फ्रिजी बालों की समस्या ज्यादातर कर्ली (घुंघराले) और ड्राई बालों में होती है। सीधे बालों वाले लोग अगर ध्यान न भी दें, तो उनके बाल ठीक दिखते हैं, लेकिन कर्ली बालों की अगर थोड़ी-सी भी देखभाल न की जाए, तो वे खराब दिखने लगते हैं। कर्ली बालों को सुंदर बनाए रखने के लिए सही पोषण और नमी (हाइड्रेशन) की बहुत जरूरत होती है। कई बार हम अपने हेयर केयर रूटीन में ही कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिससे बाल और ज्यादा बिगड़ जाते हैं। इसलिए बालों के रूखेपन और टूटने की वजह को समझकर ही सही रूटीन अपनाना चाहिए। यह जानकारी पर्प सलॉन, नोएडा के हेयर एक्सपर्ट निक्की शमीम से बातचीत पर आधारित है। आइए जानते हैं विस्तार से...
सही क्लीनिंग रूटीन न रखना
कर्ली बालों को शैंपू करते समय आपको यह ध्यान देने की जरूरत है कि बहुत कम शैंपू और बहुत ज्यादा शैंपू दोनों ही बुरे साबित हो सकते हैं। ऐसे बालों को स्ट्रेट बालों की तरह हर दिन शैंपू नहीं किया जा सकता है, इससे उनका नेचुरल ऑयल और मॉइश्चर खत्म हो जाता है। इसके कारण बाल रूखे हो सकते हैं और ज्यादा उड़े-उड़े हुए से भी नजर आते हैं। वहीं कम शैंपू की वजह से भी कर्ली बालों में डस्ट आसानी से जमा हो जाता है।
सुझाव: अगर बाल कर्ली हों तो कम से कम सप्ताह में 3 बार शैंपू करें और सफाई का विशेष ध्यान रखें। गौर करें कि इन्हें सही तरह के हाइड्रेटिंग शैंपू के बाद ही वॉश किया जाए।
कंडीशनर का इस्तेमाल न करना
यह कर्ली और टेक्सचर्ड बालों वाले लोगों के लिए सबसे बड़ी गलती साबित हो सकती है। जो लोग ऐसा करते हैं उनके बाल डल, ड्राई और फ्रिजी रहते हैं। यह बहुत जरूरी है कि आप हर बार बाल धोने के बाद कंडीशनर का इस्तेमाल करें। एक क्रीमी और हाइड्रेटिंग कंडीशनर इस्तेमाल करना बहुत जरूरी है। ऐसे लोगों को वॉटर बेस्ड नहीं, बल्कि क्रीम बेस्ड कंडीशनर इस्तेमाल करना चाहिए। इसी के साथ हाइड्रेशन का भी ख्याल रखें। बालों को बहुत रफ तरीके से कैरी करना या फिर बार-बार कंघी करना भी गलत होगा।
सुझाव: बार-बार कॉम्ब करने से भी बाल टूटते हैं। बालों में कंघी दो बार करें—सुबह उठकर या सोते समय। बालों के टेक्सचर के अनुसार ही अपना कंडीशनर चुनें।
लीव-इन कंडीशनर का यूज न करना
अगर आपके बाल बहुत ज्यादा कर्ली हैं, तो यह जरूरी है कि शावर लेने के बाद कर्ली बालों को अच्छी तरह कंडीशन किया जाए। कई बार सिर्फ शैंपू के साथ वाला कंडीशनर काफी नहीं होता है, बल्कि लॉन्ग लास्टिंग हाइड्रेशन के लिए यह जरूरी है कि लीव-इन कंडीशनर लगाएं। इसे कम मात्रा में लगाएं, वरना यह बालों को चिपचिपा बना सकता है। इसके अलावा कर्ल्स को प्रोटेक्ट करने के लिए और उन्हें बाउंसी बनाने के लिए भी लीव-इन कंडीशनर का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह कंडीशनर आपको पोल्यूशन, यूवी रेज और ह्यूमिडिटी से बचाता है।
सुझाव: बालों में लंबे समय तक नमी बरकरार रखने के लिए लीव-इन कंडीशनर लगाएं। यह हर तरह के बालों के टेक्सचर पर काम करेगा।
सही तरह से बालों को न सुलझाना
