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Gudi Padwa 2024: गुड़ी पड़वा में गुड़ी का मतलब क्या होता है?

गुड़ी पड़वा का त्योहार खासकर महाराष्ट्र में बड़े पैमाने पर मनाया जाता है। आपने इस त्योहार का नाम तो जरूर सुना होगा। पर, क्या आपको पता है कि यहां गुड़ी का मतलब क्या है? अगर नहीं तो चलिए जानते हैं। 
Updated:- 2024-04-03, 20:16 IST
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विविधता का देश भारत में लगभग हर दिन कोई न कोई त्योहार या पर्व मनाया जाता है। इसी में से एक है- गुड़ी पड़वा, जिसका मराठी समुदाय में विशेष महत्व होता है, क्योंकि इसी दिन से उनके नए साल की शुरुआत मानी जाती है। गुड़ी पड़वा मुख्य रूप से चैत्र नवरात्रि के प्रतिपदा के दिन से मनाया जाता है। पर, क्या आपको पता है गुड़ी पड़वा में गुड़ी का क्या मतलब होता है? अगर नहीं तो चलिए आज हम आपको इस बारे में विस्तार से बताते हैं।

गुड़ी पड़वा में गुड़ी का क्या मतलब है?

gudi padwa decoration

दरअसल, गुड़ी पड़वा महाराष्ट्र के प्रमुख त्योहारों में से एक माना जाता है। यह दो शब्दों गुड़ी और पड़वा से मिलकर बना है, जिसमें गुड़ी का अर्थ है- भगवान ब्रह्मा का ध्वज। वहीं, पड़वा का मतलब चंद्रमा के चरण का पहला दिन होता है। यह त्योहार चैत्र नवरात्रि के पहले दिन मनाया जाता है। इस दिन विजय के प्रतीक के रूप में गुड़ी को सजाकर उसकी पूजा की जाती है। 

गुड़ी पड़वा कैसे मनाते हैं?

गुड़ी पड़वा के दिन लोग अपने घरों की साफ-सफाई करके मुख्य द्वार पर रंगोली बनाते हैं। इसके अलावा, आम के पत्तों से तोरण बनाकर भी मेन गेट पर लगाते हैं। गुड़ी पड़वा के दिन महिलाएं गुड़ी यानी ध्वज की पूजा करके उसे अपने घर के बाहर लगाती हैं। इस खास अवसर पर महिलाएं अपने घर तरह-तरह के पकवान भी बनाती हैं। इस तरह लोग आज के दिन को धूमधाम से सेलिब्रेट करते हैं। 

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गुड़ी पड़वा का महत्व 

gudi padwa meaning

गुड़ी पड़वा को अलग-अलग जगहों पर अलग रूपों में मनाया जाता है। कई जगह इसे नए साल की शुरुआत के तौर पर सेलिब्रेट किया जाता है। ऐसी मान्यता है कि इसी दिन सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा ने ब्रह्मांड की रचना की थी। इसके अलावा, कहा जाता है कि सतयुग की शुरुआत भी इसी दिन से हुई थी। जानकारी के लिए बता दें, महाराष्ट्र में इसे मनाए जाने के पीछे का एक कारण मराठा शासक छत्रपति शिवाजी महाराज की युद्ध में विजय से भी है। यही नहीं, गुड़ी पड़वा को रबी फसलों की कटाई का प्रतीक भी माना जाता है।

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Image credit- Herzindagi

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