Sat Sep 12, 2026 | Updated 12:18 AM IST

निजाम की बेगम से जुड़ा है हैदराबाद के बेगम बाजार का इतिहास, जानिए पूरी कहानी

बेगम बाजार केवल खरीदारी का स्थान नहीं है बल्कि यह हैदराबाद की ऐतिहासिक जगहों में से भी एक है। यहां कई सालों पुरानी दुकानें भी हैं, जिसे लगातार एक ही परिवार के लोग चलाते आ रहे हैं।
Updated:- 2026-07-04, 12:21 IST
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हैदराबाद का बेगम बाजार, होलसेल सामान की खरीदारी के लिए जाना जाता है। यहां से अलग-अलग राज्यों के लिए व्यापारी आकर सामान खरीदते हैं। इसके साथ ही यह मार्केट स्थानीय लोगों के बीच भी काफी फेमस है। हर दिन आपको इस मार्केट में भीड़ देखने को मिलेगी। इसका कारण यह है कि आपको एक मार्केट में एक ही जगह पर हर जरूरत का सामान मिल जाता है। यहां छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी जरूरत का सामान आप खरीद सकती हैं। मार्केट की पतली-पतली गलियों में जहां स्टील और पीतल के बर्तन मिलते हैं, तो वहीं दूसरी तरफ मसाले, सूखे मेवे, स्टेशनरी और पूजा जैसी सामग्री भी आपको मिल जाएंगी। हालांकि, जिस मार्केट से आप रोज शॉपिंग करती हैं, क्या आपको उसका इतिहास पता है? आखिर इस बाजार का नाम बेगम क्यों रखा गया और यह किसके नाम रखा गया है, इसके बारे में हम विस्तार से जानकारी देंगे।

हैदराबाद के इस बाजार का नाम बेगम कैसे पड़ा?

बेगम बाजार के इतिहास की बात करें, तो जिस जगह पर बाजार बनाया गया, वह जमीन उम्दा बेगम को तोहफे में दी गई थी। उम्दा बेगम हैदराबाद राज्य के संस्थापक माने जाने वाले और पहले निजाम, मीर कमर-उद्दीन खान की पत्नी थीं। उस समय जब बेगम की जमीन पर जब बाजार शुरू हुआ, तो उन्हीं के नाम से लोग इस मार्केट को बुलाने लगे। इसका इतिहास लगभग 400 साल पहले का बताया जाता है। 

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Wholesale goods Hyderabad

बेगम बाजार का नाम पहले क्या था?

पहले लोगों ने इस जगह को बेगम साहिबा का बाजार के नाम से बुलाना शुरू किया था। हालांकि, जैसे-जैसे समय आगे बढ़ा अपने आप इसका नाम छोटा होता गया। आज इस जगह को अब बेगम बाजार के नाम से बुलाया जाता है। लोगों की बोलचाल में इसका नाम छोटा होता गया और बेगम साहिबा की जगह केवल बेगम ही कहा जाने लगा।

Nizam era markets Hyderabad

बेगम बाजार में सबसे ज्यादा किन चीजों की खरीद होती है?

ज्यादातर व्यापारी यहां से थोक में सामान खरीदकर अपने दुकानों में महंगे दाम पर बेचते हैं। किराना और राशन सामग्री, मसाले और सूखे मेवे, स्टील, पीतल और एल्यूमिनियम के बर्तन, प्लास्टिक का घरेलू सामान, पूजा सामग्री, इलेक्ट्रिकल सामान और खिलौने जैसी चीजें यहां से ज्यादा खरीदी जाती हैं।

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निजामों के इतिहास से संबंधित जानकारी देने वाली आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार इस बाजार का इतिहास समझने के लिए आपको आसफ जाही के बारे में जानना होगा। वह एक मुस्लिम राजवंश था जिसने हैदराबाद राज्य पर शासन किया था।

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image credit- magnific, gemini

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