Toxic Dating Trend: रिलेशनशिप में हैं फिर भी तलाश रहे हैं बैकअप? जानिए क्या है 'Cushioning' और कैसे यह तबाह कर रहा है रिश्ते

क्या आपका पार्टनर रिलेशनशिप में होते हुए भी दूसरों से फ्लर्ट कर रहा है? जानिए क्या है कुशनिंग और क्या इसे चीटिंग मानना सही होगा? 
Updated:- 2026-11-02, 11:24 IST
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आजकल रिलेशनशिप में एक नया शब्द बहुत सुनाई दे रहा है Cushioning। नाम सुनकर लग रहा है जैसे किसी को सहारा देना, लेकिन इसका मतलब बिल्कुल उल्टा है। सोचिए आप किसी के साथ कमिटेड रिलेशनशिप में हैं, लेकिन आपका पार्टनर चुपके से अपने Ex को मैसेज कर रहा है, डेटिंग ऐप पर उसकी प्रोफाइल एक्टिव है या इंस्टा पर किसी और से फ्लर्ट भरी बातें कर रहा है ताकि अगर आपसे ब्रेकअप हो तो उसके पास तुरंत दूसरा ऑप्शन तैयार रहे। इसी को कहते हैं कुशनिंग। एम्स दिल्ली की क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट और BSF में एमिनेंट फैकल्टी डॉक्‍टर विधि पिलनिया एक्सपर्ट्स इसे सीधा-सीधा टॉक्सिक और धोखा देना बताया है।

क्या होता है कुशनिंग?

डेटिंग की दुनिया में अब घोस्टिंग और ब्रेडक्रंबिंग पुराने शब्द हो गए हैं, अब नया ट्रेंड आ गया है कुशनिंग। क्या आपका पार्टनर आपके साथ होते हुए भी अपने ऑप्शंस ओपन रख रहा है? ये दोस्ती नहीं, बल्कि सोची-समझी प्लानिंग है। माना जा रहा है कि ये नया ट्रेंड घोस्टिंग से भी ज्यादा खतरनाक है क्योंकि यहां इंसान रिलेशनशिप में रहकर ही चीटिंग की तैयारी करता है।

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Photo Credit: Magnific

कैसे पहचानें कि आपका पार्टनर कुशनिंग कर रहा है?

1. फोन में जरूरत से ज्यादा सीक्रेसी

जब पार्टनर धोखा देने लगता है तो वह फोन दिखाना बंद कर देता है। अपना फोन हमेशा उल्टा रखता है, पासवर्ड बदल देता है और मैसेज भी डिलीट करने लगता है।

2. डेटिंग प्रोफाइल अभी भी एक्टिव

कमिटेड होने के बाद भी Tinder, Bumble पर प्रोफाइल बनाना भी, धोखा देना होता है। बदले में जब उनसे सवाल पूछा जाए तो उनका जवाब आना "बस ऐसे ही" रखा हुआ है।

3. Ex से जरूरत से ज्यादा नजदीकी बढ़ाना

'हम तो बस दोस्त हैं' कहकर रोज रात में लंबी चैटिंग करना और इमोशनल सपोर्ट हासिल करना।

4. फ्यूचर की बात से बचना

शादी, परिवार से मिलवाने या लॉन्ग टर्म प्लान पर बात आते ही टॉपिक बदल देना भी धोखा देने का एक संकेत होता है।

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लोग कुशनिंग क्यों करते हैं?

  • ब्रेकअप के बाद अकेलापन फेस करना पड़ेगा, इसलिए पहले से ही सेफ्टी नेट तैयार।
  • खुद पर भरोसा नहीं, इसलिए बाहर से बार-बार वैलिडेशन चाहिए।
  • रिलेशनशिप में कोई प्रॉब्लम है तो पार्टनर से बात करने की बजाय बाहर ऑप्शन ढूंढना आसान लगता है।

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क्या कुशनिंग चीटिंग है?

टेक्निकली इसमें फिजिकल रिलेशन नहीं होता है, इसलिए कई लोग इसे चीटिंग नहीं मानते हैं। रिलेशनशिप एक्सपर्ट्स इसे Micro-Cheating कहते हैं। जब आप एक रिश्ते में होते हुए भी चुपके से किसी और को बैकअप के तौर पर रिश्ता बनाकर रखते हैं, एक्स को मैसेज करते हैं, डेटिंग ऐप चालू रखते हैं या किसी और से फ्लर्ट करते हैं, तो आप अपने पार्टनर से किया हुआ ईमानदारी का वादा तोड़ रहे होते हैं, इसलिए इसे माइक्रो-चीटिंग कहा जाता है।

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कुशनिंग करने वाले को लगता है कि वो स्मार्ट है और उसे सॉफ्ट लैंडिंग मिलेगी, असल में वो धीरे-धीरे अपना ही रिश्ता खोखला कर देता है। वो न तो अपने करंट पार्टनर को 100% दे पाता है, न ही बैकअप वालों के साथ ईमानदार रहता है। अगर आपको अपने रिश्ते में डाउट लग रहा है तो बैकअप मत ढूंढिए, बैठकर बात कीजिए। तय कीजिए कि कमिटमेंट आपके लिए क्या है और क्या चीज आपके लिए धोखा है। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

FAQ
Cushioning और Benching में क्या फर्क है?
दोनों में बैकअप रखना कॉमन है, पर फर्क टाइमिंग का है। Benching तब होती है जब आप सिंगल होते हुए किसी को साइड में बिठाकर रखते हैं, जबकि Cushioning तब होती है जब आप पहले से ही एक कमिटेड रिलेशनशिप में होते हुए भी बैकअप तैयार रखते हैं। इसलिए कुशनिंग को ज्यादा टॉक्सिक माना जाता है।
अगर पार्टनर Cushioning कर रहा हो तो क्या करना चाहिए?
सबसे पहले सबूत के साथ शांत मन से बात करें, चिल्लाएं नहीं। पूछें कि उसे रिश्ते में क्या कमी लग रही है। अगर वो अपनी गलती मानकर बाउंड्री सेट करने को तैयार है तो मौका दिया जा सकता है, लेकिन अगर वो इसे नॉर्मल बताकर जस्टिफाई करे तो ये रेड फ्लैग है और रिश्ते से निकलना बेहतर है।
क्या लड़कियां भी Cushioning करती हैं या सिर्फ लड़के?
ये जेंडर का ट्रेंड नहीं है। रिसर्च और डेटिंग कोचेस के मुताबिक लड़के और लड़कियां दोनों ही बराबर Cushioning करते हैं। इसका संबंध लड़का-लड़की से नहीं, बल्कि अकेले रहने के डर और low self-esteem से है, जो किसी में भी हो सकता है।
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