Cyber Fraud Alert: बैंक से जुड़े ये 8 बड़े फ्रॉड बढ़ा सकते हैं मुसीबत! हर महिला के लिए जानना है बेहद जरूरी

बैंकिंग से जुड़े 8 तरह के साइबर फ्रॉड से रहें सावधान। जानिए यूपीआई, केवाईसी, एटीएम क्लोनिंग और फर्जी लोन के नाम पर होने वाली ठगी से कैसे बचें?
Updated:- 2026-11-07, 16:00 IST
Banking Frauds

आज के समय में बैंक का काम करने के लिए हर बार ब्रांच जाने की जरूरत नहीं पड़ती है। मोबाइल से पैसे भेजने, बिल भरने और ऑनलाइन खरीदारी करने जैसे काम मिनटों में हो जाते हैं। डिजिटल बैंकिंग की इस सुविधा के साथ साइबर ठगी का खतरा भी बढ़ा है। ठग कभी बैंक अधिकारी बनकर फोन करते हैं, तो कभी KYC अपडेट करने के नाम पर लिंक भेजते हैं। कई बार उनकी बातों में आकर लोग अपनी बैंकिंग जानकारी साझा कर देते हैं और खाते से पैसे गायब हो जाते हैं।

बैंक फ्रॉड से हर महिला रहे सावधान

आपके मोबाइल पर बैंक से जुड़ा कोई मैसेज आए या कोई अनजान व्यक्ति फोन करके खाते में गड़बड़ी की बात कहे, तो सावधान हो जाएं। हो सकता है कि दूसरी तरफ कोई साइबर ठग हो, जो आपकी निजी जानकारी हासिल करना चाहता हो। खासकर, घर और बैंकिंग से जुड़े ऑनलाइन लेन-देन संभालने वाली महिलाओं को ऐसे फ्रॉड के बारे में जानकारी होनी चाहिए। बैंकिंग से जुड़े कई तरह के फ्रॉड के जरिए ठग लोगों को निशाना बनाते हैं। आइए ICICI गाजियाबाद ब्रांच की मैनेजर स्वाथी सिंह से जानते हैं, इन सभी बैंक फ्रॉड के बारे में।

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बैंक से जुड़े ये 8 फ्रॉड जानना है जरूरी

1. UPI के नाम पर ठगी

UPI से पैसे भेजना आसान है, लेकिन ठग इसी सुविधा का गलत फायदा उठाते हैं। वे नकली पेमेंट लिंक भेजकर या पैसे मिलने का झांसा देकर लोगों से UPI पिन डलवाते हैं। याद रखें कि पैसे निकालने के लिए UPI पिन डालने की जरूरत नहीं होती है। किसी अनजान व्यक्ति के भेजे QR Code को स्कैन करके पिन न डालें।

2. बैंक अधिकारी बनकर फोन करना

इस तरह के फ्रॉड में ठग खुद को बैंक कर्मचारी बताते हैं। वे डेबिट कार्ड बंद होने, खाते में संदिग्ध लेन-देन या KYC की समस्या का डर दिखाते हैं। इसके बाद ओटीपी, एटीएम पिन या कार्ड की जानकारी मांगते हैं। बैंक अधिकारी बनकर फोन करने वाले किसी अनजान व्यक्ति को ये जानकारियां न दें।

3. KYC अपडेट के नाम पर धोखाधड़ी

ठग फोन, मैसेज या ईमेल के जरिए कहते हैं कि आपका KYC अधूरा है और खाता बंद हो सकता है। इसके बाद आधार, पैन, ओटीपी या बैंक से जुड़ी जानकारी मांगते हैं। ऐसे किसी मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक न करें। KYC से जुड़ी जानकारी के लिए बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या ब्रांच से संपर्क करें।

4. फर्जी ईमेल से बैंक खाते में घूसपैठ की कोशिश

कई बार ईमेल में इनाम, लॉटरी या किसी जरूरी बैंक अपडेट का लालच दिया जाता है। इन ईमेल में दिए गए लिंक पर क्लिक करने से आप नकली वेबसाइट पर पहुंच सकते हैं। वहां लॉगिन आईडी और पासवर्ड डालते ही आपकी जानकारी ठगों तक पहुंच सकती है। अनजान ईमेल और अटैचमेंट से दूर रहें।

