कम जोखिम में ज्यादा फायदा, महिलाओं के लिए पोस्ट ऑफिस की बेहतरीन सेविंग्स स्कीम्स

सही मायने में स्त्रियां ही परिवार की वित्त मंत्री होती हैं। चाहे वे होममेकर हों या वर्किंग, अपने परिवार के लिए किफायत के साथ बजट बनाने की ज़िम्मेदारी वे बखूबी निभाती हैं। रोजमर्रा के खर्चों में कटौती करके वे बड़ी मुश्किल से हर महीने कुछ पैसे जोड़ती हैं। जब थोड़ी धनराशि जमा हो जाती है, तो उनके सामने सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि उसका निवेश कहां और कैसे किया जाए, ताकि बिना किसी जोखिम के उन्हें पर्याप्त लाभ भी मिल सके।
इस दृष्टि से पोस्ट ऑफिस में निवेश के लिए कई बेहतरीन योजनाएं मौजूद हैं। चूंकि यह संस्था सरकार से जुड़ी है, इसलिए आम नागरिक इस पर पूर्णतः भरोसा कर सकते हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें कोई जोखिम नहीं होता, यानी मैच्योरिटी के बाद निवेशक को हर हाल में उसका पैसा वापस मिल जाता है। यहां आपके लिए शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म दोनों तरह के प्लान उपलब्ध हैं। आइए जानते हैं भारतीय डाकघर से जुड़ी कुछ ऐसी ही निवेश योजनाओं के बारे में।
किसान विकास पत्र (Kisan Vikas Patra Details)
यह सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान जैसी ही एक निवेश योजना है। इसमें फिलहाल 6.9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज मिलता है और 1,000 रुपये से निवेश की शुरुआत की जा सकती है। इसमें निवेश की कोई अधिकतम सीमा निर्धारित नहीं है, लेकिन 10 लाख रुपये से अधिक की राशि जमा कराने पर निवेशक को अपनी आय का स्रोत बताना आवश्यक होता है। किसान विकास पत्र की मैच्योरिटी अवधि साढ़े दस वर्ष होती है। इसके बाद निवेशक की जमा राशि लगभग दोगुनी हो जाती है। इसमें रिटर्न की पूरी गारंटी होती है और निवेश में कोई जोखिम नहीं होता।
नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (National Savings Certificate Benefits)
यह महिलाओं के लिए एक सुरक्षित निवेश योजना है। इसमें 6.8 प्रतिशत वार्षिक रिटर्न मिलता है। इसकी मैच्योरिटी अवधि 5 वर्ष है, लेकिन कुछ आकस्मिक परिस्थितियों में निर्धारित अवधि से पहले भी पैसे निकालने की अनुमति होती है। इस योजना का लाभ सीमित आय वर्ग के लोग भी उठा सकते हैं, क्योंकि इसमें मात्र 1,000 रुपये से निवेश शुरू किया जा सकता है और इसकी कोई अधिकतम सीमा नहीं है।
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टाइम डिपॉजिट अकाउंट ( High Return Low Risk Investment)
यह भी एक फायदेमंद निवेश योजना है, जिसमें 1 से 5 वर्ष तक के लिए निवेश किया जा सकता है। इसमें ब्याज दरें अवधि (टेन्योर) पर निर्भर करती हैं। ब्याज की गणना तिमाही आधार पर होती है, लेकिन भुगतान वर्ष में एक बार किया जाता है। इसमें कम से कम 1,000 रुपये का निवेश किया जा सकता है और अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है। इसमें कम से कम एक वर्ष के लिए निवेश आवश्यक है, लेकिन आयकर में छूट का लाभ लेने के लिए निवेश की अवधि 5 वर्ष होना आवश्यक है। 1 से 3 वर्ष की जमा पर 5.5 प्रतिशत और 5 वर्ष की जमा पर 6.7 प्रतिशत तक ब्याज मिलता है।
सुकन्या समृद्धि योजना (Samriddhi Yojana Benefits)
