कौन थी रावण की बेटी जो करना चाहती थी हनुमान से विवाह

Ravana Ki Beti: रामायण ग्रंथ भारत के प्राचीन ग्रंथों में से एक है। रामायण काल से जुड़ी कई कथाएं हैं जो बेहद दिलचस्प हैं। गौर करने वाली बात ये है कि रामायण से जुड़ी इन कथाओं के बारे में सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि अन्य देशों में भी कई बातें लिखी गई हैं।
वाल्मिकी रामायण या तुलसीदास जी की रामचरित मानस के आलावा, अन्य देशों में अलग-अलग भाषाओं में रामायण को अपने-अपने तरीके से लिखा गया है। हैरान कर देने वाली बात यह है कि भारत को छोड़कर बाकी देशों में लिखी गई रामायण में रावण की बेटी का जिक्र मिलता है।
आज हम आपको इस आर्टिकल में यही बताने वाले हैं कि किस-किस देश की कौन-कौन सी रामायण कथा में रावण की बेटी का वर्णन है और साथ ही, हमारे ज्योतिष एक्सपर्ट डॉ राधाकांत वत्स द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर ये भी बताएंगे कि क्या वाकई रावन की कोई बेटी थी।
- श्रीलंका, इंडोनेशिया, मलेशिया, माली, थाईलैंड और कंबोडिया में लिखी गई रामायण कथा में श्री राम (श्री राम की मृत्यु कैसे हुई) के साथ-साथ रावण को भी बेहद महत्व दिया गया है।
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- थाईलैंड की रामकियेन रामायण और कंबोडिया की रामकेर रामायण में रावण की बेटी के बारे में भी बहुत कुछ दिलचस्प और रहस्यात्मक बातें बताई गई हैं।
- थाईलैंड और कंबोडिया की रामायण में रावण के 7 बेटों का उल्लेख मिलता है जो रावण की तीन पत्नियों मंदोदरी, धन्यमालिनी और तीसरी पत्नी से हुए थे।
- वहीं, रावण (रावण ने क्यों रचा अपनी ही मृत्यु का षड्यंत्र) की बेटी के बारे में भी बताया गया है जिसका नाम सुवर्णमछा या सुवर्णमत्स्य था। वह मनुष्य और मछली का मिश्रण थी और बेहद सुंदर थी।
- आधी मछली और आधी कन्या होने के कारण सुवर्णमत्स्य को जलपरी भी कहा जाता था। साथ ही, सोने का शरीर होने के कारण उसका नाम सुवर्णमछा पड़ा।
- थाईलैंड और कंबोडिया की रामायण में रावण की बेटी को बेहद पूजनीय माना गया है। इसी कारण से वहां सुनहरी मछली को बेहद शुभ माना जाता है।
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- थाईलैंड और कंबोडिया में मान्यता है कि सुनहरी मछली घर में रखने से वास्तु दोष का निवारण होता है और घर की हर विपदा दूर हो जाती है।
- थाईलैंड और कंबोडिया की रामायण में एक उल्लेख यह भी है कि रावण की बेटी को हनुमान से प्रेम हो गया था. वहां हनुमान से विवाह करना चाहती थीं।
- जब हनुमान लंका दहन कर रहे थे तब रावण की बेटी की नजर हनुमान पर पड़ी थी और तभी से उसने हनुमान को अपने पति रूप में स्वीकार कर लिया था।
- माना जाता है कि हनुमान जी के पसीने को जिस मकरी ने निगला था जिसके कारण हनुमान पुत्र मकरध्वज का जन्म हुआ वह मकरी रावण की बेटी ही थी।
- हालांकि दुनियाभर में लिखी गई सभी रामायण वाल्मिकी रामायण से ही प्रेरित हैं और उन्हें को आधार मानते हुए अन्य रामायण कथाएं लिखी गई हैं।
तो ये थी रावण की बेटी से जुड़ी सारी दिलचस्प और रहस्यमयी बातें। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे फेसबुक पर जरूर शेयर करें और इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ। आपका इस बारे में क्या ख्याल है? हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।
Image Credit: Pinterest, Wikipedia
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