Fri Sep 11, 2026 | Updated 07:30 PM IST

Main Hoon Apni Dhanlaxmi Part-40: निवेश से लेकर खर्च तक, आर्थिक फैसले खुद लें और बढ़ाएं आत्मविश्वास; जानें कैसे?

धन मात्र विशेषज्ञों, बैंकर्स या निवेशकों के समझने का विषय नहीं है। ये तो जिंदगी को बेहतर बनाने की काबिलियत की बात है। प्रत्येक महिला में इसे लेकर आत्मविश्वास होना चाहिए। इस स्तंभ में बचत, निवेश व टैक्स को लेकर समझ बढ़ाने के बाद अब मैं हूं अपनी धनलक्ष्मी पुस्तक का हिंदी व अंग्रेजी संस्करण लेकर आ रही हैं डा.आरती गुप्ता
Updated:- 2026-08-25, 18:24 IST
main hoon dhanlaxmi part 40

इस कालम की शुरुआत 40 हफ्ते पहले इस सामान्य विश्वास के साथ हुई थी कि प्रत्येक महिला को धन को समझने, उसके प्रबंधन और उसमें वृद्धि करने का अधिकार होना चाहिए। इसका किसी अन्य के अकाउंट, दूसरों की अनुमति से कोई संबंध नहीं होना चाहिए। कमाना शुरू करने या निवेश को लेकर अन्य लोगों की सलाह से भी इसका कोई संबंध नहीं है। अपने धन के विषय में निर्णय लेने का अधिकार आपका है।

जब मैं इस स्तंभ का पहला लेख लिखने बैठी तो मन में स्पष्ट था कि इसका उद्देश्य वित्तीय मामलों को लेकर लोगों के डर और हिचक को तोड़ना है। मैं ये साबित करना चाहती थी कि धन मात्र विशेषज्ञों, बैंकर्स या निवेशकों के समझने का विषय नहीं है। ये तो जिंदगी को बेहतर बनाने की काबिलियत की बात है। प्रत्येक महिला में इसे लेकर आत्मविश्वास होना चाहिए।

जब पीछे मुड़कर देखती हूं तो ये एहसास होता है कि हम सिर्फ म्यूचुअल फंड्स, इंश्योरेंस, टैक्स या शेयर बाजार की बात नहीं कर रहे थे। प्रत्येक विषय, चाहे वह मुद्रास्फीति, एसआइपी, गोल्ड, सेवानिवृत्ति या वसीयत हो, उसके माध्यम से हमने एक बड़े सवाल का उत्तर देने का प्रयास किया। ये सवाल था कि कैसे हम स्वयं को इस काबिल बनाएं कि आत्मविश्वास के साथ अपने वित्तीय निर्णय ले सकें। अच्छे निवेश की शुरुआत सर्वोत्तम निवेश विकल्प के चयन से नहीं होती। इसकी शुरुआत तो ये समझने से होती है कि आपका धन आपकी जिंदगी में कितना प्रभाव डाल सकता है। एक बार यह उद्देश्य स्पष्ट हो गया, तो निर्णय लेने में अधिक असमंजस नहीं रहेगा।

main hoon apni dhanlaxmi

जब ये स्तंभ हर हफ्ते आपके बीच आने लगा। आपके ईमेल आना प्रारंभ हुए। कुछ लोगों ने अहम सवाल पूछे। कुछ लोगों ने मेरी धारणा को चुनौती दी। बहुत से लोगों ने अपने पहले वित्तीय निर्णय के विषय में बताया। हर हफ्ते मिलने वाले ये ईमेल मुझे प्रिय लगने लगे, क्योंकि उनके माध्यम से मेरे इस विश्वास को बल मिला कि वित्तीय साक्षरता सबकुछ जानने में नहीं है, बल्कि उसके लिए बस एक शुरुआत होना आवश्यक है। लखनऊ की एक पाठक ने लिखा कि अंतत: उन्होंने अपने निवेश स्वयं संभालना आरंभ कर दिया। मुजफ्फरपुर की एक महिला ने बताया कि उन्होंने दो हजार रुपये की एसआइपी शुरू की, जबकि उनके आसपास बहुत से लोगों ने कहा कि इतनी छोटी राशि के निवेश से बहुत फर्क नहीं पड़ेगा। एक सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी को ये एहसास हुआ कि उनके पास चार इंश्योरेंस पालिसी हैं, पर उनमें से एक के बारे में भी ठीक प्रकार से नहीं जानतीं। इन कहानियों में कुछ भी असामान्य नहीं है। ये वे लोग हैं जो अब वित्तीय निर्णयों की कमान हाथ में लेने के लिए और अधिक प्रतीक्षा नहीं करना चाहते।

जब ये कालम शुरू भी नहीं हुआ था, उससे बहुत पहले ही मैं पुस्तक लिखने की शुरुआत कर चुकी थी। इसके विषय में शोध, लेखन, संशोधन, सुधार और प्रत्येक अध्याय की तार्किकता सुनिश्चित करने में दो साल का समय लगा। इस प्रक्रिया में मैंने स्वयं से एक सामान्य सवाल किया, यदि भारत में प्रत्येक महिला के हाथ में धन से संबंधित एक पुस्तक देने का मुझे अवसर मिले तो उसमें क्या कहना चाहूंगी। इसका उत्तर वित्तीय पुस्तिका नहीं थी। विभिन्न निवेश उत्पादों, बाजार और निवेश की रणनीति को समझाने वाली अनेक किताबें बाजार में पहले से मौजूद हैं। मैं कुछ अलग लिखना चाहती थी। मैं धन की भाषा, उसके काम करने के तरीके पर लिखना चाहती थी। प्रत्येक महिला, चाहे होममेकर, युवा प्रोफेशनल, उद्यमी या सेवानिवृत्ति की ओर बढ़ती महिला ही क्यों न हो, वो धन की ये भाषा बोल सके। एक बार जब आप धन की भाषा व उसके काम करने का तरीका समझ गईं तो आपको अपनी वित्तीय यात्रा के लिए किसी पर निर्भर नहीं होना पड़ेगा।

