Vrindavan Mystery: वृंदावन के ये तीन रहस्य आज भी हैं एक पहेली

Vrindavan Ke Rahaysa In Hindi: ब्रज धाम वृंदावन न सिर्फ कृष्ण भक्ति के लिए और कृष्ण लीलाओं के लिए जाना जाता है बल्कि श्री राधा रानी और श्री कृष्ण से जुड़े कई रहस्यों के लिए भी प्रचलित है। वृन्दावन में ऐसे कई स्थान हैं जहां के रहस्य आज भी एक पहेली बने हुए हैं। ज्योतिष एक्सपर्ट डॉ राधाकांत वत्स से आइये जानते हैं वृंदावन से जुड़े इन्हीं में से तीन सबसे बड़े और गहरे रहस्यों के बारे में।
वृंदावन का निधिवन

- निधिवन के बारे में आप सबने सुना ही होगा। निधिवन में शाम ढले जाना वर्जित माना गया है। जो लोग भगवान में विश्वास रखते हैं उनका यह मानना है कि निधिवन में शाम के समय श्री कृष्ण और राधा रानी सभी गोपियों के साथ रास रचाने आते हैं।
- उनकी इस रासलीला में की खलल न पड़े इसलिए यहां रात के समय भक्तों के आने पर मनाही होती है। यहां तक कि निधिवन के आसपास रहने वाले लोगों ने अपने घरों की खिड़कियों पर ताले लगा रखें हैं ताकि उस जगह को गलती से भी देख न सकें।
- ऐसा माना जाता है कि निधिवन के रंग महल में श्री कृष्ण (श्री कृष्ण के जिंदा सबूत) और राधा रानी विश्राम करते हैं और अगले दिन जब मंदिर के पट खुलते हैं तब बिस्तर बिखरा हुआ नजर आता है और वहां रखीं चीजों को देखते ही लगता है कि इन्हें इस्तेमाल किया गया है।
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वृन्दावन के वृक्ष
- ऐसा माना जाता है कि निधिवन में जितने भी वृक्ष हैं वह सभी गोपियों का रूप है यही कारण है कि वहां के वृक्ष सीधे नहीं बल्कि जोड़ों में अलग-अलग मुद्राओं में हैं। इन वृक्षों की विधिवत पूजा की जाती है।
- सिर्फ निधिवन ही नहीं बल्कि वृन्दावन में जितने भी पेड़ हैं सभी गोपियों और ऋषियों के रूप हैं इसलिए जोड़े में पेड़ हों या अकेला पेड़, सीधा नहीं होगा बल्कि किसी न किसी मिदरा में मुड़ा हुआ होगा।
- वृंदावन के वृक्षों को लेकर यह मान्यता है कि वृन्दावन के वृक्ष को जल चढ़ाकर पूजा जाए तो इससे भगवान श्री कृष्ण की कृपा बरसती है और ऋषियों का भरपूर आशीर्वाद भी मिलता है।
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वृंदावन के रंगजी मंदिर

- वृंदावन वन में रंगजी मंदिर स्थापित है। इस मंदिर से जुड़ी सबसे खास बात यह है कि यहां रसोई घर में पिछले 400 सालों से एक अखंड अग्नि प्रज्वलित है। इस अग्नि को आजतक कभी कोई नहीं बुझा पाया है।
- मान्यता है कि इस आग को जिसने भी बुझाने की कोशिश की है उसे ऐसी दिव्य अनुभूतियां हुई हैं कि उसने अपना मानसिक संतुलन ही खो दिया है। इस मंदिर (मंदिर की सीढ़ियां क्यों स्पर्श करते हैं) की अग्नि को मुग़ल और अंग्रेज तक नहीं बुझा पाए थे।
- मंदिर का प्रसाद उसी अग्नि में पकाया जाता है। मान्यता है उस अग्नि में पका प्रसाद जो भी कोई ग्रहण करता है उसे बीमरी से छुटकारा मिल जाता है और उसके घर अन्न का भंडार भरा रहता है।
तो ये हैं वृंदावन से जुड़े रहस्य जो आज भी अबूझ हैं। अगर हमारी स्टोरीज से जुड़े आपके कुछ सवाल हैं, तो वो आप हमें आर्टिकल के नीचे दिए कमेंट बॉक्स में बताएं। हम आप तक सही जानकारी पहुंचाने का प्रयास करते रहेंगे। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
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