Sat Sep 12, 2026 | Updated 03:29 AM IST

रात को जल्दी सोकर भी सुबह नहीं उठ पाता बच्चा? Kids की बायोलॉजिकल क्लॉक को ऐसे करें सेट

यह लेख बच्चों की बायोलॉजिकल क्लॉक को सही करने के तरीके बताता है, ताकि वे समय पर उठ सकें। इसमें सोने-जागने का निश्चित समय तय करने, गैजेट्स से दूरी, सुबह प्राकृतिक रोशनी का उपयोग और रात के खाने व सोने के बीच अंतर रखने जैसे सुझाव दिए गए हैं। 
Updated:- 2026-04-03, 17:30 IST
parenting tips

अक्सर माता-पिता की यह शिकायत होती है कि उनका बच्चा रात को समय पर सो तो जाता है, लेकिन सुबह टाइम से नहीं उठता, उसे उठाने में उसे बहुत मशक्कत करनी पड़ती है। ऐसे में गहरी नींद के बावजूद सुबह की सुस्ती और चिड़चिड़ापन इस बात का संकेत होता है कि बच्चे की बायोलॉजिकल क्लॉक यानी शरीर की आंतरिक घड़ी सही तरीके से सेट नहीं हो पा रही है। ऐसे में एक स्वस्थ विकास के लिए केवल नींद की काफी नहीं है, बल्कि उसकी क्वालिटी और उसका सही समय पर आना भी बहुत मायने रखता है। ऐसे में अगर आप अपने बच्चे की बायोलॉजिकल क्लॉक को सेट करना चाहती हैं को यहां कुछ तरीके दिए गए हैं, जिनसे आप अपने बच्चे की दिनचर्या को सुधार सकती हैं। आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि रात को जल्दी सुलाकर बच्चे को टाइम से कैसे जगाएं। इसके लिए हमने कोच और हीलर, लाइफ अल्केमिस्ट, साइकोथेरेपिस्ट डॉ. चांदनी तुगनैत (Dr. Chandni Tugnait) से भी बात की है। पढ़ते हैं आगे...

सोने और जागने का एक निश्चित समय करें तय

बच्चे के शरीर को डिसिप्लिन की आदत डालने के लिए सबसे जरूरी है कि उसके सोने और जागने का समय हर दिन एक ही हो। चाहे स्कूल की छुट्टी हो या वीकेंड, कोशिश करें कि इस समय में 15-20 मिनट से ज्यादा का अंतर न आए। 

2 - 2026-03-20T163057.145

एक पैटर्न बनाना बेहद ही जरूरी होता है। जब बच्चा रोज एक ही समय पर उठता है, तो उसके मस्तिष्क को संकेत मिलता है कि अब एक्टिव होने का समय हो गया है। धीरे-धीरे उसका शरीर इस साइकिल का आदी हो जाता है और सुबह उठना उसके लिए बोझ नहीं रहता।

गैजेट्स से दूरी और विजुअल साइन का यूज

रात को सोने से कम से कम एक घंटा पहले फोन, टैबलेट या टीवी बंद कर देना चाहिए। इन प्रोडक्ट से निकलने वाली नीली रोशनी शरीर में मेलाटोनिन हार्मोन के लेवल को कम कर देती है, जो नींद के लिए जिम्मेदार होता है। इसके बजाय, कमरे में बिल्कुल अंधेरा न रखें और हल्की रोशनी जरूर रखें।

इसे भी पढ़ें - Parenting Tips: बच्चा दोस्तों से फोन पर करता है लंबी बातें? ऐसे तय करें Time Limit

सुबह होते ही खिड़कियों के पर्दे हटा दें। बता दें कि नेचूरल लाइट रोशनी शरीर को जगाने का सबसे बेहतरीन तरीका है। सूरज की रोशनी जैसे ही बच्चे के कमरे में आती है, उसकी बायोलॉजिकल क्लॉक को जागने का नेचुरल मैसेज मिल जाता है। 

1 - 2026-03-20T163059.553

रात को खाने और सोने में गैप

अपने बच्चों को सोने से कम से कम दो-तीन घंटे पहले रात का खाना खिला देना चाहिए। भारी या मीठा भोजन रात में बच्चे की एनर्जी बढ़ा सकता है, जिससे उसे गहरी नींद आने में समस्या होती है। ऐसे में आप सोने से पहले एक 'विंड-डाउन' रूटीन बनाएं, जैसे कि गर्म पानी से नहलाना, कोई कहानी पढ़कर सुनाना या हल्का संगीत सुनना। यह प्रोसेस बच्चे के दिमाग को शांत न केवल शांत कर सकता है बल्कि उसे गहरी नींद के लिए तैयार भी करता है।

इसे भी पढ़ें - सिर्फ ध्यान खींचने का तरीका या कुछ और, जानें क्यों बच्चे हर वक्त करते हैं दूसरों की बुराई?

अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

Images: Freepik/shutterstock

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।