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Online Games Addiction: गेम की लत छीन न ले आपके बच्चे की मुस्कान, एक्सपर्ट से समझें कैसे छुड़ाएं यह आदत

आज के डिजिटल युग में बच्चों में गेमिंग की लत एक गंभीर समस्या बन गई है, जिसके घातक रिजल्ट हो सकते हैं। गाजियाबाद जैसी घटनाओं के बाद सतर्कता जरूरी है। 
Updated:- 2026-02-04, 12:50 IST
Game Addiction

आज का युग डिजिटल युग है, ऐसे में बच्चों के हाथों में स्मार्टफोन न केवल मनोरंजन का साधन है बल्कि बच्चे एक कैद की तरफ बढ़ते जा रहे हैं। बता दें कि मनोरंजन के नाम पर शुरू हुआ यह सफर कब गेमिंग एडिक्शन (Gaming Addiction) का रूप ले लेता है, पता ही नहीं चलता। हाल ही में हुई गाजियाबाद जैसी दुखद घटनाएं हमें चेतावनी दे रही हैं कि अगर समय रहते बच्चों के व्यवहार को नहीं समझा गया, तो इसके रिजल्ट बेहद ही घातक हो सकते हैं। ऐसे में समय रहते सतर्क होना जरूरी है। आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि ऑनलाइन गेम खेलने वाले बच्चों पर कैसे नजर रखें और कैसे इस लत से पीछा छुड़ाएं। इसके लिए हमने कोच और हीलर, लाइफ अल्केमिस्ट, साइकोथेरेपिस्ट डॉ. चांदनी तुगनैत (Dr. Chandni Tugnait) से भी बात की है। पढ़ते हैं आगे...

गेमिंग एडिक्शन को कैसे पहचानें?

  • एक्सपर्ट्स के मुताबिक, गेमिंग एडिक्शन केवल ज्यादा समय तक फोन चलाने का नाम ही नहीं है।जब आप बच्चे से फोन मांगते हैं या गेम बंद करने को कहते हैं, तो उसका अत्यधिक गुस्सा होना या चीजें फेंकना खतरे की पहली घंटी है। ऐसे में तुरंत माता-पिता को सतर्क होने की जरूरत है।

online game

  • ऐसे में अगर बच्चा दोस्तों के साथ बाहर जाने या परिवार के साथ बैठने के बजाय अकेले कमरे में गेम खेलना पसंद करने लगे तो समझ जाएं कि उसक मानसिक स्वास्थ्य पर कोई दबाव बना रही है।
  • रात-रात भर जागकर गेम खेलना और दिन में सुस्त रहना, साथ ही ग्रेड्स का अचानक कम होना और स्कूल जाने में अरुचि दिखाना भी इसी के लक्षणों में से हो सकते हैं।

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 कैसे  छुड़ाएं गैम की लत? (Expert-Recommended Steps)

  • माता-पिता बच्चों पर चिल्लाने के बजाय उनसे बात करें। उन्हें ऐसा महसूस न होने दें कि आप उनके दुश्मन हैं। उनसे पूछें कि उसे गेम में क्या अच्छा लगता है और वह क्या महसूस करता है।

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  • एक्सपर्ट का मानना है कि घर में नो गैजेट जोन जरूर होना चाहिए। बच्चों के लिए गेम खेलने का एक निश्चित समय तय करें और उसका सख्ती से पालन करें।
  • मोबाइल छीनने के बाद बच्चे के पास करने के लिए कुछ अच्छा और क्रिएटिव होना चाहिए। ऐसे में उसे उसकी पसंद के स्पोर्ट्स, म्यूजिक, पेंटिंग या किसी फिजिकल एक्टिविटी में शामिल करें।
  • बता दें कि माता-पिता तकनीक का इस्तेमाल तकनीक को ही रोकने के लिए करें। कई ऐसे एप्स आते हैं जो गेमिंग टाइम को ट्रैक कर सकते हैं और वक्त की सीमा जब समाप्त हो जाती है तो ऐप को लॉक कर देते हैं।

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