किताबें पढ़ना अपने आप में एक दिलचस्प अनुभव है। किताबें हमें हमारी भौतिक दुनिया से अलग एक ऐसे जहां में ले जाती हैं, जहां हमारे विचारों को एक नया आसमां मिलता है, किताबें हमें सोचने-समझने का नया नजरिया देती हैं, दूसरों के अनुभवों से अवगत कराती हैं, हमारी समझ बढ़ाती हैं, एंटरटेन करती हैं और हमारा दायरा बढ़ाने में हमारी मदद करती हैं।

किताबें पढ़ना ना सिर्फ हमारी लर्निंग बढ़ाता है, बल्कि हमें एक नया आत्मविश्वास भी देता है। अक्सर देखा जाता है कि जो महिलाएं किताबें पढ़ने की शौकीन होती हैं, उनकी पर्सनेलिटी काफी वाइब्रेंट होती है। अपने विचारों को लेकर वे काफी मुखर होती हैं। इस बारे में जागरण प्रकाशन लिमिटेड की प्रमुख अपूर्वा पुरोहित ने HerZindagi से की खास बातचीत की। आइए जानें किताबों से जुड़े उनके विचारों के बारे में-

अच्छा लगता है किताबों का फील

अपूर्वा पुरोहित किताबों से अपने लगाव के बारे में बयां करती हैं, 'किताबें पढ़ना मुझे बहुत अच्छा लगता है। मैं हर तरह की किताबें पढ़ना पसंद करती हूं। बोतल के ऊपर बने लेबल्स से लेकर टोम्ब्स तक मुझे हर तरह की किताबें पसंद है। मुझे किताबों का फील अच्छा लगता है। पन्ने वापस पलटना और किसी चैप्टर को दोबारा पढ़ना और उसके बारे में सोचना अच्छा लगता है। मैं फिक्शन, नॉवेल, नॉन फिक्शन, क्लासिक हर तरह की किताबें पढ़ती हूं। मैं पढ़ना इसलिए भी पसंद करती हूं क्योंकि किताबें सोचने के लिए मजबूर करती हैं। सही और गलत की हमारी शुरुआती समझ जितना हमारे पेरेंट्स से आई है, उतनी ही किताबों से भी मिली है, जो हमने पढ़ी है। किताबें हमें किसी चीज से इत्तेफाक रखने या ना रखने के लिए मजबूर करती हैं। पढ़ना सिर्फ हमारा ज्ञान बढ़ाने के लिए ही जरूरी नहीं होता, बल्कि विरोधाभासी विचारों को अपने दिमाग में रखने के लिए भी जरूरी होता है। हम किसी बात का समर्थन करते हैं या नहीं, यह स्पष्ट होने के साथ हम चीजों को समग्रता में देख पाते हैं, जो आज के दौर के डिवाइसिव वर्ल्ड में बहुत जरूरी है। हाल ही में मैंने एक ऐसी किताब पढ़ी, जो मेरे लिए लाइफ चेंजिंग एक्सपीरियंस रहा है। यह किताब है Yuval Noah Harari की Sapiens: A Brief History of Humankind।' 

क्यों पढ़ें Sapiens: A Brief History of Humankind

अपूर्वा पुरोहित ने आगे बताया कि उनकी पसंदीदा Sapiens: A Brief History of Humankind महिलाओं को क्यों पढ़नी चाहिए, 'ये किताब इंसानों के संक्षिप्त इतिहास के बारे में हमें बताती है। इस किताब की सबसे खास बात ये है कि इसमें हिस्ट्री, जॉग्रफी, बायोलॉजी, फिजिक्स सबकुछ है। यहां हिस्ट्री इंसान के अब तक के इतिहास के बारे में है, कैसे पैसे ने हमारी जिंदगी को बदला है, हम कहां थे और अब क्या हो गए हैं, प्रोफेसर हरारे ने बताया है कि सीधे खड़े होकर चलने से कैसे लोअर बैक की समस्या बढ़ गई है, 70,000 सालों के दिलचस्प इतिहास को इस किताब में बहुत खूबसूरत तरीके से समेटा गया है। यह किताब जिंदगी को बड़े फलक पर दिखाती है, लेकिन साथ ही यह भी बताती है कि इस बड़े स्पेस में यह कितनी छोटी है। जाहिर है इतनी सारी खूबियों वाली इस किताब को कम से कम एक बार पढ़ना तो बनता ही है।'