Fri Sep 11, 2026 | Updated 10:59 PM IST

मॉल में घुसते ही लोग क्यों लेते हैं राइट टर्न? जानें Shopping Mall के 4 साइकोलॉजिकल सीक्रेट्स

क्या आपने कभी इस बात पर गौर किया है कि शॉपिंग मॉल में घुसते ही हम में अधिकतर लोग अपने दाएं हाथ की ओर मुड़ते हैं? अगर नहीं किया है, तो अगली बार जब भी मॉल जाएं इस बात पर ध्यान दें। आज के इस लेख में हम आपको 4 ऐसे साइकोलॉजिकल सीक्रेट्स के बारे में बताने जा रहे हैं।
Updated:- 2026-06-29, 13:22 IST
Shopping mall psychology secrets

वीकेंड हो या फिर घूमने का मन हो, तो हम सभी शॉपिंग मॉल जाना पसंद करते हैं। जब भी हम किसी बड़े मॉल में कदम रखते हैं, तो हमें लगता है कि हम अपनी मर्जी से घूम रहे हैं या चीजों से अट्रैक्ट हो रहे हैं, लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। ऐसा इसलिए क्योंकि मॉल के लेआउट से लेकर डेकोरेशन और म्यूजिक हर चीज को ऐसे सेट किया जाता है, जो हमें कंट्रोल करती है। अब आप कहेंगी कि ऐसा कैसे? क्या आपने कभी गौर किया है कि मॉल के गेट से अंदर जाते ही ज्यादातर लोग अपने आप राइट टर्न ले लेते हैं? बता दें कि यह कोई इत्तेफाक नहीं, बल्कि साइकोलॉजिकल सीक्रेट्स है। आज के इस लेख में हम आपको 4 ऐसी चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो हमें बेहद आम लगते हैं, लेकिन ऐसा होता नहीं है। नीचे लेख में जानें-

मॉल में घुसते ही राइट टर्न थ्योरी क्या है?

मॉल या किसी भी बड़े स्टोर में घुसते ही करीब अधिकतर लोग अनजाने में ही दाईं तरफ मुड़ जाते हैं। इसे रीटेल की दुनिया में इन्वेरिएंट राइट थ्योरी कहा जाता है। इसका कारण यह है कि दुनिया में ज्यादातर लोग सीधे हाथ से काम करने वाले हैं। जब हम किसी नई जगह जाते हैं, तो हमारा शरीर और नजरें प्राकृतिक रूप से दाईं तरफ ज्यादा कम्फर्टेबल महसूस करती हैं।

Retail store layout psychology

मॉल कंपनियां इस बात को ध्यान में रखते हुए प्रवेश द्वार के ठीक दाईं तरफ अपने सबसे महंगे, अट्रैक्टिव और नए प्रोडक्ट्स डिस्प्ले करते हैं ताकि अंदर घुसते ही आपकी नजर उन पर पड़े और आप उन्हें खरीदने के लिए जाएं।

इसे भी पढ़ें- भारत में बना दुनिया का सबसे बड़ा ऑफिस, जानिए इससे जुड़ी कुछ खास बातें

मॉल में घड़ियां क्यों नहीं होती हैं?

मॉल में घड़ियां इसलिए नहीं लगाते हैं। ऐसा इसलिए ताकि कस्टमर टाइम भूलकर ज्यादा देर शॉपिंग करे। इसे ग्रुएन इफेक्ट कहते हैं। जब घड़ी नहीं दिखती तो लोग टाइम का ध्यान नहीं रखते और बिना जल्दबाजी किए रुककर ज्यादा खरीदारी करते हैं।

ग्रॉसरी और जरूरी सामान की शॉप पीछे क्यों होती है?

अगर आपने ध्यान दिया हो, तो ग्रॉसरी और जरूरी सामान की शॉप मॉल में पीछे होती है। ऐसा इसलिए क्योंकि अगर इन्हें आगे या सबसे पहले कर दिया जाएगा, तो कस्टमर आकर अपना समान लेंगे और बिल देकर चले जाएंगे। पूरे मॉल में घुमाने के लिए वे जरूरी समान को सबसे पीछे छिपाकर रखते हैं। वहां तक पहुंचने तक आपको बहुत सारी चमचमाती दुकानें, डिस्काउंट बोर्ड और चॉकलेट-स्नैक्स के काउंटरों से होकर गुजरना पड़ता है। 

shopping mall layout psychology

फूड कोर्ट हमेशा ऊपरी मंजिल पर क्यों होता है?

मॉल में अगर आपने ध्यान दिया होगा कि फूड कोर्ट और सिनेमा हॉल की लोकेशन ज्यादातर टॉप फ्लोर यानी ऊपरी मंजिल पर होता है। इसके पीछे का कारण यह है कि भूख और मनोरंजन दो ऐसी चीजें हैं जो किसी को भी खींचकर ऊपर तक ले जा सकती हैं। जब कोई इंसान फूड कोर्ट में खाना खाने या फिल्म देखने ऊपर जाता है, तो उसे एस्केलेटर के जरिए हर मंजिल की दुकानों को देखते हुए गुजरना पड़ता है। लौटते वक्त भी वह सारी दुकानें देखता हुआ नीचे आता है। मॉल की भाषा में इसे कस्टमर फ्लो को बढ़ाना कहते हैं, जिससे न चाहते हुए भी लोग विंडोज शॉपिंग करते हैं और कुछ न कुछ खरीद ही लेते हैं।

इसे भी पढ़ें- 'अंसल प्लाजा'... दिल्ली के इस शॉपिंग मॉल में दिन में भी पैर रखने से घबराते हैं लोग, कभी था शहर की शान पर आज लोग कहने लगे इसे भूतिया

अगर आपने अभी तक शॉपिंग मॉल लेआउट पर गौर नहीं किया है, तो इस बार जरूर ध्यान दीजिएगा। साथ ही अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

Image Credit- Freepik


Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।