Sun Sep 27, 2026 | Updated 08:36 PM IST

क्या सच में 2 हजार से ज्यादा पेमेंट करने पर देना होगा एक्स्ट्रा चार्ज? फाइनेंस एक्सपर्ट से जानें पूरा गणित

न्यू यूपीआई पेमेंट व्यवस्था के तहत, 2 हजार रुपये से अधिक के लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर (Merchant Discount Rate) पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगेगा। अब सवाल आता है कि क्या आम जनता को भी 2 हजार पेमेंट करने पर एक्स्ट्रा चार्ज देना पड़ेगा? तो चलिए नीचे लेख में जानें-    
Updated:- 2026-09-27, 19:33 IST
image

दिन प्रतिदिन डिजिटल पेमेंट का दायरा लगातार बढ़ रहा है। इसके साथ ही UPI के नियमों में भी बदलाव आ रहे हैं। 15 अक्टूबर 2026 से, 2 हजार रुपये से अधिक के योग्य व्यापारी भुगतानों पर 0.4% का मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू होने जा रहा है। इस विषय को लेकर कई ऐसी न्यूज सोशल मीडिया पर वायरल हो रही, जिसे लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। इसी में से एक क्या 2 हजार रुपये का भुगतान करने पर एक्स्ट्रा चार्ज देना पड़ेगा? नीचे लेख में बैंकिंग एक्सपर्ट अश्वनी राणा से समझें-

UPI MDR नियम और 2 हजार रुपये की सीमा क्या है?

कई लोगों को लग रहा है 2 हजार रुपये का पेमेंट करने पर एक्स्ट्रा चार्ज देना पड़ेगा? आपको बता दें कि यह नियम व्यापारियों और दुकानदारों के लिए है ग्राहकों के लिए नहीं। नीचे प्वाइंट में आसानी से समझें-

UPI MDR

  • ग्राहकों के लिए शून्य शुल्क- एक ग्राहक के रूप में, आप 2 हजार रुपये से कम या ज्यादा, किसी भी राशि का भुगतान बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के कर सकते हैं।
  • केवल व्यापारियों पर प्रभाव- MDR शुल्क केवल पात्र और नियमित व्यापारियों पर लागू होता है, न कि भुगतान करने वाले आम आदमी पर।
  • पूरी तरह मुफ्त P2P ट्रांसफर-दोस्तों या परिवार के सदस्यों को पैसे भेजना पूरी तरह से मुफ्त रहेगा।
  • छोटे व्यापारियों को राहत- P2PM श्रेणी के तहत आने वाले छोटे दुकानदारों को इस नियम से छूट दी गई है।

इसे भी पढ़ें- नया यूट्यूब चैनल शुरू करने की सोच रही हैं? इन 3 कैटेगरी से करें सबसे ज्यादा कमाई

कौन से लेनदेन और व्यापारी MDR से पूरी तरह फ्री हैं?

नया नियम के अनुसार, सभी डिजिटल भुगतानों पर एक समान रूप से लागू नहीं होता है। कई लेन-देन को इस दायरे से पूरी तरह बाहर रखा गया है-

Digital payments India

  • मर्चेंट को किए जाने वाले 2 हजार रुपये या उससे कम के सभी UPI भुगतान पूरी तरह मुफ्त रहेंगे।
  • छोटे व्यापारी (P2PM)- जो छोटे वेंडर हर महीने UPI के जरिए 1 रुपये लाख तक का कारोबार करते हैं, वे इस नियम के दायरे से बाहर हैं।
  • अगर कोई छोटा व्यापारी लगातार तीन महीनों तक हर महीने 1 लाख रुपये से अधिक की राशि प्राप्त करता है, तब ही उसे नियमित मर्चेंट श्रेणी में ट्रांसफर किया जा सकता है।
  • कुछ विशेष कैटेगरी के व्यापारियों के लिए 0.4% के बजाय एक निश्चित फ्लैट 5 रुपये का शुल्क तय किया गया है।

आम उपयोगकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण बातें

नए नियमों के लागू होने से पहले हर UPI उपयोगकर्ता को कुछ जरूरी बातें जान लेनी चाहिए। यह नया सिस्टम 15 अक्टूबर 2026 से प्रभाव में आएगा। 2 हजार रुपये की यह MDR सीमा UPI के बिना पिन वाले भुगतानों से बिल्कुल अलग है। UPI भुगतान करने पर कोई प्लेटफॉर्म फीस या छुपा हुआ शुल्क नहीं लगता है, हालांकि उत्पाद या सेवा से जुड़े डिलीवरी चार्ज, सुविधा शुल्क या लेट फीस अलग से लागू हो सकते हैं।

इसे भी पढ़ें- कम सैलरी में भी हो सकती है बचत, न करें पैसों से जुड़ी ये 10 गलतियां

अगर आपको भी इस बात को लेकर परेशान थे कि क्या 2 हजार रूपये पर एक्स्ट्रा चार्ज देना पड़ेगा? तो यकीन एक्सपर्ट द्वारा दी गई जानकारी से समझ आ गया होगा। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

Image Credit- Magnific

 


Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।