महिलाओं को लिए क्यों जरूरी है कामकाजी होना, बता रही हैं बॉलीवुड एक्ट्रेस अहाना कुमरा

By Saudamini Pandey31 Oct 2018, 18:51 IST

पिछले एक दशक में भारत की महिलाओं ने काफी तरक्की की है। देश में वर्किंग वुमन की संख्या में भी पहले की तुलना में बढ़ोत्तरी हुई है। इससे महिलाएं आर्थिक स्तर पर मजबूत हुई हैं और उनकी जीवनशैली भी पहले के मुकाबले बेहतर हुई है। लेकिन वर्किंग वुमन के लिए चुनौतियां अभी भी कम नहीं हुई है। बॉलीवुड और छोटे पर्दे पर नजर आने वाली लोकप्रिय अभिनेत्री अहाना कुमरा से हमने इस बारे में बात की। अहाना कुमरा महिलाओं के लिए प्रोग्रेसिव सोच रखती हैं। उनकी दिली ख्वाहिश है कि देश की महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हो और हर महिला आत्मसम्मान के साथ अपनी जिंदगी बिताए, महिलाओं को अपने जीवनयापन के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़े। इसी सोच के तहत उन्होंने देश की वर्किंग महिलाओं को इंस्पायर करने वाली बातें कही हैं। आइए जानते हैं कि उन्होंने महिलाओं के सामने पेश आने वाली चुनौतियों के बारे में क्या कहा और इससे महिलाएं बेहतर तरीके से कैसे निपट सकती हैं।

कामकाजी महिलाओं के सामने हैं ज्यादा चुनौतियां

अहाना कुमरा का मानना है कि पुरुषों की तुलना में कामकाजी महिलाओं को ज्यादा चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंनें कहा, 'हम एक असमान दुनिया में रहते हैं। ये अलग बात है कि यह दुनिया सबके लिए समान है, लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं है। इसीलिए महिलाओं को ज्यादा मेहनत करने की जरूरत पड़ती है। महिलाओं को हमेशा खुद को साबित करके दिखाना होता है। ट्रेन के कम्पार्टमेंट्स को ही देख लीजिए, ट्रेन कम्पार्टमेंट्स में कितने लेडीज कम्पार्टमेंट होते हैं? 2-4 कितने? दूसरे सभी कम्पार्टमेंट पुरुषों के लिए होते हैं। अगर महिला प्रेगनेंट होती है तो शायद उसे अपनी जॉब से भी हाथ धोना पड़ सकता है, क्योंकि, काम होना तो जरूरी होता है। इसीलिए, महिलाओं को शारीरिक रूप से अपनी बात साबित करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। 

कामकाजी महिलाओं के लिए बदली है सोच?

अहाना कुमरा है कि कामकाजी महिलाओं के लिए सोच में बहुत ज्यादा बदलाव नहीं आया है। अहाना ने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि कामकाजी महिलाओं के लिए सोच बदली है। देखिए हम तो मुंबई में रहते हैं, लेकिन दिल्ली जैसे शहर के बारे में हमें पता है। हमें लखनऊ जैसे शहर के बारे में पता है। मैं लखनऊ से हूं और मुझे पता है कि वहां औरतों को किस तरह से देखा जाता है। इसलिए समाज में हमेशा असमानता रही है, चाहें वह भारत हो, जापान हो या अमेरिका।

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अहाना कुमरा की महिलाओं को सलाह

अहाना कुमरा भले ही यह बात मानती हैं कि कामकाजी महिलाओं के लिए स्थितियां चैलैंजिंग हैं, लेकिन साथ ही वह यह भी कहती हैं कि महिलाओं को काम जरूर करना चाहिए। अहाना कहती हैं, 'मुझे लगता है कि ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को काम करना चाहिए और उन्हें सभी चीजों के लिए अपने परिवार पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। हम एक ऐसी दुनिया में रहते हैं, जहां हमें थोड़ा सा स्वार्थी होने की जरूरत है। पुरुष काफी लंबे समय से सेल्फिश रह चुके हैं। एक लड़के के लिए यह कहना आसान है, 'तुम तो मां हो, तुम बच्चे के साथ घर पर रहो। लेकिन महिलाओं को काम करना चाहिए। जब आपके हाथ में पैसे आएंगे, आपके बैंक अकाउंट में पैसे आएंगे, आपका पति भी आपका सम्मान करेगा, आपके घरवाले भी आपका सम्मान करेंगे और ये तभी होगा, जब आप काम करेंगे। इसलिए अपने काम पर ध्यान दें। आप इस दुनिया में काम करने आए हैं। ना कि कुछ और। इसीलिए काम करें। बाहर निकलिए और निडर होकर काम करिए।