गरबा में गोल-गोल घूमकर ही क्यों नाचा जाता है? दीपक के चारों ओर घूमने के पीछे छिपा है बड़ा अर्थ

पूरे देश में इन दिनों नवरात्रि की धूम देखने को मिल रही है। नवरात्रि का उत्सव बिना गरबे के अधूरा सा लगता है। गरबा गुजरात का एक लोकप्रिय लोकनृत्य है, लेकिन नवरात्रि में पूरे देश में इसे बहुत उत्साह से किया जाता है। रंग-बिरंगे पारंपरिक कपड़े, तालियों की गूंज, ढोल की थाप और गोल घेरे में घूमते लोग, यही तो गरबे की पहचान है। गरबे के केंद्र में एक छेद वाला मिट्टी का घड़ा या छेद वाला एक पात्र रखा जाता है, जिसे गरबो या गरबी कहा जाता है, इसमें दीपक जलाया जाता है। इसके चारों ओर गोल घेरे में घूमते हुए लोग गरबा करते हैं, लेकिन क्या आपको इसके पीछे का कारण पता है? चलिए आपको गरबा में दीपक के चारों ओर गोल-गोल घूमकर नाचने के पीछे छुपा मतलब बताते हैं।
गरबा में गोल-गोल घूमकर नाचने का क्या है अर्थ?
1. जीवन चक्र का प्रतीक है गरबा
गरबा में गोल घेरे में नाचना जीवन के निरंतर चलते रहने का प्रतीक माना जाता है। जिस तरह जीवन में समय बदलता रहता है और दिन-रात का चक्र चलता रहता है, उसी तरह गरबा करने वाले लोग एक गोल घेरे में लगातार घूमते हैं। इस गोल आकार का कोई तय आरंभ या अंत नहीं होता, इसलिए इसे जीवन के लगातार चलते रहने और प्रकृति के चक्र से जोड़कर देखा जाता है।
2. दीपक के चारों ओर घूमने का धार्मिक महत्व
गरबा की परंपरा में मिट्टी के एक छिद्रदार पात्र, जिसे गरबी या गरबो कहा जाता है, में दीपक जलाया जाता है। इसे जीवन की ऊर्जा और मां दुर्गा की शक्ति का प्रतीक माना जाता है। पारंपरिक मान्यता के अनुसार, दीपक के चारों ओर घूमना शक्ति के प्रति श्रद्धा और समर्पण व्यक्त करने का एक तरीका है। गोल-गोल घूमने से शरीर में एक लय और एनर्जी आती है।
3. मां दुर्गा की आराधना से जुड़ा है गरबा
नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। गुजरात में गरबा को देवी शक्ति की आराधना का एक खास जरिया माना जाता है। नृत्य, संगीत और भक्ति के जरिए भक्त मां के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट करते हैं।
यह भी पढ़ें- लहंगे से कितनी अलग है गुजरात की 'चनिया चोली'? 2 हजार साल पुरानी है गरबा आउटफिट की कहानी
4. गोल घेरा एकता और समानता का देता है संदेश
गरबा की एक खास बात यह है कि इसमें लोग एक-दूसरे का हाथ थामकर या तालियां बजाते हुए गोल घेरे में नृत्य करते हैं। इस घेरे में सभी एक साथ कदम मिलाते हैं। इस गोल घेरे में कोई भी व्यक्ति बीच में आकर जुड़ सकता है। ऐसे में यह एकता का संदेश देता है।
यह भी पढ़ें- आज का गरबा कितना बदला? 2-ताली, 3-ताली और ‘हींच’ से समझिए पारंपरिक गरबा की बदलती कहानी
अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो इसे शेयर जरूर करें। इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हर जिंदगी के साथ।
Image Credit-ai(main image), Pinterest, Shutterstock
हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।