प्रॉपर्टी या मकान खरीदते समय बनवाना भूल गए हैं ये डॉक्यूमेंट तो सालों बाद चुकाने पड़ सकते हैं लाखों

नयी प्रॉपर्टी के खरीदार को संपत्ति की कानूनी ओनरशिप हासिल करने के लिए कई सारी चीजों को फॉलो करना होता है। आपको बता दें कि प्रॉपर्टी म्यूटेशन इसका ही एक स्टेप होता है।
क्या होता है प्रॉपर्टी म्यूटेशन?
- यह तो आप जानते ही होंगे कि प्रॉपर्टी राज्य से रिलेटेड होती है। इसलिए सभी राज्यों के पास प्रॉपर्टी या जमीन समझौतों का रिकॉर्ड होता है।
- आपको बता दें कि ये सभी रिकॉर्ड ओनरशिप होने के सबूत का काम करते हैं।
- साथ ही लोगों को प्रॉपर्टी के इन्वेस्टमेंट को सेफ रखने में हेल्प करता है। सारी जानकारी रजिस्टर्ड होने की वजह से प्रॉपर्टी से रिलेटेड फ्रॉड का स्कोप कम होता है।
- जब कोई भी खरीदार प्रॉपर्टी को खरीदने की प्रक्रिया को पूरा कर लेता है तो उसके सामने नई डिटेल्स को रेवेन्यू रिकॉर्ड में रजिस्टर करने की आती है।
- आपको बता दें कि जमीन म्यूटेशन के मामले में प्रॉपर्टी म्यूटेशन अनिवार्य होता है क्योंकि इसे कराए बिना ओनरशिप को ट्रांसफर नहीं करी जा सकता है। इसलिए जमीन खरीद के 6 महीने के अंदर ही इस प्रोसेस को आपको करवा लेना चाहिए ताकि रिकॉर्ड अपडेट हो जाएं और जमीन की ओनरशिप में कोई कन्फ्यूजन न रहे।
- अगर बात करें अपार्टमेंट म्यूटेशन की तो फ्लैट्स और अपार्टमेंट्स के खरीदारों के लिए ओनरशिप का ट्रांसफर तभी हो जाता है, जब प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन पूरा होता है।
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प्रॉपर्टी म्यूटेशन के लिए किन डॉक्यूमेंट की पड़ेगी जरूरत?
- प्रॉपर्टी म्यूटेशन की प्रक्रिया को पूरी करने के लिए आपको कुछ इम्पोर्टेन्ट डॉक्यूमेंट की जरूरत होती है।
- आपके पास पूरी डिटेल्स के साथ म्यूटेशन एप्लीकेशन फॉर्म होना चाहिए।
- क्षतिपूर्ति बॉन्ड (यानी कि कंपनसेशन बॉन्ड)
- स्टांप पेपर पर एफिडेविट
- आधार कार्ड की फोटोकॉपी
- वसीयत की फोटोकॉपी और ओरिजिनल कॉपी-प्रॉपर्टी टैक्स की रसीद
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प्रॉपर्टी म्युटेशन नहीं करने पर क्या होगा?
- सबसे पहले आपको बता दें कि अगर आप प्रॉपर्टी म्यूटेशन नहीं कराते हैं तो 25 रुपये की पेनल्टी आपको भरनी पड़ती है। प्रॉपर्टी बेचते वक्त आपको खरीदार को म्यूटेशन पेपर्स दिखाने ही होते हैं। यह डॉक्यूमेंट नहीं दिखाने पर प्रॉपर्टी बेचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
- प्रॉपर्टी म्यूटेशन वन टाइम ड्यूटी नहीं है। वक्त के साथ इसे अपडेट कराना जरूरी है। अगर आप अपडेट नहीं करते हैं तो आपको बाद में प्रॉपर्टी को बेचते वक़्त दिक्कत हो सकती है।
- आपको बता दें कि प्रॉपर्टी म्यूटेशन, प्रॉपर्टी का अधिकार रखने वाले व्यक्ति के टैक्स रिकॉर्ड का सबूत है। इसलिए इसका होना बहुत जरूरी होता है।
तो यह थी जानकारी प्रॉपर्टी म्यूटेशन से जुड़ी हुई।
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Image credit- unsplash
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