Maha Kumbh Shahi Snan Muhurat 2025: महाकुंभ का हुआ आरंभ, जानें आज पहले शाही स्नान के मुख्य 4 मुहूर्त और राजसी स्नान की अन्य तिथियां

पौष पूर्णिमा के साथ ही महाकुंभ का आरंभ हो चुका है। वहीं, इसका समापन 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के साथ होगा। महाकुंभ में शाही स्नान का बहुत महत्व माना जाता है। मान्यता है कि शाही स्नान करने से व्यक्ति को मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है और उसके सारे पाप-दोष मिट जाते हैं। आज पूर्णिमा तिथि के अवसर पर पहला शाही स्नान किया जाएगा। ऐसे में ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स से आइये जानते हैं कि आखिर कौन-कौन सी तिथियों पर होगा शाही स्नान और क्या है इसका महत्व।
महाकुंभ 2025 का पहला शाही स्नान कब है?
महाकुंभ 2025 का आज पहले शाही स्नान होगा। आज पौष माह की पूर्णिमा तिथि है। इसी कारण से आज के दिन शाही स्नान का महत्व और भी बढ़ जाता है। मान्यता है कि पूर्णिमा तिथि पर शाही स्नान करने से व्यक्ति से जुड़ा हर प्रकार का दोष जैसे कि ग्रह दोष, वास्तु दोष, शारीरिक दोष, पितृ दोष आदि दूर हो जाते हैं।
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महाकुंभ 2025 के पहले शाही स्नान के मुहूर्त
महाकुंभ के पहले शाही स्नान का मुहूर्त सुबह 5 बजकर 27 मिनट से सुबह 6 बजकर 21 मिनट था जो कि ब्रह्म मुहूर्त में बन रहा था, लेकिन इस मुहूर्त में स्नान संभव नहीं था क्योंकि नागा साधुओं से पहले किसी भी गृहस्थ व्यक्ति को स्नान की आज्ञा नहीं है। ऐसे में आप अन्य 3 मुहूर्तों में शाही स्नान का लाभ उठा सकते हैं।
| मुहूर्त का नाम | मुहूर्त की अवधि |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 2 वजकर 15 मिनट से दोपहर 2 बजकर 57 मिनट तक |
| गोधुली मुहूर्त | शाम 5 बजकर 42 मिनट से शाम 6 बजकर 9 मिनट तक |
| निशिता मुहूर्त | रात 12 बजकर 3 मिनट से रात 12 बजकर 57 मिनट तक |
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महाकुंभ 2025 में शाही स्नान की अन्य तिथियां
महाकुंभ 2025 में आज 13 जनवरी के अलावा, 5 तिथियां और हैं जब शाही स्नान किया जाएगा। इन तिथियों पर विशेष पर्व और त्यौहार पड़ रहे हैं, इसी के कारण इन तिथियों पर शाही स्नान करने का महत्व और भी अधिक लाभकारी माना जा रहा है। इन तिथियों पर पूर्णिमा, अमावस्या, महाशिवरात्रि एवं बसंत पंचमी है।
| तिथि | पर्व |
| 14 जनवरी 2025 | मकर संक्रांति |
| 29 जनवरी 2025 | मौनी अमावस्या |
| 3 फरवरी 2025 | बसंत पंचमी |
| 12 फरवरी 2025 | माघ पूर्णिमा |
| 26 फरवरी 2025 | महाशिवरात्रि |
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image credit: herzindagi
- महाकुंभ में स्नान करने से क्या होता है?
- ऐसा माना जाता है कि यहां स्नान करने से सारे पाप धुल जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
- कुंभ और महाकुंभ में क्या अंतर है?
- महाकुंभ हर 12 साल में लगाया जाता है और कुंभ मेला हर तीन साल में लगता है। कुंभ मेला हरिद्वार (गंगा), उज्जैन (शिप्रा), नासिक (गोदावरी), और प्रयागराज (गंगा-यमुना-सरस्वती) के तट पर लगते हैं।
- महाकुंभ में शाही स्नान के नियम क्या हैं?
- महाकुंभ में स्नान करते समय गृहस्थ लोग 5 डुबकी अवश्य लगाएं, तभी स्नान पूरा माना जाता है। इसके अलावा, स्नान के समय साबुन या शैंपू का इस्तेमाल न करें।
- महाकुंभ के दौरान घर पर शाही स्नान कैसे करें?
- महाकुंभ के दौरान घर पर नहाने के पानी में गंगाजल मिलाएं और फिर 'गंगे च यमुने चैव गोदावरि सरस्वति. नर्मदे सिंधु कावेरी जलेस्मिन् सन्निधिं कुरू' मंत्र का जाप करते हुए नहाएं. इससे महाकुंभ में शाही स्नान के बराबर ही पुण्य मिलेगा।
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