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Raksha Bandhan 2026 Rituals: राखी बांधने की सही विधि क्या है? जानें थाली और मंत्र से जुड़ी बातें

रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने की सही विधि, थाली की तैयारी और तिलक लगाने के नियम के बारे में जानना चाहते हैं, तो यह आर्टिकल जरूर पढ़ें। इसमें भाई की कलाई पर राखी बांधने के शुभ मंत्रों और महत्व को समझाया गया है।
Updated:- 2026-08-27, 22:00 IST
rakhi badhne ki sahi vidhi thali shubh mantra

राखी का धागा समर्पण, प्रेम और रक्षा से जुड़ा है, लेकिन इससे जुड़ी रस्मों को लेकर हर बहन के मन में कई सारे सवाल होते हैं। राखी बांधने की सही विधि क्‍या है, राखी की थाली कैसे होनी चाहिए, भाई को तिलक कैसे करें या राखी बांधते समय क्‍या बोलना चाहिए? इन सभी सवालों के जवाब जानना जरूरी होता है। अगर रक्षाबंधन के दिन राखी बांधते समय आपके मन में भी ऐसे ही कुछ सवाल आते हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए मददगार हो सकता है। आज ज्‍योतिषाचार्य, न्‍यूमरोवाणी सिद्धार्थ एस कुमार आपको इनके जवाब देंगे।

राखी बांधने की सही विधि क्या है?

रक्षाबंधन की थाली में राखी, रोली या चंदन, साबुत अक्षत, दीपक और मिठाई रखें और नीचे बताए स्‍टेप्‍स को फॉलो करें।

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  • स्‍टेप 1: रक्षाबंधन से पहले भाई और बहन दोनों स्नान करके साफ कपड़े पहनें। अनुष्ठान की शुरुआत शरीर के साथ मन और भावों की शुद्धता से भी होनी चाहिए। अगर आपको हेल्‍थ से जुड़ी कोई समस्‍या नहीं है, तो राखी सुबह खाना खाने से पहले ही करें।
  • स्‍टेप 2: अगर बहन भाई से बड़ी है, तो वह अपने दाहिने हाथ के अंगूठे या अनामिका उंगली से तिलक लगा सकती है। अंगूठा आशीर्वाद, विजय और आरोग्यता की कामना को दर्शाता है, जबकि अनामिका शांति और सफलता और शुभता का प्रतीक है। अगर बहन भाई से छोटी है, तो वह अपने दाहिने हाथ की अनामिका या मध्यमा उंगली से तिलक लगा सकती है। अनामिका श्रद्धा और मंगलभाव को दर्शाती है, जबकि मध्यमा स्वास्थ्य, दीर्घायु और स्थिरता की कामना से जुड़ी मानी जाती है। तिलक के ऊपर साबुत और बिना टूटे हुए अक्षत अवश्य लगाएं। अक्षत भाई के कल्याण और भाई-बहन के संबंध की अखंडता का प्रतीक हैं।
  • स्‍टेप 3: भाई की दाहिनी कलाई पर राखी बांधें और तीन गांठें लगाएं। राखी बांधने के बाद भाई की आरती सात बार क्‍लॉकवाइज उतारें। आरती की थाली को भाई के सामने सात पूर्ण गोल चक्रों में धीरे-धीरे घुमाएं। आरती के बाद भाई और बहन दोनों एक-दूसरे को मिठाई खिलाएं। यह रिश्ते में प्‍यार, मधुरता और पारस्परिक सम्मान बनाए रखने का प्रतीक है।
  • स्‍टेप 4: भाई अपनी सामर्थ्य के अनुसार बहन को गिफ्ट दें। इसके साथ भाई बहन के सम्मान, सहयोग और सुरक्षा का संकल्प भी ले।

राखी की थाली कैसी होनी चाहिए?

रक्षाबंधन के लिए सोने, चांदी या किसी स्वच्छ धातु से बनी थाली का इस्‍तेमाल करना चाहिए। आप पीतल, तांबा, कांसा या स्टील की थाली भी इस्‍तेमाल कर सकते हैं। प्लास्टिक, कांच, लकड़ी, कागज या डिस्पोजेबल थाली का इस्‍तेमाल करने से बचें।

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राखी की थाली में ये चीजें रखें-

राखी- नई, साफ, मजबूत और अच्छी तरह गूंथी हुई।
रोली या चंदन- भाई के मस्तक पर तिलक लगाने के लिए छोटी कटोरी में रखें।
साबुत चावल- तिलक के ऊपर लगाने के लिए बिना टूटे हुए चावल रखें।
दीपक- घी या तेल का दीपक और रुई की बाती रखें।
मिठाई- ऐसी मिठाई रखें जिसे भाई और बहन दोनों एक-दूसरे को खिला सकें।

राखी बांधते समय क्या बोलना चाहिए?

बहन जब भाई की कलाई पर राखी बांधती है, तब वह उसके लिए सुरक्षा, स्वास्थ्य, दीर्घायु और समृद्धि का संकल्प लेती है। इस अनुष्ठान में सबसे जरूरी मंत्रों की कठिनता नहीं, बल्कि मन का भाव और संकल्प की शुद्धता है। राखी बांधते समय दो मंत्रों में से किसी एक का प्रयोग किया जा सकता है।

पहला- पौराणिक रक्षाबंधन मंत्र

येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः।
तेन त्वामभिबध्नामि रक्षे मा चल मा चल॥

इसका अर्थ है कि जिस पवित्र रक्षा-सूत्र से महाबली राजा बलि को बांधा गया था, उसी रक्षा-सूत्र से मैं तुम्हें बांधती हूं। हे रक्षा! तुम स्थिर रहो और सदैव इसकी रक्षा करो। यह मंत्र भविष्य पुराण के रक्षाबंधन विधान में मिलता है।

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दूसरा- वैदिक आयुष्य एवं रक्षा मंत्र

यदाबध्नन् दाक्षायणा हिरण्यं शतानीकाय सुमनस्यमानाः।
तत्ते बध्नाम्यायुषे वर्चसे बलाय दीर्घायुत्वाय शतशारदाय॥

अथर्ववेद में उपलब्ध इस मंत्र के माध्यम से आयु, तेज, बल और लंबे जीवन की कामना की जाती है। इसे राखी बांधते समय वैदिक मंगलकामना के रूप में बोला जा सकता है।

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राखी बांधते समय शब्द नहीं, बल्कि उनके पीछे का भाव और संकल्प की पवित्रता जरूरी है। यदि संस्कृत मंत्र बोलना मुश्किल लगे, तो आप आसान हिंदी में कहें:

''मैं यह पवित्र रक्षा-सूत्र तुम्हारी सुरक्षा, सेहत, लंबी उम्र और समृद्धि के संकल्प के साथ बांध रही हूं। हमारे बीच प्रेम, विश्वास और सहयोग सदैव बना रहे।''

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Image Credit: Shutterstock 

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