IAS अधिकारी बनकर हो रही है सोशल मीडिया पर ठगी, रांची के निवासी के साथ हुआ डिजिटल फ्रॉड, जानें कैसे पहचानें नकली प्रोफाइल
-1767956338513.webp)
हमारे आसपास ना जानें ऐसे कितने स्कैम होते हैं, जिनसे हमें कुछ सबक सिखने को मिलता है। उन्हीं में से एक है, हाल ही में हुई प्रोफाइल फेक होने के कारण ठगी की घटना। बता दें, यह घटना रांची की है, जहां फेसबुक और व्हाट्सएप के जरिए साइबर धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। श्याममल चक्रवर्ती ने साइबर अपराध को लेकर अपने नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराई है। वे ऑनलाइन धोखाधड़ी के शिकार हो गए हैं। बता दें कि फेसबुक व्हाट्सएप पर फेक प्रोफाइल बनाकर उनसे लगभग 3 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए और उसके बाद अपनी प्रोफाइल को डिलीट कर दिया। ऐसे में लोगों को यह पता होना चाहिए कि फेक प्रोफाइल की पहचान कैसे की जाए। आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि फेक प्रोफाइल की पहचान कैसे करें। पढ़ते हैं आगे...
फेक प्रोफाइल की जांच कैसे करें?
स्कैमर्स की प्रोफाइल को पहचानने के लिए कुछ अचूक तरीके हैं जो इन रेड फ्लैग्स को जरूर पहचानें। कोई भी असली आईएएस, आईपीएस या सरकारी अधिकारी कभी भी सोशल मीडिया फेसबुक मैसेंजर या व्हाट्सएप पर आपसे पैसे की मांग नहीं करेगा। यदि कोई आपातकालीन स्थिति में पैसे मांगता भी है तो समझ जाए कि वह 100% फेक है।

इससे अलग अगर फेक प्रोफाइल में हाल ही में डाली गई कुछ फोटोस हैं और उसके बहुत कम फ्रेंड्स या फॉलोअर्स हैं और कोई पुराना डिजिटल इतिहास नहीं है तो वह प्रोफाइल फर्जी हो सकती है।
इससे अलग अपराधी असली अधिकारियों के नाम से मिलते जुलते नाम रखते हैं। जैसे ias_amit की जगह ias_amitt यानि स्पेलिंग में हेर फेर करके भी लोगों को ठगा जा सकता है। ऐसे में स्पैलिंग को ध्यान से पढ़ें।
इसे भी पढ़ें - क्या आधार के बिना बंद हो जाएगी आपकी IRCTC आईडी? रेलवे ने तय किया बुकिंग का नया समय, पढ़ें पूरी खबर
ऑफिशियल प्रोफाइल पर ब्लू टिक होता है हालांकि आप ब्लू टिक खरीद भी सकते हैं। इसलिए केवल इसी पर भरोसा ना करें।
-1767958321952.jpg)
क्या करें अगर आपके साथ साइबर ठगी हो जाए?
- आपके 1930 पर कॉल करना है। यह राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर है। इससे आपको जरूर मदद मिलेगी।
- इससे अलग Cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें। इस पर तुरंत शिकायत दर्ज करने से जल्दी मामला सुना जाएगा।
- अपने बैंक को तुरंत कॉल करें ताकि वे उस ट्रांजैक्शन को ब्लॉक या ट्रैक कर सकें।
नोट - बता दें कि आपकी सावधानी ही सुरक्षा है। ऐसे में अनजान लोगों के फ्रेंड रिक्वेस्ट और उनके फेक दावों पर भरोसा करने से पहले दो बार जरूर सोचें।
इसे भी पढ़ें - अब कोर्ट-कचहरी के चक्करों से मिलेगी आजादी, WhatsApp पर शुरू हुई सरकारी कानूनी सेवा, जानें कैसे उठाएं लाभ?
अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
Images: Freepik/pinterest
हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।