दीपा मलिक और उनकी बेटी देविका मलिक ने स्ट्रॉन्ग बॉन्डिंग से कैसे पाई कामयाबी, जानिए

दीपा मलिक और देविका मलिक की जोड़ी ने साथ मिलकर जिंदगी की मुश्किलों का सामना किया। साथ-साथ चलते हुए इन्होंने कैसे हासिल की कामयाबी, जानें

Saudamini Pandey

दीपा मलिक और उनकी बेटी देविका मलिक, मां-बेटी की यह जोड़ी देश की सभी महिलाओं को इंस्पायर करती है। दीपा मलिक भारत के लिए पैरालिंपिक गेम्स में मेडल जीतने वाली पहली महिला बनीं। 3 ट्यूमर सर्जरीज के बाद छाती के नीचे के हिस्से से पैरालाइज हो चुकीं दीपा मलिक ने चार बार लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया। 23 मेडल्स जीतकर भारत का नाम रोशन करने वाली दीपा मलिक को अर्जुन अवॉर्ड, खेल रत्न और पद्मश्री जैसे सम्मानों से नवाजा गया, तो वहीं उनकी बेटी देविका मलिक ने भी अपने अचीवमेंट्स से देश को गौरवान्वित किया। देविका ने पैरा एथलीट के तौर पर कई अवॉर्ड्स जीते। उन्हें Queen's Young Leaders Award और वुमन ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया। फोर्ब्स 30 अंडर 30 की साल 2020 की लिस्ट में शामिल देविका को स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सम्मानित किया है। दीपा मलिक और उनकी बेटी देविका, दोनों ने एक-दूसरे को पूरा सपोर्ट दिया और अपनी लाइफ में कई बड़े चैलेंजेस का मजबूती से सामना किया। इस जोड़ी ने ये साबित कर दिया कि मां और बेटियां साथ मिलकर काम करें तो नामुमकिन को भी मुमकिन बना सकती हैं। आइए जानते हैं कि इन्होंने कैसे एक-दूसरे का हौसला बढ़ाया और मिलकर हासिल की जीत।

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