Sat Sep 12, 2026 | Updated 03:02 AM IST

Aap Beeti: 'कैब में उसने कुछ स्प्रे किया और फिर...', ऑफिस से घर लौटते वक्त ड्राइवर ने की ऐसी हरकत जो थी मेरी सोच से भी परे

आज मुझे ऑफिस से निकलने में थोड़ा लेट हो गया था, रोज की तरह ही मैंने घर जाने के लिए कैब ली। मेरा ऑफिस पटेल चौक के पास है और मुझे वहां से गाजियाबाद अपने घर जाना था। मैं कैब में बैठी, लेकिन कुछ ही देर में बाद ड्राइवर ने कुछ ऐसा किया, जो मैं अपने बुरे से बुरे सपने में भी नहीं सोच सकती थी। उसने कैब में मेरे साथ...
Updated:- 2026-03-16, 18:08 IST
woman faced molestation in cab

अगर आप दिल्ली-एनसीआर में रहती हैं, तो आप समझ सकती हैं कि रोजाना ऑफिस आना-जाना कितना थका देता है। कई बार आपका घर एक छोर पर और ऑफिस दूसरे छोर पर होता है और ऐसे में लगता है मानो ट्रैवल में ही आधा दिन निकल जाएगा। मेरा हाल भी कुछ यूं ही है। ये कहानी मेरी यानी अदिति की है। मैं सेंट्रल दिल्ली में जॉब करती हूं और मेरा घर गाजियाबाद में है, ऐसे में रोजाना कम से कम डेढ़ घंटा ऑफिस आने में और डेढ़-दो घंटे ऑफिस से घर पहुंचने में लग ही जाते हैं। मैं कई बार ऑफिस से घर जाने के लिए कैब लेती हूं, ताकि थोड़ा रिलैक्स होकर घर पहुंच जाऊं और दिनभर की थकान के बाद यूं भी मेट्रो में धक्के खाने की हिम्मत कम ही बचती है। ये बात लगभग दो महीने पुरानी है, मैंने रोज की तरह ही ऑफिस से घर जाने के लिए कैब बुक की। हालांकि, उस दिन मैं ऑफिस से निकलने में थोड़ा लेट हो गई थी और मैंने लगभग 8 बजे कैब बुक की थी, इरादा वही सुकून से घर पहुंचने का था, लेकिन उस दिन कैब में मेरे साथ कुछ ऐसा हुआ, जिसने मेरे अंदर एक ऐसा डर पैदा कर दिया कि...

ड्राइवर कर रहा था ओवर-स्पीडिंग

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मैं कैब में बैठी और रोजाना की तरह ही ड्राइवर को ओटीपी बताया। इसके बाद उसने राइड स्टार्ट की। ड्राइवर बहुत तेज कैब चला रहा था और एक-दो बार तो मुझे ऐसा लगा मानो एक्सीडेंट की हो जाएगा। इतना ही नहीं, वो फोन पर किसी से जोर-जोर से गाली-गलौच करते हुए बात कर रहा था, मुझे अनकम्फर्टेबल फील हो रहा था, मैंने ड्राइवर से गाड़ी कम स्पीड में चलाने और ढंग से बात करने के लिए कहा। मैंने उसे कहा कि पीछे कोई बैठा है, आपको इस तरह गाली देकर बात नहीं करनी चाहिए, तो उसने मुझे जवाब में कहा, "तो आपको गाली थोड़े न दे रहा हूं मैडम जी..." इसके बाद वो हंसने लगा, उसकी हंसी मानो मुझे चुभ रही थी। एक बार मैंने सोचा कि कैब से उतर जाऊं, लेकिन फिर मैंने सोचा, जाने देती हूं...जल्दी घर भी तो पहुंचना था। खैर, मैंने ड्राइवर को गाड़ी धीमे चलाने और सही से बात करने को लेकर दोबारा चेतावनी दे दी और कानों में एयरपॉड्स लगाकर मैं गाने सुनने लगी, लेकिन अब शायद जो होने वाला था, वो मेरी सोच से भी परे था।

ड्राइवर ने कैब में कुछ स्प्रे किया और फिर...

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हमने आधा सफर भी तय नहीं किया था और फिर कैब में ड्राइवर ने कुछ स्प्रे किया। मैंने पूछा कि ये क्या स्प्रे कर रहे हो, तो उसने जवाब में कहा कि एयर फ्रेशनर है, गाड़ी में अच्छी खुशबू आएगी। हालांकि, न तो मुझे उसका इरादा अच्छा लग रहा था और न ही वो खुशबू। इसके बाद कुछ मिनटों में मुझे लगा मानो मेरा सिर भारी हो रहा है और तभी ड्राइवर ने गाड़ी की स्पीड तेज कर दी। मैंने झटके से विंडो का ग्लास ओपन किया ताकि उसने जो भी स्प्रे किया है, वो बाहर निकले और मैं सांस ले पाऊं। अब तक मैं समझ चुकी थी कि कुछ ठीक नहीं है, मैंने ड्राइवर से गाड़ी रोकने को कहा, पर उसने गाड़ी नहीं रोकी, बल्कि वो पीछे मुड़कर मुझे छूने की कोशिश करने लगा और काफी गलत बातें बोलने लगा। उसने विंडो बंद करने की भी कोशिश की, लेकिन मैंने हिम्मत दिखाई और मैं विंडो से अपना फेस बाहर की तरफ निकालकर जोर से चिल्लाई...मेरी किस्मत शायद अच्छी थी कि पास से ही एक पुलिस की गाड़ी जा रही थी और उन्होंने तुरंत कैब वाले को रोक दिया। मैं जब तक बाहर निकली, मेरा सिर दर्द से फट रहा था और मुझे चक्कर आने लगे थे। मैंने उन्हें पूरा वाकया बताया या शायद पूरी बात नहीं बता पाई और उससे पहले ही बेहोश हो गई। ड्राइवर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और मैंने होश आने पर खुद को अस्पताल में पाया। इस घटना ने मुझे सुन्न कर दिया था। ये कुछ ऐसा था, जो मैं सोच भी नहीं सकती थी।

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कैब में अकेले सफर करते वक्त रखें किन बातों का ध्यान?

  • अगर आप कैब में अकेले सफर कर रही हैं, तो अपनी लोकेशन घरवालों के साथ जरूर शेयर करें।
  • कैब वाले के बर्ताव या किसी हरकत पर अगर संदेह हो, तो उसे नजरअंदाज न करें।
  • कैब ड्राइवर को उसी रूट से चलने के लिए कहें, जिसके बारे में आप जानती हों या जिससे आप रोज जाती हैं।
  • अपने पास पेपर स्प्रे रखें।
  • कुछ भी गलत लगे, तो तुरंत मदद के लिए चिल्लाएं।

 

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महिलाओं को यात्रा करते वक्त सुरक्षित महसूस करने का पूरा हक है। अगर आपके साथ सफर में कोई भी गलत हरकत हो, तो आपको डरने के बजाय खुलकर आवाज उठानी चाहिए। साथ ही, ट्रैवल करते वक्त सतर्क रहना भी बहुत जरूरी है। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
Image Credit: Shutterstock

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