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Mahabharat Katha: जानबूझकर श्री कृष्ण ने नहीं बचाए थे अभिमन्यू के प्राण, जानें कारण

महाभारत के वीर योद्धाओं में एक नाम अभिमन्यु का भी आता है। माना जाता है कि श्री कृष्ण को पता था कि अभोमंयु के साथ कौरव क्या करने वाले हैं लेकिन इसके बावजूद भी उन्होंने अभिमन्यु को नहीं बचाया।
Updated:- 2023-04-05, 16:32 IST
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Shri Krishna Ne Abhimanyu Ko Kyu Nahi Bachaya: महाभारत के वीर योद्धाओं में एक नाम अर्जुन पुत्र अभिमन्यु का भी गिना जाता है। अभिमन्यु को लेकर ऐसा वर्णित है कि वह बहुत कम उम्र में ही युद्ध कौशल में निपुण हो गया था और जब महाभारत का युद्ध आरंभ हुआ तब कौरवों के कई महारथियों को अभिमन्यु ने हार का स्वाद चखा दिया था। 

ऐसा माना जाता है कि जब युद्ध में अभिमन्यु द्वारा कौरवों के चक्रव्यूह में प्रवेश करने की योजना पांडव बिना अर्जुन को बताये बना रहे थे तब श्री कृष्ण को इस विषय में पहले से ही ज्ञात था कि अगले दिन युद्ध के मैदान में अभिमन्यु के साथ क्या होने वाला है लेकिन इसके बाद भी श्री कृष्ण ने न तो पांडवों को इस बारे में सचेत किया और न ही अभिमन्यु की रक्षा की।

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ज्योतिष एक्सपर्ट डॉ राधाकांत वत्स से जब हमने इस बारे में पूछा तो उन्होंने हमें बताया कि श्री कृष्ण (श्री कृष्ण के 5 जिंदा सबूत) के ऐसा करने के पीछे की वजह क्या थी। उन्होंने हमें बताया कि श्री कृष्ण ने चंद्रमा के हठ के कारण ही अभिमन्यू को नहीं बचाया था क्योंकि अभिमन्यु चंद्र देव का पुत्र था और चंद्र देव नहीं चाहते थे कि उनका पुत्र यानी कि अभिमन्यु महाभारत का युद्ध लड़े। 

lord krishna and abhimanyu

असल में महाभारत के अनूसार, चंद्रमा का एक पुत्र था जिसका नाम वर्चा था। जब यह तय हो रहा था कि हर एक देवता के पुत्र पांडव कुल में जन्म लेंगे तब चंद्रमा नहीं चाहते थे कि पांडवों के कुल में उनका पुत्र जन्म ले लेकिन भगवान विष्णु की आज्ञा को चन्द्रमा टालना भी नहीं चाहते थे। ऐसे में अपने पुत्र को वह पांडव कुल में भेजने के लिए तैयार हो गए। 

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चन्द्रमा ने अन्य देवताओं के समक्ष यह शर्त रख दी की उनका पुत्र वर्चा अर्जुन (अजुन ने क्यों ली थी भीषण प्रतिज्ञा) के पुत्र अभिमन्यु के रूप में जन्म लेगा और बहुत ही अल्प समय के लिए वह पृथ्वी पर रहेगा। यही कारण था कि महाभारत युद्ध के 13वें दिन ही अभिमन्यु अपनी वीरता दिखाते हुए वीरगति को प्राप्त हुआ और श्री कृष्ण ने अभिमन्यु को कौरवों के छल से जानबूझकर नहीं बचाया।       

 

तो इस कारण से श्री कृष्ण ने महाभारत युद्ध में नहीं की थी अभिमन्यु के प्राणों की रक्षा। अगर हमारी स्टोरीज से जुड़े आपके कुछ सवाल हैं, तो वो आप हमें आर्टिकल के नीचे दिए कमेंट बॉक्स में बताएं। हम आप तक सही जानकारी पहुंचाने का प्रयास करते रहेंगे। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

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