यह देश की सबसे लोकप्रिय बचत योजनाओं में से एक है। यह विशेष रूप से बेटियों के माता-पिता के लिए बहुत लाभदायक योजना है। कोई भी व्यक्ति अपनी पुत्री के नाम से इसमें खाता खोल सकता है। इस योजना के तहत दो बेटियों के लिए निवेश की सुविधा है। अपवादस्वरूप, यदि किसी की जुड़वां बेटियों के साथ एक और बेटी हो, तो तीन बेटियों के लिए खाता खोलने की अनुमति दी जाती है।
इस योजना में खाता खोलने के लिए बेटी की अधिकतम आयु 10 वर्ष है। इसके बाद खाता खोलने की अनुमति नहीं होती। इसमें 7.6 प्रतिशत तक रिटर्न मिलता है। इस योजना के अंतर्गत एक वर्ष में न्यूनतम 250 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये जमा किए जा सकते हैं। जब तक बेटी 18 वर्ष की नहीं हो जाती, तब तक इसमें नियमित रूप से निवेश करना आवश्यक होता है। 18 वर्ष के बाद जमा करना अनिवार्य नहीं रहता।
यह योजना 21 वर्ष की आयु पर मैच्योर होती है। हालांकि, 18 वर्ष की आयु पूरी होने या हाईस्कूल परीक्षा पास करने के बाद, विशेष परिस्थितियों में 50 प्रतिशत तक राशि निकाली जा सकती है। यदि परिवार को किसी कारणवश दूसरे शहर में स्थानांतरित होना पड़े, तो यह खाता वहां भी जारी रखा जा सकता है। इस योजना में मैच्योरिटी पर मिलने वाली राशि पूरी तरह टैक्स फ्री होती है।
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मंथली इनकम स्कीम (Monthly Income Scheme)
पोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम (एमआईएस) में निवेश करके आप प्रतिमाह निश्चित आय प्राप्त कर सकती हैं, क्योंकि इसमें ब्याज का भुगतान हर महीने किया जाता है। इस स्कीम में फिलहाल 6.6 प्रतिशत तक वार्षिक ब्याज मिल रहा है। इसमें न्यूनतम 1,000 रुपये और अधिकतम 4.5 लाख रुपये जमा किए जा सकते हैं। यह स्कीम 5 वर्षों के लिए होती है। इसके बाद निवेश जारी रखने के लिए नया खाता खोलना होता है।
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)
यह आम लोगों के बीच सबसे लोकप्रिय योजना है, जो रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है। इसके माध्यम से आप दीर्घकालिक बचत कर सकती हैं। इसमें एक वर्ष में न्यूनतम 500 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक जमा किए जा सकते हैं। इसमें 15 वर्षों का लॉक-इन पीरियड होता है, यानी इससे पहले पैसे नहीं निकाले जा सकते।
हालांकि, गंभीर बीमारी के इलाज, बच्चों की उच्च शिक्षा, मकान की मरम्मत या विवाह जैसी जरूरतों के लिए 5 वर्ष के बाद आंशिक निकासी की सुविधा उपलब्ध है। इस योजना में फिलहाल 7.1 प्रतिशत ब्याज दिया जा रहा है और मैच्योरिटी पर मिलने वाली राशि पर कोई टैक्स नहीं लगता।
अब जब आप पोस्ट ऑफिस की इन योजनाओं से परिचित हो चुकी हैं, तो अपने परिवार की जरूरतों के अनुसार उपयुक्त योजना चुनकर सुरक्षित और लाभदायक निवेश कर सकती हैं। सरकारी योजनाओं में निवेश किया गया धन पूर्णतः सुरक्षित माना जाता है।
यदि आप अपनी मेहनत से अर्जित आय का सही उपयोग करना चाहती हैं, तो पोस्ट ऑफिस आपके लिए एक बेहतर निवेश विकल्प हो सकता है।
नोट: मंथली इनकम स्कीम को छोड़कर पोस्ट ऑफिस की अन्य योजनाओं में निवेश करने पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत कर में छूट मिलती है। इन सभी योजनाओं की ब्याज दरों की तिमाही समीक्षा की जाती है, इसलिए भविष्य में इनमें मामूली बदलाव संभव है।
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