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Guru Nanak Jayanti Kab Hai 2024: क्यों कहा जाता है गुरु नानक जयंती को प्रकाश पर्व, जानें इस साल कब मनाया जाएगा ये त्योहार

कार्तिक पूर्णिमा के दिन गुरु नानक जयंती मनाने की परंपरा है। यह सिखों का सबसे बड़ा त्योहार है। इस दिन को प्रकाश पर्व के नाम से भी जाना जाता है। आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं।
Updated:- 2024-11-12, 12:42 IST
guru nanak jayanti 2024 date and prakash parv significance

सिख धर्म में गुरु नानक जयंती का त्योहार सबसे प्रमुख माना जाता है। यह हर साल कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है। गुरु नानक जयंती दिवाली के 15 दिन के बाद आती है। गुरु नानक जी सिखों के सबसे पहले गुरु थे। उन्होंने सिख धर्म की स्थापना की थी। गुरु नानक जी ने समाज में ज्ञान का प्रकाश फैलाने का काम किया था। जिसके कारण इस दिन को प्रकाश पर्व के नाम से भी जाना जाता है। गुरु नानक जयंती के दिन सभी सिख धर्म मानने वाले लोग भजन-कीर्तन और लंगर भी करवाते हैं। इतना ही नहीं गुरु नानक जयंती के दिन सिख लोग गुरुद्वारे जाकर गुरुग्रंथ साहिब का पाठ भी करते हैं। अब ऐसे में इस साल गुरु नानक जयंती कब मनाई जाएगी। इसके बारे में इस लेख में विस्तार से जानते हैं।

कब है गुरु नानक जयंती?

Guru-Nanak-Jayanti

इस साल गुरु नानक जयंती 15 नवंबर को मनाई जाएगी। इस साल गुरु नानक जी की 555वीं वर्षगांठ है। इस दिन पूर्णिमा तिथि का आरंभ सुबह 06 बजकर 19 मिनट से हो रहा है और इसका समापन 16 नवंबर को सुबह 02 बजकर 58 मिनट पर होगा।

गुरु नानक जी ने दिया था 'इक ओंकार' का नारा

सिखों के पहले गुरु गुरुनानक देव जी ने इक ओंकार का नारा दिया था। जिसका अर्थ है 'ईश्वर एक हैं'। इक ओंकार सिख धर्म के मूल दर्शन का भी प्रतीक है। जिसका अर्थ है 'परम शक्ति एक ही है'। ऐसा कहा जाता है कि गुरुनानाक देवजी ने लंगर की प्रथा शुरू की थी। तभी से लंगर की प्रथा गुरुद्वारे में चली आ रही है। यहां लोग सेवा करते हैं। साथ ही गुरु नानक जयंती के दिन अखंड पाठ का आयोजन भी किया जाता है। आपके बता दें, गुरु नानक जयंती केवल एक दिन ही नहीं, बल्कि तीन दिनों तक चलता है।

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गुरु नानक जंयती को क्यों कहते हैं प्रकाश पर्व?

prakash parv

गुरु नानक जयंती को प्रकाश पर्व के नाम से भी जाना जाता है। गुरु नानक जी ने अपना पूरा जीवन समाज सुधार में लगा दिया था। उनका कहना था कि सभी भगवान के बनाए इंसान हैं। भगवान ने जात-पात जैसी कोई चीज नहीं बनाई है। उन्होंने समाज में ज्ञान का प्रकाश फैलाया का काम किया। जिसके कारण उनकी जयंती को प्रकाश पर्व के नाम से भी जाना जाता है।

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image credit: herzindagi

FAQ
क्यों मनाया जाता है गुरु नानक जयंती का पर्व?
गुरु नानक जी का जन्म साल 1469 में कार्तिक पूर्णिमा के दिन हुआ था। तब से लेकर आज तक प्रत्येक साल कार्तिक पूर्णिमा के दिन उनकी जयंती के रूप में धूमधाम से मनाया जाता है।
गुरु नानक जयंती मनाने का उद्देश्य क्या है?
गुरु नानक जयंती मनाने का उद्देश्य गुरु नानक जी के कथनों और उपदेशों को याद कर उन पर चलना है। नानक जी ने अपने उपदेश में यह बताया कि दूसरों के साथ हर चीज मिल बाट कर खाना चाहिए और मिलकर एकता के साथ रहना चाहिए। 
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