Aap Beeti: 'ट्रेन में मेरी सीट के सामने बैठा शख्स बार-बार अपनी....' यात्रा के दौरान हुई इस शर्मनाक घटना के बाद मैंने जो किया, वो हर महिला को जानना चाहिए
-1774859326332.webp)
उस दिन मैं बिल्कुल सामान्य तरीके से घर जाने के लिए निकली थी। मैं घर से दूर रहकर जॉब करती हूं और वीकेंड पर घर जाती हूं। एक रोज मैं ऑफिस करके ट्रेन से घर जाने को निकली थी। मैंने रिजर्वेशन करवा रखा था। जब हम रिजर्वेशन करवा लेते हैं तो लगता है कि सफर में कोई परेशानी नहीं होगी। ऐसा मेरे मन में भी था। मुझे लखनऊ से रायबरेली जाना था, लेकिन मुझे नहीं पता था कि ट्रेन का ये सफर मेरे लिए इतना Uncomfortable हो जाएगा।
मैं अपनी सीट पर जाकर बैठ गई थी। थोड़ी देर बाद मेरी नजर सामने बैठे एक व्यक्ति पर पड़ी। शुरू में तो सब ठीक लग रहा था, लेकिन कुछ ही देर में मुझे अजीब सा लगने लगा क्योंकि वो व्यक्ति आदमी बार-बार अपनी पैंट की जिप खोल रहा था और उसने अंडरवियर भी नहीं पहन रखा था। पहले तो मुझे लगा कि शायद ये गलती से हुआ होगा, लेकिन जब वो बार-बार यही हरकतें कर रहा था, तब मुझे लगा कि ये सब वो जानबूझकर कर रहा है।
मेरी सीट के एकदम सामने बैठा था वो आदमी
मुझे सबसे ज्यादा दिक्कत इसलिए हो रही थी क्योंकि ये व्यक्ति बिल्कुल मेरी सीट के सामने बैठा था। मतलब चाहकर भी नजरें पूरी तरह हटाना आसान नहीं हो पा रहा था। मैं बार-बार इधर-उधर देखने लगती, कभी फोन चलाने लगती तो कभी किसी से बातें करने लगती, लेकिन वो हरकत बार-बार मेरा ध्यान खींच रही थी। मेरे अगल-बगल भी लोग बैठे थे, लेकिन किसी ने कुछ भी बोलना जरूरी नहीं समझा।
बहुत डर गई थी मैं
सब ऐसे बैठे थे जैसे कुछ हुआ ही नहीं। उस समय मुझे बहुत अकेलापन महसूस हो रहा था। ऐसा लग रहा था कि मैं भीड़ में भी अकेली हूं। मेरे मन में बहुत सारी बातें चल रही थीं कि क्या करूं, कुछ बोलूं या शांत रहूं? कहीं बात बढ़ गई तो? लेकिन फिर मुझे लगा कि अगर मैं चुप रही, तो शायद वो अपनी हरकतों से बाज नहीं आएगा और मेरा सफर भी अभी लंबा है।
ट्वीट कर लिया स्टैंड
तभी मैंने उसे कुछ बोलने के बजाय अपने फोन से ट्वीट किया। मैंने रेलवे और उससे जुड़े अधिकारियों को टैग करते हुए समस्या बताई कि इस सीट पर एक व्यक्ति बैठा है जो गलत हरकतें कर रहा है। उस समय मुझे यही सबसे आसान लगा, क्योंकि मैं किसी से भिड़ना नहीं चाहती थी। सच बताऊं तो मुझे लगा नहीं था कि इतनी जल्दी एक्शन लिया जाएगा।
कुछ ही समय में लिया एक्शन
हालांकि, कुछ ही समय बाद ट्रेन में मौजूद सुरक्षा कर्मी (शायद RPF) मेरे पास आए। उन्होंने मुझसे बात की और फिर उस व्यक्ति को डांटा। इसके बाद उसकी सीट बदल दी गई। जब उसकी सीट चेंज की गई तब जाकर मुझे थोड़ा सुकून मिला, क्योंकि जो डर और घुटन मैं इतनी देर से फील कर रही थी, वो धीरे-धीरे कम होने लगी। सबसे अच्छी बात ये लगी कि मेरी शिकायत को गंभीरता से लिया गया।
चुप रहना समस्या का समाधान नहीं
इस घटना से मुझे ये सीख मिली कि चुप रहना समस्या का समाधान नहीं है। हम अक्सर डर या शर्म की वजह से कुछ नहीं कहते, लेकिन इससे सामने वाले को और ज्यादा हिम्मत मिल जाती है।
ऐसी स्थिति में फंसने पर क्या करें?
- हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें
- सोशल मीडिया की मदद लें
- सीधे पुलिस से भी संपर्क कर सकती हैं
क्या सीख मिली?
- अगर कुछ गलत लग रहा है, तो उसे नजरअंदाज न करें
- आसपास के लोगों से मदद मांगने में हिचकिचाएं नहीं
- सोशल मीडिया भी आपकी मदद कर सकता है
- खुद की सुरक्षा का सबसे ज्यादा ध्यान दें
तो अगर आप भी कभी ऐसी किसी स्थिति में फंस जाती हैं तो बेहतर है कि चुप रहने के बजाय एक्शन लिया जाए। इससे सामने वाले को सबक भी मिलेगी और आपको भी घुट-घुट कर सफर नहीं करना पड़ेगा। साथ ही अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
Image Credit- Freepik
हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।