Tax Refund अटका है तो किससे करें शिकायत? आयकर विभाग के इन हेल्पलाइन नंबर्स और पोर्टल का करें इस्तेमाल
-1768901134217.webp)
आईटीआर यानि इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के बाद हर टैक्सपेयर को अपने रिफंड का इंतजार रहता है। हालांकि, अब सेंट्रलाइज्ड प्रोसेसिंग सेंटर (CPC) प्रक्रिया पहले के मुकाबले काफी तेजी से प्रोसेस करने लग गया है, लेकिन फिर भी कई बार कुछ ऐसा हो जाता है कि रिफंड में देरी हो जाती है। रिटर्न Processed दिख रहा है, लेकिन आपका पैसा बैंक खाते में नहीं आया है तो यह लेख आपके लिए है। बता दें कि रिफंड ना आने के पीछे कुछ मुख्य कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। साथ ही जब पैसा नहीं आता तो आपको क्या करना है और किससे संपर्क करना है, आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि आईटीआई रिफंड कब नहीं मिलता है और ऐसा होने पर आपको कौन-से स्टेप्स अपनाने की जरूरत है। जानते हैं इसके बारे में...
आईटीआई रिफंड न आने पर क्या करें?
सबसे पहले आपको अपने स्टेटस चेक करना है। इसके लिए आपको ई-फाइलिंग पोर्टल (www.incometax.gov.in) पर लॉगिन करना होगा। ऐसे में आप व्यू फाइल रिटर्न में जाकर रिफंड का स्टेटस देख सकते हैं। आप सुनिश्चित करें कि आपके सभी टैक्स क्रेडिट सही ढंग से 26AS और AIS में दिख रहे हैं।
-1768901701144.jpg)
अब आप पोर्टल पर प्रोफाइल सैटिंग्स में जाएं और आपका बैंक अकाउंट वैलिडेट है या नहीं ये चेक करें। यदि खाता गलत है या बदल गया है तो रिफंड री-इशू की रिक्वेस्ट डाल दें। यदि रिफंड की गणना गलत है तो आप धारा 154 के तहत ऑनलाइन रेक्टिफिकेशन रिक्वेस्ट फाइल कर सकते हैं।
इसे भी पढ़ें - WhatsApp वेब यूजर्स की मौज, अब बिना फोन और ऐप के भी मिलने वाली हैं सारी सुविधाएं
कैसे चेक करें ऑनलाइन स्टेटस?
यदि ऑनलाइन स्टेटस चेक करना चाहते हैं तो सबसे पहले आप ही e-Nivaran पोर्टल की ई-फाइलिंग वेबसाइट पर जाएं। अब आप ग्रेविएंस (Grievance) सेक्शन पर क्लिक करना है और शिकायत दर्ज करनी है।
अब आप बेंगलुरु में स्थित सेंट्रलाइज्ड प्रोसेसिंग सेंटर की हेल्पलाइन नंबर पर क्लिक करें या आप चाहें तो लिखित संचार के माध्यम से संपर्क करें। बता दें कि रिपोर्ट में देरी परेशानी वाली बात भी हो सकती है। ऐसे में समय रहते समस्या सुलझाएं। नियमित रूप से अपना स्टेटस चेक करें।

रिफंड कब रुकता है?
जब आईटीआर फॉर्म में गड़बड़ी हो जाती है या बैंक खाता प्री-वैलिडेटेड नहीं है या पैन से लिंक नहीं है तब ऐसा होता है। इस साल कई टैक्सपेयर्स को रिफंड की जगह नोटिस मिले हैं। इसका कारण है गलत जानकारी दर्ज करना।
इसे भी पढ़ें - EPFO की तरफ से बड़ा गिफ्ट, अब क्लेम करते ही सीधे खाते में आएगा पीएफ का पैसा; जानें अप्रैल से लागू होने वाला नया ऑटो-मोड
अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
Images: Freepik/pinterest
हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।