कर्ली या टेक्सचर्ड बालों के लिए मोटे दांतों वाली सॉफ्ट कंघी का इस्तेमाल करना चाहिए। कर्ली बालों को ड्राई कॉम्ब करने पर कर्ल पैटर्न खराब हो जाता है। इसलिए इन्हें बहुत ही सहूलियत से सुलझाना चाहिए। अगर बालों के सूखने के बाद भी आप उन्हें सुलझाने की कोशिश करेंगे, तो यह बालों के लिए अच्छा नहीं होगा। इससे बाल कमजोर होने के साथ फ्रिजी भी हो जाएंगे।
सुझाव: शावर लेते समय ही बालों को सुलझाएं, जब उनमें कंडीशनर लगा हो। ऐसे समय में सॉफ्ट और वाइड टूथ वाली कंघी जरूरी है।
सल्फेट और सिलिकॉन वाले प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना
कर्ली बालों वाले लोगों को बहुत ज्यादा झाग वाले शैंपू का इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं होती। बहुत ज्यादा झाग वाला शैंपू इस्तेमाल करने से आपको ऐसा महसूस हो सकता है कि शैंपू अच्छी तरह काम कर रहा है, लेकिन इससे बाल और भी ज्यादा ड्राई होते हैं। शैंपू में मौजूद सल्फेट बहुत ज्यादा झाग बनाता है और इसलिए यह बालों को डिहाइड्रेट करता है। यही वजह है कि इससे लोगों के बाल ज्यादा उड़े-उड़े से दिखते हैं।
सुझाव: जब कर्ली बालों की बात आती है तो मॉइश्चर बेस्ड हेयर वॉश ट्राई करें, जो बालों को आराम से साफ करने के साथ उन्हें नरिश भी करेगा। सिलिकॉन, सल्फेट, पैराबेन आदि सभी तरह के केमिकल्स बालों के लिए हानिकारक होते हैं।
गलत ब्लो-ड्राई करना
बालों को ड्राई करने के लिए एयर-ड्राई ही सबसे बेस्ट होता है। जब आप ब्लो-ड्राई करने के बारे में सोचते हैं तो यह ध्यान रखें कि कर्ली बालों को गर्म हवा और ज्यादा ड्राई कर देती है और मॉइश्चर तथा नेचुरल ऑयल्स भी चले जाते हैं, इससे बाल और भी खराब होते हैं।
सुझाव: जब ब्लो-ड्राई करना बहुत जरूरी हो, तो आप अपने ड्रायर के साथ डिफ्यूज़र इस्तेमाल कर सकते हैं। ध्यान रखें कि बालों को बहुत ज्यादा ड्राई करना सही नहीं होगा और इससे आपके कर्ल्स खराब हो जाएंगे।
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सोते समय बालों का ध्यान न रखना
ध्यान रखें कि बालों पर डायरेक्ट कॉटन के कपड़ों या बेडशीट का टच न हो, क्योंकि ये बालों को और अधिक रूखा बनाते हैं और नुकसान पहुंचाते हैं। ऐसी समस्या से छुटकारा पाने के लिए अपने सिर पर सिल्क या सैटिन का स्कार्फ या सिल्क फैब्रिक से बनी कैप बांध सकते हैं। इसके अलावा सिल्क के ही पिलो कवर का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे बालों और कपड़े के बीच का फ्रिक्शन खत्म होता है और यह आपके बालों को ज्यादा बेहतर लुक देता है।
सुझाव: कॉटन फैब्रिक से बाल खिंचते हैं क्योंकि कपड़े पर बाल चिपक जाते हैं, जबकि सिल्क फैब्रिक से बाल न तो चिपकते हैं और न ही खिंचते हैं। इसलिए बालों में रबरबैंड में सिल्क फैब्रिक की स्क्रंची का इस्तेमाल करना चाहिए।
तमाम लोग सिर में ऑयलिंग नहीं करते, फ्रिजी बालों की एक सबसे बड़ी वजह यह भी है। रोजाना नहीं तो हफ्ते में 2 से 3 बार ऑयल मसाज जरूर करें। तेल से बालों को नमी मिलती है, साथ ही पोषण भी। इससे फ्रिजी बालों की समस्या दूर हो जाती है। तेल से मसाज करने पर बाल मजबूत और शाइनी हो जाते हैं। कोकोनट या मस्टर्ड ऑयल से ही बालों की चंपी करें। ये तेल बालों के लिए बेहतर माने जाते हैं।
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प्रस्तुति : गीतांजलि
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