Sat Sep 12, 2026 | Updated 02:02 AM IST

कार्तिक के महीने में तुलसी की पूजा के 5 महत्वपूर्ण नियम जानें

तुलसी की पूजा का महत्व कार्तिक माह में क्यों बढ़ जाता है? यह आर्टिकल पढ़ें और पंडित जी से जानें तुलसी पूजा के विशेष नियम। 
Updated:- 2022-10-10, 11:38 IST
image

अंग्रेजी की तरह हिंदी कैलेंडर में भी 12 महीने होते हैं। सभी महीनों का अपना-अपना धार्मिक महत्व भी है। हिंदी पंचांग का आठवां महीना कार्तिक मास होता है। इस माह को हिंदू धर्म में बहुत ज्यादा शुभ माना गया है। इस माह में बहुत सारे तीज त्योहार भी आते हैं। मगर यह माह तुलसी के पौधे की पूजा करने के लिए विशेष होता है। 

यह जानकारी सभी को है कि तुलसी को हिंदू धर्म में बहुत ही पवित्र पौधा माना गया है। हर घर में यह पौधा जरूर होता है और इसकी नियमित पूजा भी की जाती है, लेकिन तुलसी के पौधे का महत्व कार्तिक मास में क्‍यों बढ़ जाता है? इस विषय में हमने भोपाल के ज्योतिषाचार्य पंडित विनोद सोनी जी से बात की। 

पंडित जी कहते हैं, 'कार्तिक माह की अमावस्या के दिन तुलसी जी का जन्‍म हुआ था। इसलिए यह पूरा महीना तुलसी जी को समर्पित होता है। तुलसी जी देवी लक्ष्मी का ही स्वरूप हैं और कार्तिक माह के लगभग हर पर्व पर देवी लक्ष्मी और श्री हरि विष्णु जी की आराधना की जाती है। इसलिए कार्तिक माह में तुलसी के पौधे का महत्व बढ़ जाता है।'

इसे जरूर पढ़ें- Diwali Wishes 2022: अपने प्रियजनों को प्यार से कहें दिवाली मुबारक, भेजिए ये शुभकामनाएं और संदेश

tulsi puja rules in the month of kartik

कार्तिक मास कब शुरू हो रहा है? 

इस वर्ष 2022 में कार्तिक का महीना 10 अक्टूबर से शुरू होगा और 8 नवंबर को खत्म होगा है| कार्तिक माह की अमावस्या 24 अक्टूबर से शुरू होकर 25 अक्टूबर तक रहेगी। 

कार्तिक मास का महत्व 

कार्तिक मास देवी लक्ष्मी और श्री हरि विष्‍णु जी को समर्पित होता है। देवउठनी एकादशी के बाद जब देवता जागते हैं , इसके बाद ही शरद पूर्णिमा के दूसरे दिन से कार्तिक मास आरंभ हो जाता है और इस दौरान श्री हरि विष्णु देवी लक्ष्मी के साथ जल में निवास करते हैं। इसलिए इस माह में दान और स्नान का बहुत महत्व बताया गया है। इस माह मंदिर या घर में यज्ञ और हवन कराने से भी बहुत लाभ मिलते हैं। विशेष तौर पर यह माह धन लाभ के महत्‍वपूर्ण होता है।

इसे जरूर पढ़ें- Vastu Tips: तुलसी के पौधे के पास भूलकर भी न रखें ये 4 चीजें, हो सकते हैं कंगाल

tulsi puja in kartik month

कार्तिक मास में तुलसी पूजा का महत्व 

कार्तिक मास में तुलसी पूजा का महत्व इसलिए बढ़ जाता है, क्‍योंकि तुलसी श्री हरि विष्णु जी को अतिप्रिय है और इससे सकारात्मक ऊर्जा प्रवाहित होती है। घर में सुख-शांति लाने के लिए आपको वैसे तो नियमित तुलसी की पूजा करनी चाहिए, मगर कार्तिक मास में यदि आप बिना भूले नियमित पूजा करती हैं, तो घर से नकारात्मक ऊर्जा छूमंतर हो जाती है। धन लाभ के लिए कार्तिक का महीना बहुत ही शुभ माना गया है, ऐसे में देवी लक्ष्मी का प्रतीक तुलसी की पूजा करना आपके लिए और भी ज्यादा लाभदायक होगा। 

tulsi aka devi lakshmi

कार्तिक मास में तुलसी पूजा के 5 नियम जानें 

  • कार्तिक माह में नियमित सूर्यास्‍त के बाद आपको तुलसी जी में एक घी का दीपक जरूर अर्पित करना चाहिए। ऐसा करने से आपके घर में क्लेश शांत होता है और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। 
  • कार्तिक माह में तुलसी जी को नए वस्‍त्र और सुहाग का सामान भी अर्पित करना चाहिए। तुलसी जी को हमेशा हरी चूड़ियां और हरी चुनरी ही अर्पित करनी चाहिए क्योंकि तुलसी जी बुध ग्रह का प्रतिनिधित्व करती हैं। 
  • तुलसी में सिंदूर या कुमकुम चढ़ाने की जगह आपको हल्दी अर्पित करनी चाहिए, क्योंकि पीला रंग श्री हरी विष्णु को अतिप्रिय। 
  • तुलसी की परिक्रमा का भी कार्तिक मास में अलग ही महत्व है। वैसे तो आपको नियमित ही तुलसी की परिक्रमा करनी चाहिए, मगर यदि आप रोज नहीं कर पाती हैं तो कार्तिक मास में नियमित तुलसी के पौधे की 3 बार परिक्रमा जरूर करें। 
  • तुलसी को नियमित काले तिल डालकर जल अर्पित करें। पहले आपको सूर्य को जल अर्पित करना है और उसके बाद तुलसी को जल अर्पित करें। 

 

उम्‍मीद है कि आपको यह आर्टिकल पसंद आया होगा। इसे शेयर और लाइक जरूर करें, साथ ही ऐसे और आर्टिकल्‍स पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से। 

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।