पेरेंट्स बच्चों को सिखाएं ये 5 झूठ, मुसीबत के वक्त बहुत काम आएंगे ये सबक

हम सभी ने बचपन से यही सीखा है कि 'सच बोलना ही सबसे अच्छी नीति है'। माता-पिता भी बच्चों को हमेशा ईमानदारी और सच्चाई का पाठ पढ़ाते हैं। लेकिन जब बात सुरक्षा और बचाव की आती है, तो स्थिति अलग हो जाती है। बच्चों को यह समझना बहुत जरूरी है कि विषम परिस्थितियों में बोले गए छोटे-छोटे सुरक्षात्मक झूठ किसी ढाल की तरह काम करते हैं और उन्हें बड़े खतरे से बचा सकते हैं। इसके लिए हमने कोच, हीलर, लाइफ अल्केमिस्ट और साइकोथेरेपिस्ट डॉ. चांदनी तुगनैत (Dr. Chandni Tugnait) से भी बात की है। जानते हैं आगे...
सेफ्टी के लिए बच्चों को सिखाएं ये 5 जरूरी झूठ
सेफ्टी के लिए अपने बच्चों को ये 5 झूठ जरूर सिखाने चाहिए, जानते हैं आगे...
1. "हां, मेरे मम्मी-पापा घर पर ही हैं"
अगर कोई अनजान व्यक्ति घर के दरवाजे पर आए और बच्चे से पूछे कि क्या उसके माता-पिता घर पर हैं, तो बच्चे को कभी यह नहीं बताना चाहिए कि वह घर पर अकेला है। बच्चे को यह कहना सिखाएं कि "हां, मेरे मम्मी-पापा घर के अंदर ही हैं।" अकेला होने की जानकारी बाहर देने से बच्चा खतरे में पड़ सकता है।
2. "मेरे माता-पिता मुझे लेने आ रहे हैं"
यदि कोई अनजान व्यक्ति रास्ते में बच्चे को लिफ्ट देने का लालच दे या साथ चलने को कहे, तो बच्चे को बिना डरे तेज आवाज में बोलना चाहिए, "नहीं शुक्रिया, मेरे मम्मी-पापा मुझे लेने आ रहे हैं।" इसके बाद बच्चे को तुरंत भीड़भाड़ वाली जगह पर चले जाना चाहिए।

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3. "नहीं, यह सामान तो मेरे पास पहले से है"
अगर कोई अजनबी बच्चे को टॉफी, चॉकलेट या खिलौने देने की कोशिश करे, तो बच्चे को सिखाएं कि वह कोई भी चीज स्वीकार न करे। उसे तुरंत कहना चाहिए, "नहीं, यह मेरे पास पहले से है।" बच्चों को यह समझाना जरूरी है कि अनजान लोगों के सामने शिष्टाचार दिखाने से ज्यादा अपनी सुरक्षा मायने रखती है।
4. "हां, मैं किसी को नहीं बताऊंगा"
गलत इरादे वाले लोग अक्सर बच्चों को यह कहकर डराने या फुसलाने की कोशिश करते हैं कि "यह बात अपने मम्मी-पापा को मत बताना, यह हमारा सीक्रेट है।" ऐसी स्थिति में बच्चे को उस समय अजनबी से बहस करने के बजाय कह देना चाहिए, "हां, मैं किसी को नहीं बताऊंगा।" इसके बाद घर पहुंचकर माता-पिता को पूरी बात तुरंत बता देनी चाहिए।
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5. "मुझे याद नहीं है"
अजनबी अक्सर बच्चों का भरोसा जीतने के लिए उनसे नाम, घर का पता, स्कूल का नाम या फोन नंबर जैसे निजी सवाल पूछते हैं। बच्चे को सिखाएं कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी निजी जानकारी साझा न करे और पूछे जाने पर सीधा कहे, "मुझे याद नहीं है।

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सुरक्षा से जुड़े नियमों की मुख्य बातें
यहां आपको कुछ ऐसे नियम बता रहे हैं तो बच्चों को जानने बेहद जरूरी हैं-
- बच्चों में डर पैदा न करें, बल्कि उन्हें सतर्क रहना सिखाएं।
- अपनी निजी जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति से शेयर न करने की सलाह दें।
- बच्चों को बताएं कि अनजान लोगों के सामने शिष्ट बनने की जगह खुद को सुरक्षित रखना ज्यादा जरूरी है।
- घर लौटकर माता-पिता को हर घटना के बारे में खुलकर बताने का भरोसा दें।
निष्कर्ष
बच्चों को ये बातें सिखाने का मतलब उन्हें गलत इंसान बनाना या झूठ बोलने के लिए उकसाना नहीं है। यह केवल स्मार्ट पेरेंटिंग का एक हिस्सा है, जो बच्चों को अपनी सीमाओं को समझने, खुद की सुरक्षा करने और मुसीबत के वक्त दिमाग से काम लेने में मदद करता है।
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- 'सीक्रेट' रखने वाली बात पर बच्चे की क्या प्रतिक्रिया होनी चाहिए?
- अजनबी के सामने बच्चा हां कह दे ताकि स्थिति बिगड़े नहीं, लेकिन घर आते ही माता-पिता को सब कुछ बता दे।
- बच्चा घर पर अकेला हो तो अजनबी के पूछने पर क्या कहे?
- बच्चे को हमेशा यही कहना चाहिए कि उसके माता-पिता घर के अंदर ही मौजूद हैं।
- अगर कोई अजनबी बच्चे को लिफ्ट दे तो उसे क्या करना चाहिए?
- बच्चे को लिफ्ट लेने से साफ मना कर देना चाहिए और कहना चाहिए कि उसके माता-पिता उसे लेने आ रहे हैं।
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