लता मंगेशकर की स्थिति गंभीर, जानिए उनसे जुड़ी कुछ अनसुनी बातें

भारत की स्वर कोकिला लता मंगेशकर को फेफड़े में इन्फेक्शन की वजह से ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को गंभीर बताया है। एक दिन पहले जब उन्हें सांस लेने में परेशानी हो रही थी, तब उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। स्थिति बिगड़ने पर उन्हें आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया। सूत्रों के अनुसार वह लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर हैं। लता मंगेशकर का इलाज कर रहे डॉक्टरों के अनुसार उन्हें निमोनिया हो गया है और उनका लेफ्ट वेंट्रिक्युलर फेल हो गया है। उनकी स्थिति नाजुक है, लेकिन पिछले कुछ घंटों में उनकी स्थिति में थोड़ा सुधार दिख रहा है।' डॉक्टरों के अनुसार लेफ्ट वेंट्रिकल दिल के ठीक तरह से काम करने के लिए अहम है और अभी लता जी की जो स्थिति है, उसमें उनके दिल के दाएं हिस्से को उतनी ही मात्रा का खून पंप करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ रही है। हालांकि अस्पताल निजता के चलते लता मंगेशकर की स्थिति के बारे में ज्यादा डीटेल में जानकारी नहीं दे रहा है। उधर मंगेशकर परिवार ने कहा है कि बताया है कि उनकी स्थिति बेहतर हो रही है और वह जल्दी ही अस्पताल से डिस्चार्ज कर दी जाएंगी।
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36 से अधिक भारतीय भाषाओं में गाए गाने

गौरतलब है कि लता मंगेशकर भारत की सबसे सम्मानीय प्ले बैक सिंगर्स में से एक रही हैं और उन्होंने 36 से अधिक भारतीय भाषाओं में गाने गाए हैं। सिर्फ हिंदी भाषा में ही उन्होंने 1,000 से ज्यादा गाने गाए हैं। 28 सितंबर 1929 को जन्मी लता को साल 2001 में देश के सबसे बड़े नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। इससे पहले उन्हें दादा साहेब फाल्के सम्मान से भी सम्मानित किया जा चुका है।
बचपन का नाम था हेमा

लता मंगेशकर प्रख्यात थिएटर एक्टर और क्लासिकल सिंगर पंडित दीनानाथ मंगेशकर की बेटी हैं। लता के नाम से उन्हें पूरी दुनिया जानती है, लेकिन बचपन में उनका नाम हेमा था, लेकिन अपने पिता के एक नाटक भाव बंधन के एक फेमस कैरेक्टर लतिका के नाम पर उनका नाम लता पड़ गया। लता ने गाना गाने की शुरुआत 5 साल की उम्र से ही कर दी थी। उन्होंने संगीत की बारीकियां अमान अली खान साहिब और अमानत खान से सीखी थीं, जो उस समय के प्रख्यात गायक थे।
शुरुआत में नहीं पसंद की गई थी लता की आवाज
लता मंगेशकर ने जब फिल्म इंडस्ट्री में प्ले बैक सिंगर के तौर पर कदम रखा था, तो उनकी आवाज को यह कहकर रिजेक्टर कर दिया गया था कि उनकी आवाज बहुत पतली है। उस समय में नूरजहां और शमशाद बेगम जैसी गायिकाओं का बोलबाला था, जिनकी हैवी नेजल वॉइस काफी ज्यादा पसंद की जाती थी। इस समय में लता ने 8 फिल्मों में एक्टिंग भी की थी, लेकिन अपने पिता के गुजर जाने के बाद घर की जिम्मेदारियां उन पर आन पड़ीं। एक्टिंग में सफलता नहीं मिलने के बाद लता ने मराठी फिल्म किति हासल में प्ले बैक सिंगिंग की, लेकिन यह गाना रिलीज नहीं किया गया। लेकिन बाद में उनकी यही आवाज उनकी पहचान बन गई। लता मंगेशकर और उनकी बहन आशा भोंसले, दोनों ही बहनों की सुरीली आवाज बहुत पसंद की गई और आज भी इनके सदाबहार गाने आकाशवाणी पर सुनने को मिलते हैं।
पंडित जवाहर लाल नेहरू लता की आवाज सुनकर हो गए थे भावुक
लता मंगेशकर ने देशभक्ति वाले कई गाने गाए हैं, जो आज भी स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर सुने जाते हैं। उनका ऐसा ही एक गाना 'ऐ मेरे वतन के लोगों' अपने समय में काफी ज्यादा पसंद किया गया था। इस गाने को सुनकर प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की आंखों में आंसू आ गए थे।
लॉर्ड्स स्टेडियम में लता के लिए रिजर्व है गैलरी

लता मंगेशकर के लिए लॉर्ड्स स्टेडियम में एक स्थायी गैलेरी रिजर्व है, जहां से वह अपना मनपसंद गेम क्रिकेट देखा करती थीं। आपको यह जानकर खुशी होगी कि लता मंगेशकर पहली ऐसी भारतीय महिला थीं, जिन्होंने लंदन के रॉयल एलबर्ट हॉल में परफॉर्मेंस दी थी।
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