनों में घूम लेंगी महाराष्ट्र के ये 3 बड़े शिव मंदिर, नोट करें लें यह आसान ट्रैवल गाइड

कैसे पहुंचें?

यहां पहुंचने के ल‍िए कई ऑप्‍शंस हैं-

  • हवाई जहाज से: कालीकट अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा मंदिर से 60 किलोमीटर दूर है।
  • ट्रेन से: तिरूर रेलवे स्टेशन मंदिर से 60.7 किलोमीटर की दूरी पर है।
  • बस या सड़क मार्ग से: पेरिंथलमन्ना KSRTC बस डिपो मंदिर से 25.9 किमी दूर है।

यहां जाने के ल‍िए इन बाताें का रखें ध्‍यान

  • बारिश के मौसम में फिसलन हो सकती है, इसलिए कंफर्टेबल जूते पहनें।
  • मंदिर में प्रवेश से पहले वहां के नियमों का पालन करें।
  • पूजा और दर्शन के समय शांति बनाए रखें।
  • अगर मानसून में जा रहे हैं, तो मौसम की जानकारी पहले से ले लें।

तो अगर आप भी कोई ऐसी धार्मिक जगह देखना चाहती हैं, जहां आस्था के साथ नेचर का अनोखा संगम भी देखने को मिले, तो केरल का नीरपथूर महादेव मंदिर आपकी ल‍िस्‍ट में जरूर होना चाहिए। साथ ही अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

Source-

https://www.keralatourism.org/temples/malappuram/neerputhoor-mahadeva

https://keralatemples.info/temple-details/neerputhoor-temple

Cover Image Credit- Freepik/Instagram(ashwingandhi)

inside image credit- kerala tourism/temples of india