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अपने जवान पुत्र को नग्नावस्था में क्यों देखना चाहती थी महाभारत की ये स्त्री, क्या है इसके पीछे का अनोखा रहस्य

महाभारत की कुछ ऐसी कहानियां हैं जिनसे कुछ लोग आज भी अनजान हैं और उनसे जुड़े रहस्यों का पता लगा पाना मुश्किल है। ऐसे ही कुछ पात्रों का जिक्र भी महाभारत में किया गया है। 
Updated:- 2023-09-13, 19:03 IST
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हिंदू पौराणिक ग्रंथों में से सबसे प्रमुख है महाभारत। ये ऐसे कई पात्रों के बारे में बताता है जिनसे आज भी लोगों को प्रेरणा मिलती है और हममें से कई ऐसे हैं जो उनकी नीतियों का पालन करते हैं। वहीं महाभारत के कुछ ऐसे पात्र और घटनाएं भी हैं जो सभी के लिए एक रहस्य हैं।

ऐसे ही पात्रों में से महाभारत की एक स्त्री गांधारी का नाम भी लिया जाता है। गांधारी का जीवन महाभारत में कुछ ऐसे रहस्यों के इर्द गिर्द घूमता है जिनका पता लगा पाना आज भी मुश्किल है।

धृतराष्ट्र की पत्नी और कौरवों की मां गांधारी इस ग्रन्थ में अपनी अनूठी भूमिका और अटूट दृढ़ संकल्प के लिए जानी जाती हैं। वहीं उनका हमेशा आंखों को ढककर रखना भी किसी रहस्य से कम नहीं है।

अगर हम गांधारी से जुड़े अनसुने रहस्यों की बात करें तो एक यह भी है कि वो अपने सबसे बड़े पुत्र को एक बार नग्नावस्था में देखना चाहती थीं। दरअसल इसके पीछे का मुख्य कारण उनकी दृष्टि से दुर्योधन की अमृत्व का वरदान मिलने से जुड़ा हुआ था। आइए इस बारे में विस्तार से जानें कि आखिर गांधारी की इस मनसा के पीछे की वजह क्या थी। 

आखिर क्यों दुर्योधन को नग्नावस्था में देखना चाहती थीं गांधारी 

gandhari wanted to see duryodhan naked

यदि हम महाभारत ग्रंथ की मानें तो यह गांधारी के मातृ प्रेम के बारे में बताता है। दरअसल गांधारी की दृष्टि को वरदान था कि वो जिस स्थान को भी अपनी नग्न आंखों से देखेंगी वह लौह के सामान मजबूत हो जाएगा और यदि वो किसी मनुष्य को देख लेंगी तो जितने भी हिस्से में उनकी दृष्टि पड़ेगी वह अमृत्व को प्राप्त करेगा। गांधारी की यह अवधारणा उनके मातृ प्रेम को गहराई से दिखाती है। 

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गांधारी को प्राप्त थी अनोखी शक्ति 

राजा धृतराष्ट्र की पत्नी गांधारी को अपनी आंखों पर पट्टी बांधकर भविष्य बताने की अनोखी शक्ति प्राप्त थी। ऐसा भी माना जाता है कि अपने पति की अंधी अवस्था को देखते हुए ही गांधारी ने प्राण लिया था कि वो भी अपनी आंखों को पट्टी से ढक कर रखेंगी। गांधारी ने प्रतिज्ञा ली थी कि वो हमेशा इसी अवस्था में रहेंगी इसी वजह से वो हमेशा आंखों को ढककर रखती थीं। 

गांधारी को मिला था भगवान शिव का आशीर्वाद 

gandhari and duryodhan story

पौराणिक कथाओं के अनुसार गांधारी भगवान शिव की परम भक्त थीं। गांधारी ने भगवान शिव की तपस्या करके भगवान शिव से यह वरदान प्राप्त किया था कि वह जिसे भी वो खुली आंखों से और नग्न अवस्था में देखेगी, उसका शरीर वज्र का हो जाएगा।

इसी वजह से वो हमेशा आंखों में पट्टी बांधकर रखती थीं और अपने ज्येष्ठ पुत्र दुर्योधन (कौन थीं दुर्योधन की पत्नी भानुमति) को उनकी नग्नावस्था में देखना चाहती थीं जिससे वो अमरत्व प्राप्त कर सके और उसे युद्ध में हरा पाना मुश्किल हो जाए। महाभारत युद्ध के दौरान भीम से युद्ध से पहले गांधारी ने दुर्योधन से आग्रह किया की वो गांधारी के सामने नग्नावस्था में आ जाए जिससे उसके शरीर का हर एक हिस्सा वज्र के समान कठोर हो जाए। 

दुर्योधन ने नहीं माना गांधारी का आग्रह 

gandhari unknown story

गांधारी के आग्रह के बाद भी जब दुर्योधन उनके सामने आए तब दुर्योधन ने अपने गुप्तांगों को पत्तों से छिपा लिया। उस समय जब गांधारी ने अपनी आंखें खोली तब दुर्योधन उनके सामने पूर्ण रूप से नग्न अवस्था में नहीं थे जिसकी वजह से दुर्योधन का जितना शरीर पत्तों के पीछे छिपा था उसके अलावा पूरा शरीर वज्र के सामान कठोर हो गया और उन्हें यह शक्ति मिल गई कि कोई उन पर वार नहीं कर सकता है। 

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श्री कृष्ण ने दी थी दुर्योधन को निर्वस्त्र न होने की सलाह 

गांधारी के आग्रह पर जब दुर्योधन निर्वस्त्र माता गांधारी के सामने जाने लगे और बीच में वो श्रीकृष्ण के शिविर के बाहर से निकले उस समय श्रीकृष्ण ने हंसते हुए कहा कि दुर्योधन आप इस अवस्था में क्यों हैं।

श्रीकृष्ण कहते हैं तुम इस अवस्था में अपनी माता के पास क्यों जा रहे हो? तब दुर्योधन कहता है कि यह माता श्री का आदेश था। तब श्रीकृष्ण कहते हैं परंतु वह तो तुम्हारी माता हैं और इस तरह उसके सामने जाना ठीक नहीं है।

कोई भी वयस्क युवराज अपनी माता के सामने पूर्ण नग्न नहीं होता है और ये भरतवंश की परंपरा नहीं है। उनकी ये बातें सुनकर ही दुर्योधन ने अपने शरीर के कुछ हिस्सों को पत्तों से ढक लिया और वही हिस्से वज्र के नहीं बन पाए जिसकी वजह से महाभारत युद्ध में प्रहार के दौरान दुर्योधन को उन्हीं हिस्सों में आघात लगा जो वज्र के समान नहीं थे और उनकी मृत्यु हो गई। 

 

महाभारत की यह एक ऐसी कथा है जिससे कुछ लोग अंजान हैं और शायद यह रहस्य आज भी अनसुना लगता है। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे फेसबुक पर शेयर और लाइक जरूर करें। इसी तरह और भी आर्टिकल पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से। अपने विचार हमें कमेंट बॉक्स में जरूर भेजें।

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