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Gita Lesson: इन स्थानों पर अपमान सहने से मिलती है सफलता

श्री कृष्ण ने भगवद्गीता में कहा है कि व्यक्ति को अपने सम्मान की रक्षा खुद करनी चाहिए और कभी उस स्थान पर नहीं रुकना चाहिए जहां आपका अपमान हो लेकिन उसी भगवद्गीता में कुछ जगहों पर अपमान सहना सफलता प्राप्ति के लिए जरूरी बताया गया है। 
Updated:- 2023-06-06, 16:47 IST
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When Tolerating Insult Leads To Success: भगवद्गीता में श्री कृष्ण ने जीवन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें समझाई हैं। 

श्री कृष्ण ने गीता में कहा है कि व्यक्ति को बिना किसी और की सहायता के अपने सम्मान की रक्षा खुद करनी आनी चाहिए। 

जहां पर आपको सम्मान न मिले, आपके विचारों को स्थान न मिले और आपका कोई मोल न हो वहां नहीं रुकना चाहिए।

इसी बीच, भगवद्गीता में श्री कृष्ण ने कुछ जगहों पर अपमान सहने को बहुत लाभकारी और महत्वपूर्ण भी बताया है। 

ज्योतिष एक्सपर्ट डॉ राधाकांत वत्स से जानते हैं वो स्थितियां जहां अपमान सहने से जीवन में भरपूर सफलता मिलती है।  

माता-पिता द्वारा अपमान 

tolerating insult on these places

  • भगवद्गीता के अनुसार, व्यक्ति को अपने माता-पिता द्वारा किया गया अपमान सहज रूप से सह लेना चाहिए।
  • ऐसा कहा जाता है कि माता-पिता अपनी संतान (संतान प्राप्ति के उपाय) को अपमानित नहीं करते बल्कि कठोर होकर मार्गदर्शन करते हैं।
  • ऐसे में अगर वो थोड़ा आपको भला-बुरा कह भी दें तब भी आपको चुप रहते हुए अपमान सह लेना चाहिए। 
  • माता-पिता का द्वारा किया गया अपमान सीख के रूप में आपको जीवन की परेशानियों से लड़ना सिखाता है। 

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शिक्षक द्वारा अपमान  

  • अपने गुरु या शिक्षक द्वारा हुआ अपमान भी बिना किसी क्रोध के सह लेना चाहिए और उन्हें उल्टा नहीं बोलना चाहिये।  
  • गुरु द्वारा अपमान या उनके कड़वे बोल हर परीक्षा में आपको अवल बनाते हैं और मन के भय को भी दूर करते हैं। 
  • अगर कभी आपके शिक्षक ने आपका अपमान भी किया हो या करते हों तो भूल से पलट कर उनका अपमान न करें। 

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भगवान के यहां अपमान 

tolerating insult on these situations

  • अगर आप किसी मंदिर में भगवान के दर्शनों के लिए गए हैं और उस स्थान पर कोई आपका अपमान कर दे तो चुप रहें।
  • भगवद्गीता (भगवद्गीता पाठ के लाभ) में लिखा है कि देव स्थानों पर अपमान सहने वाले और वाद-विवाद न करने वाले को देव ऊर्जा प्राप्त होती है। 
  • देवी-देवताओं का आशीर्वाद मिलता है और व्यक्ति को उसकी निष्ठा एवं संपूर्ण श्रद्धा भक्ति का शुभ फल प्राप्त होता है। 
  • भगवद्गीता में लिखा है कि अगर किसी के द्वारा मंदिर में आप अपमानित होते हैं तो भगवान आपको राह दिखा रहे हैं। 

 

तो ये हैं वो परिस्थितियां जब व्यक्ति को अपमान सहने से जीवन में सफलता प्राप्त होती है। अगर हमारी स्टोरीज से जुड़े आपके कुछ सवाल हैं, तो वो आप हमें आर्टिकल के नीचे दिए कमेंट बॉक्स में बताएं। हम आप तक सही जानकारी पहुंचाने का प्रयास करते रहेंगे। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

Image Credit: freepik

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