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5. एटीएम कार्ड की क्लोनिंग

एटीएम मशीन में ठग स्किमिंग डिवाइस या छिपे कैमरे लगा सकते हैं। इनकी मदद से कार्ड की जानकारी और पिन चुराया जाता है। बाद में इसी जानकारी से नकली कार्ड तैयार करके खाते से पैसे निकाले जा सकते हैं। एटीएम इस्तेमाल करने से पहले कार्ड स्लॉट और कीपैड को देख लें। पिन डालते समय हाथ से कीपैड ढकें।

6. सिम क्लोनिंग या सिम स्वैप फ्रॉड

इसमें ठग आपके मोबाइल नंबर का दूसरा सिम हासिल करने की कोशिश करते हैं। ऐसा होने पर आपके नंबर पर आने वाले ओटीपी और बैंक के मैसेज ठगों तक पहुंच सकते हैं। अगर अचानक आपके फोन में नेटवर्क आना बंद हो जाए, तो मोबाइल ऑपरेटर से तुरंत संपर्क करें।

7. फर्जी लोन का झांसा

ठग कम दस्तावेजों में तुरंत लोन दिलाने का दावा करते हैं। इसके लिए वे पैन कार्ड और दूसरी निजी जानकारी मांगते हैं। बाद में इसी जानकारी का इस्तेमाल करके आपकी जानकारी के बिना लोन लिया जा सकता है। अनजान कॉल या वेबसाइट के जरिए लोन लेने से बचें।

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8. बैंक अकाउंट पर कब्जा

इस फ्रॉड में ठग फर्जी वेबसाइट, चोरी हुए पासवर्ड या निजी जानकारी के जरिए बैंक खाते तक पहुंच बना लेते हैं। कई बार वे लोगों को डराकर या लालच देकर खुद ही जानकारी हासिल कर लेते हैं। हर बैंकिंग खाते के लिए अलग और मजबूत पासवर्ड रखें। किसी के साथ लॉगिन डिटेल साझा न करें।

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साइबर फ्रॉड से बचने के लिए क्या करें?

  •  अपना ओटीपी, यूपीआई पिन, सीवीवी और एटीएम पिन किसी को न बताएं।
  •  अनजान लिंक पर क्लिक न करें और संदिग्ध ऐप डाउनलोड न करें।
  •  बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप का ही इस्तेमाल करें।
  •  बैंक खाते के लेन-देन के अलर्ट चालू रखें।
  •  किसी भी संदिग्ध कॉल पर भरोसा करने के बजाय बैंक से सीधे संपर्क करें।

अगर आपके साथ ऑनलाइन ठगी हो जाती है, तो तुरंत अपने बैंक को सूचना दें और भारत सरकार के साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें। आप राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

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बैंक फ्रॉड से बचने का सबसे आसान नियम याद रखें कि बैंक कभी फोन या मैसेज पर OTP, PIN या CVV नहीं मांगता है। जो मांगे, समझ लीजिए वही ठग है। थोड़ी सी सावधानी, जैसे अनजान लिंक पर क्लिक न करना और अलर्ट चालू रखना, आपकी सालों की मेहनत की कमाई को बचा सकती है। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

FAQ
अगर गलती से किसी को OTP बता दिया तो सबसे पहले क्या करें?
सबसे पहले तुरंत बैंक को कॉल करके अपना कार्ड और नेटबैंकिंग ब्लॉक कराएं, फिर 1930 पर शिकायत करें। जितनी जल्दी बताएंगे, पैसा रुकने के चांस उतने ज्यादा होंगे।
क्या बैंक का नाम लिखे मैसेज पर भरोसा कर सकते हैं?
नहीं, ठग अब बैंक के नाम से मिलते-जुलते Sender ID से भी मैसेज भेज देते हैं। मैसेज में दिए लिंक पर कभी क्लिक न करें, हमेशा बैंक की ऑफिशियल ऐप या वेबसाइट खुद खोलकर चेक करें।
UPI से पैसे लेते समय PIN डालना पड़ता है क्या?
बिल्कुल नहीं। पैसे लेने के लिए कभी PIN नहीं डालना पड़ता है। अगर कोई कहे कि पैसे पाने के लिए PIN डालो या QR स्कैन करो, तो समझ जाएं वो फ्रॉड है।
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