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Sawan 2019: शिवलिंग छूने से क्‍यों किया जाता है महिलाओं को मना, एक्‍सपर्ट से जानें

महिलाओं (खासतौर पर कुंवारी लड़कियों) को शिवलिंग को छूने की इजाजत नहीं होती है, ऐसा क्‍यों होता है? आइए एक्‍सपर्ट से जानें।
Updated:- 2019-07-09, 16:32 IST
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हमारे यहां आज भी धार्मिक रीति-रिवाजों को विशेष महत्व है। हर रीति-रिवाजों को अच्‍छे से निभाया जाता है। 17 जुलाई से सावन महीने की शुरुआत होने वाली है। यह महीना शिव की अराधना के लिए सबसे अच्‍छा माना जाता है। इसमें भगवान शिव की पूजा अर्चना की जाती है। भगवान शिव के अलावा यह महीना माता पार्वती की पूजा के लिए सबसे अच्‍छा माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि सावन के महीने में पूरे मन से भोले बाबा और माता पार्वती की पूजा करने वालों को भगवान की असीम कृपा मिलती है और उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती है। सावन का पहला सोमवार 22 जुलाई को होगा। इस महीने से ही व्रत और त्योहारों की भी शुरुआत होती है। और सावन के महीने में कावड़ यात्रा भी शुरू होती है जिसमें लाखों भक्‍त पैदल चलकर हरिद्वार शिवलिंग पर जल चढ़ाने जाते हैं।

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sawan shivling pooja inside

हिंदू धर्म के अनुसार सावन का महीना बेहद खास होता है। जहां शादीशुदा महिलाएं अपने आने वाले जीवन को सुखमय बनाने के लिए भगवान की पूजा और व्रत रखती हैं और वहीं दूसरी ओर कुंवारी लड़कियां अच्छे वर पाने के लिए शिव पार्वती की पूजा करती हैं। और माना जाता है कि सावन के महीने के 4 सोमवार के व्रत 16 सोमवार व्रत के बराबर होते हैं। लेकिन महिलाओं (खासतौर पर कुंवारी लड़कियों) को शिवलिंग को छूने की इजाजत नहीं होती है, ऐसा क्‍यों होता है? शायद यह सवाल मेरी तरह कई ल‍ड़कियों के मन में आता है।

 

shivling puja sawan

इस बारे में जानने के लिए हर जिंदगी ने जानी-मानी एस्ट्रोलॉजर रिद्धि बहल से बात की तब उन्‍होंने बताया कि ''शिवलिंग की पूजा से जुड़ी एक मान्यता यह है कि महिलाओं को खासतौर से कुंवारी कन्याओं को शिवलिंग को हाथ नहीं लगाना चाहिए। ऐसी मान्यता है कि लिंग पुरुष का अंग होता है, इसलिए कुंवारी महिलाओं को इसे नही छूना चाहिए। बल्कि पुरुषों को शिवलिंग की पूजा करनी चाहिए। अगर महिलाओं को शिव जी की पूजा करनी भी हैं तो शिव परिवार की पूजा करनी चाहिए, शिवलिंग की नहीं। रामायण में भी सीता जी भी माता पार्वती की पूजा करती हैं। जी हां रामायण में उल्लेख है कि देवी सीता ने मां गौरी का पूजन करके अपना श्री राम के रूप में मनचाहा वर पाया था। मां जानकी ने देवी पार्वती को प्रसन्न करने के लिए स्तुति का पाठ किया था।''

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sawan shivling pooja inside

इसके अलावा ऐसा भी माना जाता है कि महिलाओं का श‍िवलिंग को छूकर पूजा करना मां पार्वती को भी पसंद नहीं है। मां पार्वती इससे नाराज हो सकती हैं। महिलाओं को श‍िव की पूजा मूर्ति रूप में करनी चाहिए। खासतौर से पूरे श‍िव परिवार की पूजा उनके लिए विशेष लाभकारी है।

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