Mauni Amavasya 2025 Vrat Katha: मौनी अमावस्या के दिन व्रत रखने के दौरान पढ़ें ये कथा, सुख-समृद्धि के साथ ऐश्वर्य में होगी वृद्धि

मौनी अमावस्या हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण त्योहार है। यह माघ महीने की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है। इस दिन गंगा या अन्य पवित्र नदियों में स्नान करने का विशेष महत्व है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन स्नान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और सभी पाप धुल जाते हैं। वहीं, इस साल मौनी अमावस्या 29 जनवरी को है। यह तिथि हर साल बदलती है क्योंकि यह चंद्र कैलेंडर के अनुसार निर्धारित की जाती है। अब ऐसे में अगर आप मौन व्रत रख रहे हैं तो इस दिन कथा सुनना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। आइए इस लेख में ज्योतिषाचार्य पंडित अरविंद त्रिपाठी से विस्तार से व्रत कथा के बारे में जानते हैं।
मौनी अमावस्या के दिन जरूर सुनें व्रत कथा

प्राचीन काल में कांचीपुर नामक एक नगर में देवस्वामी नाम का एक ब्राह्मण रहता था। उसकी पत्नी का नाम धनवती था। उनके सात पुत्र और एक पुत्री थी। पुत्री का नाम गुणवती था। गुणवती के विवाह के लिए देवस्वामी ने अपने पुत्र को ज्योतिषी के पास कुंडली दिखाने के लिए भेजा। ज्योतिषी ने बताया कि गुणवती का विवाह होते ही वह विधवा हो जाएगी। देवस्वामी और धनवती बहुत दुखी हुए। उन्होंने ज्योतिषी से इसका उपाय पूछा। ज्योतिषी ने बताया कि सिंहल द्वीप में एक पतिव्रता महिला रहती है जिसका नाम सोमा धोबिन है। यदि गुणवती का विवाह होने से पहले सोमा उनके घर आकर पूजा करे तो यह दोष दूर हो जाएगा।
देवस्वामी ने अपनी पुत्री को अपने सबसे छोटे पुत्र के साथ सिंहल द्वीप भेज दिया। दोनों भाई-बहन समुद्र के किनारे पहुंचकर उसे पार करने के बारे में विचार करने लगे। जब उन्हें कोई रास्ता नहीं मिला तो वे भूखे-प्यासे एक पीपल के पेड़ के नीचे आराम करने लगे। पेड़ पर एक गिद्ध का परिवार रहता था। गिद्ध के बच्चों ने भाई-बहन की सारी बातें सुन लीं। उन्होंने अपनी मां से कहा कि तुम इन दोनों की मदद करो। गिद्ध की मां ने दोनों भाई-बहनों को समुद्र पार करवा दिया।
गुणवती और उसका भाई सोमा धोबिन के घर पहुंचे। सोमा धोबिन ने उनकी सारी बातें सुनीं और उनकी मदद करने के लिए तैयार हो गईं। उसने गुणवती के विवाह से पहले उनके घर आकर पूजा की। इससे गुणवती का वैधव्य दोष दूर हो गया।
इसे जरूर पढ़ें - Mauni Amavasya 2025: मौनी अमावस्या के दिन किस पेड़ की पूजा करनी चाहिए?
मौनी अमावस्या के दिन व्रत कथा सुनने का महत्व क्या है?

मौनी अमावस्या के दिन व्रत कथा सुनने का विशेष महत्व है। इस कथा को सुनने से व्यक्ति के सभी पाप दूर होते हैं और उसे पुण्य की प्राप्ति होती है। यह कथा व्यक्ति को धैर्य, साहस और विश्वास का संदेश देती है।
मौनी अमावस्या के दिन दान का भी विशेष महत्व है। इस दिन गरीबों को दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। इस दिन तिल, वस्त्र, अन्न और दक्षिणा का दान करना चाहिए। मौनी अमावस्या के दिन गंगा स्नान का भी विशेष महत्व है। इस दिन गंगा स्नान करने से व्यक्ति के सभी पाप धुल जाते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है।
इसे जरूर पढ़ें - Mauni Amavasya 2025: मौनी अमावस्या के दिन मनोकामना पूर्ति के लिए क्या करें और क्या करने से बचें?
अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे फेसबुक पर शेयर और लाइक जरूर करें। इसी तरह के और भी आर्टिकल पढ़ने के लिए जुड़े रहें हर जिंदगी से। अपने विचार हमें आर्टिकल के ऊपर कमेंट बॉक्स में जरूर भेजें।
Image Credit- HerZindagi
हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।