Sat Sep 26, 2026 | Updated 02:04 PM IST

UP Trade Show 2026: 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' का टैग किसी उत्पाद को कब और कैसे मिलता है? जानें नियम

हम सब ने कई बार सुना और पढ़ा है इस राज्य के प्रोडक्ट को वन ड्रिस्टिक और वन प्रोडक्ट का टैग मिला, लेकिन क्या आपको पता है कि यह कैसे तय होता है? अगर नहीं, तो नीचे पढ़ें पूरा तरीका-
Updated:- 2026-09-26, 12:55 IST
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उत्तर प्रदेश अंतर्राष्ट्रीय व्यापार प्रदर्शनी 25 सितंबर से शुरू हो चुका है। इसका आयोजन ग्रेटर नोएडा में हो रहा है। इस आयोजन में 85 से अधिक देशों के खरीदार और 2400 से अधिक प्रदर्शक हिस्सा ले रहे हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय उद्यमियों और 'वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट' (ODOP) उत्पादों को ग्लोबल मार्केट से जोड़ना है। क्या आपको पता है किसी राज्य या शहर के किसी प्रोडक्ट को ओडीओपी का टैग कब मिलता है और इसके लिए क्या नियम है? नीचे लेख में पढ़ें-

'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' योजना क्या है?

वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट भारत सरकार और विभिन्न राज्य सरकारों की एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश के हर जिले में छिपी हुई अनूठी कला, संस्कृति, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों की पहचान करना और उन्हें बढ़ावा देना है।What-role-of-One-District-One-Product

इसकी शुरुआत सबसे पहले साल 2018 में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा की गई थी, जिसकी सफलता को देखते हुए बाद में इसे पूरे देश में लागू कर दिया गया। यह योजना 'लोकल से वोकल' और 'आत्मनिर्भर भारत' के सपने को जमीन पर उतारने का एक बड़ा माध्यम है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

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'ODOP' टैग मिलने का चयन कैसे होता है?

किसी उत्पाद को 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' का टैग मिलने की एक व्यवस्थित प्रशासनिक प्रक्रिया होती है। इसके लिए प्रोडक्ट को कई चरणों से गुजरना पड़ता है। नीचे जानें-

  • सबसे पहले जिले के प्रशासन और उद्योग विभाग द्वारा यह देखा जाता है कि उस जिले में कौन सी चीज सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है या किस चीज का उत्पादन बड़े पैमाने पर होता है।
  • इसमें यह परखा जाता है कि वह उत्पाद वहां की पारंपरिक कला, कृषि उपज, या हस्तशिल्प से जुड़ा है या नहीं, जिसे पीढ़ियों से लोग बनाते आ रहे हैं।
  • जिला स्तर से रिपोर्ट तैयार होने के बाद प्रस्ताव राज्य सरकार और संबंधित केंद्रीय मंत्रालय जैसे DPIIT के पास भेजा जाता है।
  • सभी मानकों पर खरा उतरने के बाद राज्य और केंद्र सरकार की सहमति से उस उत्पाद को आधिकारिक तौर पर उस जिले के 'ODOP' उत्पाद के रूप में घोषित कर दिया जाता है।

ODOP चयन के नियम और मानक

किसी भी उत्पाद को ODOP सूची में शामिल करने के लिए कुछ खास नियमों और बातों का ध्यान रखा जाता है। नीचे जानें-

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  • उत्पाद या तो कोई पुराना हस्तशिल्प (Handicraft), हथकरघा (Handloom), या स्थानीय रूप से उगने वाली कृषि वस्तु (जैसे कोई विशेष फल, मसाला या अनाज) होना चाहिए।
  • उस उत्पाद में इतनी क्षमता होनी चाहिए कि उसकी सही ब्रांडिंग और पैकेजिंग करके देश ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी बेचा जा सके।
  • नियम यह भी देखता है कि उस उत्पाद से क्षेत्र के कितने अधिक से अधिक कारीगरों, किसानों या छोटे उद्यमियों (MSME) को सीधा रोजगार मिल रहा है।
  • कई बार जिन उत्पादों के पास जीआई टैग होता है, उन्हें इस योजना में प्राथमिकता मिलती है क्योंकि वे उस क्षेत्र विशेष की कानूनी और ऐतिहासिक पहचान होते हैं।

टैग मिलने के बाद मिलने वाले मुख्य लाभ

एक बार किसी उत्पाद को ODOP का टैग मिल जाता है, तो सरकार उसके विकास के लिए कई तरह की सहायता प्रदान करती है। नीचे प्वाइंट्स में जानें-

  • सरकार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मेलों में उन उत्पादों को प्रदर्शित करने का मौका देती है ताकि उन्हें वैश्विक पहचान मिले।
  • कारोबार को बढ़ाने और आधुनिक मशीनरी लगाने के लिए आसान ऋण और सब्सिडी (जैसे पीएमएफएमई योजना के तहत) दी जाती है।
  • उत्पादों की पैकेजिंग, डिजाइन और गुणवत्ता को सुधारने के लिए विशेष ट्रेनिंग दी जाती है।
  • उत्पादों को सरकारी ई-मार्केटप्लेस और अन्य ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर बेचने के लिए जोड़ा जाता है जिससे खरीदार सीधे निर्माताओं तक पहुंच सकें।

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अब आपको समझ आ गया होगा कि किसी भी प्रोडक्ट को ओडीओपी का टैग कब और कैसे दिया जाता है। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

Image Credit- Herzindagi

Content Source- https://odopup.in/en 

FAQ
क्या ODOP उत्पादों को पेटेंट या जीआई (GI) टैग मिलना भी जरूरी है?
GI टैग अनिवार्य नहीं है, लेकिन सरकार ODOP उत्पादों को जीआई रजिस्ट्रेशन दिलाने में प्राथमिकता और सहायता देती है।
ODOP टैग मिलने से स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को क्या फायदा होता है?
ODOP टैग मिलने से स्थानीय कारीगरों को वित्तीय सहायता, ब्रांडिंग, पैकेजिंग सहायता, आधुनिक टूलकिट और अंतरराष्ट्रीय मेलों में मुफ्त स्टॉल की सुविधा मिलती है।
ODOP के तहत किसी जिले से कितने उत्पादों का चयन किया जा सकता है?
सामान्यतः प्रत्येक जिले की विशिष्ट पहचान के आधार पर एक मुख्य (या प्राथमिक) उत्पाद या उत्पाद श्रेणी का चयन किया जाता है।
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