मैं हूं अपनी धनलक्ष्मी हिंदी व आइ एम माइ ओन लक्ष्मी अंग्रेजी में उपलब्ध है। इस पुस्तक को लिखने की शुरुआत इस स्तंभ से काफी पहले हो चुकी थी, पर आपके सवालों, कहानियों व अनुभवों ने इसे समृद्ध किया है। समाचार पत्र मे आने वाले साप्ताहिक स्तंभ से परे जाकर इसमें हमने इतने माह की यात्रा के दौरान जिन विषयों को समझने का प्रयास किया, उसे संपूर्णता के साथ प्रस्तुत किया है। मैं उम्मीद करती हूं कि जीवन में जब भी वित्तीय निर्णय की चुनौती सामने होगी तो ये पुस्तक आपकी विश्वसनीय साथी साबित होगी।

from investing to spending make your own financial decisions and boost confidence

यदि पुस्तक से कोई एक विचार मुझे आपके साथ साझा करना हो तो यही कहूंगी कि निवेश नितांत व्यक्तिगत निर्णय होता है। ये इस वजह से नहीं है कि वित्तीय उत्पाद जटिल हैं, बल्कि हम सभी के लक्ष्य अलग होते हैं। कोई सलाहकार, पड़ोसी या मित्र आपकी जिंदगी के बारे में आपसे अधिक नहीं जान सकता। उन्हें ये नहीं पता होता कि आपकी बेटी को शिक्षा के लिए कब बड़ी धनराशि की आवश्यकता होगी, आप कब सेवानिवृत्ति चाहती हैं, एक आरामदायक जिंदगी जीने के लिए आपको कितने धन की आवश्यकता होगी या वित्तीय स्वतंत्रता से आपका आशय क्या है। निवेशक सामान्यत: किसी उत्पाद के चयन से शुरुआत करते हैं, यहीं वे सबसे बड़ी गलती करते हैं। अच्छा निवेशक वो है जो अपने उद्देश्य को सामने रखकर किसी भी निवेश की शुरुआत करता है। एक बार आपके सामने ये स्पष्ट हो गया कि धन से क्या लक्ष्य हासिल करना चाहती हैं, तो सही निवेश का चयन करना सहज हो जाएगा।

हर हफ्ते, मैं एक छोटे अभ्यास के अनुरोध के साथ स्तंभ समाप्त करती हूं। अंतिम सप्ताह का कालम भी कुछ उसी तरह रखना चाहूंगी। पूर्व में आए किसी एक स्तंभ की ओर लौटें, जिसे आपने पढ़ा हो पर अमल न किया हो। वो जो भी हो, उस पर अमल आज ही सुनिश्चित करें। पर्सनल फायनेंस में जानने और अमल करने जो फर्क रह जाता है, उसकी वजह से हम बड़े अवसर हाथ से गंवा बैठते हैं।

यह भी पढ़ें- Main Hoon Apni Dhanlaxmi Part-39: पुरानी वित्तीय गलतियों से सीखकर ऐसे सुधारें अर्थ प्रबंधन

इस कालम की शुरुआत इस उम्मीद के साथ की थी कि धन को समझना महिलाओं के लिए सहज होगा। आज मुझे लगता है कि इससे कहीं आगे बढ़कर कुछ चीजें संभव हुई हैं। उम्मीद करती हूं कि इसके माध्यम से आपके भीतर सवाल करने, अपने लिए निर्णय लेने का आत्मविश्वास पनपा होगा। कोई भी आपसे ये आत्मविश्वास नहीं छीन सकता। स्वयं अपनी धनलक्ष्मी होने का ये अर्थ नहीं है कि आपको प्रत्येक वित्तीय सवाल का उत्तर पता हो। ये तो हमेशा से अपने लिए वित्तीय निर्णय लेने के आत्मविश्वास की बात है।

यह भी पढ़ें- Main Hoon Apni Dhanlaxmi Part-38: धन से कैसे बनता है हमारा संबंध? जानें शुरुआत के नियम

मैं आपसे एक छोटा सा अनुरोध करना चाहूंगी। अगर आप इस स्तंभ की नियमित पाठक रही हैं तो कृपया मुझे बताएं कि कौन सा विषय आपके साथ रह गया, उसकी वजह क्या थी। इस स्तंभ को पढ़कर आपने कौन सा वित्तीय निर्णय लिया। बहुत बड़ा ईमेल लिखने की आवश्यकता नहीं, बस एक छोटा सा पैराग्राफ ही पर्याप्त है। ईमेल भेजने वाले प्रथम पांच पाठकों को उनकी पसंदीदा भाषा में मेरे हस्ताक्षर सहित ये पुस्तक भेजी जाएगी। हमारी ईमेल आइडी- iamolaxmi@gmail.com

अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

Images: magnific

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।