Tue Oct 6, 2026 | Updated 11:57 AM IST

'बेटों की सही परवरिश से लड़कियों के लिए सुरक्षित बनेगी दुनिया', दीया मिर्जा का बेबाक बयान; फैंस ने की तारीफ

दीया मिर्जा ने हाल ही में एक इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए पेरेंट्स से अपील की है कि वे अपने बेटों को सहमति और सम्मान का महत्व सिखाएं ताकि लड़कियों के लिए दुनिया सुरक्षित बन सके। उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए बहुत स्ट्रॉन्ग मैसेज दिया है।
Updated:- 2026-09-30, 12:57 IST
dia mirza post about women safety

पिछले कुछ दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में सामने आए रेप और सेक्शुअल असॉल्ट के मामलों ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसे लेकर कई सेलेब्स ने भी अपनी आवाज बुलंद की है। इन मामलों ने इस बात पर भी बहस छेड़ दी है कि लड़कियों की सुरक्षा के लिए उन्हें घर में रहने की सलाह देने के बजाय बेटों की सही परवरिश पर ध्यान देना चाहिए। अब इस मुद्दे पर दीया मिर्जा ने भी अपनी बात रखी है और बेटों की सही तरह से परवरिश करने को लेकर एक स्ट्रॉन्ग और अहम मैसेज दिया है। उन्होंने कहा कि बेटों को लड़कियों का सम्मान करना सिखाना और कंसेट की मतलब समझाना बहुत जरूरी है। अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम हैंडल पर एक पोस्ट करके दिया ने इस मुद्दे पर बात की है। चलिए आपको बताते हैं कि उन्होंने क्या कहा है?

बेटों को सही परवरिश देना है जरूरी

दीया ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से एक फोटो शेयर की है और साथ ही एक बड़ा कैप्शन भी लिखा है। इस फोटो में लिखा है, "लड़कियों को नुकसान से बचने के लिए तैयार न करें। ऐसे लड़के तैयार करें जो नुकसान न पहुंचाएं।" इस पोस्ट के कैप्शन में उन्होंने अपने बेटे अव्यान की परवरिश पर भी बात की। उन्होंने लिखा, "मैं हर दिन अपने बेटे को सभी के प्रति देखभाल, सम्मान, सहानुभूति और दयालुता की अहमियत सिखाने की कोशिश करती हूं। इसका मतलब है उसे यह समझाना कि रिजेक्शन पर कैसे रिएक्ट करना है, सीमाओं का सम्मान कैसे करना है और कैसे उन बारीक संकेतों को पहचानना और उनकी इज्जत करना है, जिनके जरिए कोई व्यक्ति अपना डिस्कम्फर्ट जाहिर कर सकता है।"

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लड़कियों के लिए ऐसे बन पाएगी सुरक्षित दुनिया

दीया ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए लिखा कि बेटों को यह समझाना भी जरूरी है सहमति का मतलब सिर्फ 'ना' न कहना नहीं है, बल्कि इसका मतलब है खुशी-खुशी और सहजता से 'हाँ' कहना। उन्हें यह भी समझना चाहिए कि कोई भी उन्हें प्यार देने के लिए मजबूर नहीं है और न ही किसी को मजबूर किया जा सकता है। अगर कोई मना कर रहा है, तो इसे बेइज्जती के तौर पर नहीं लेना चाहिए। दीया ने लिखा कि आज हर उस माता-पिता को इस दिशा में कोशिश करनी चाहिए जो बेटे की परवरिश कर रहे हैं, तभी हम अपनी लड़कियों के लिए एक ऐसी दुनिया बना पाएंगे जो उनके लिए ज्यादा सुरक्षित, बराबरी वाली और बेहतर हो। इस पोस्ट के कमेंट सेक्शन में फैंस लगातार उनकी तारीफ कर रहे हैं और लिख रहे हैं कि अगर हर मां इस तरह की सोच रखेगी, तो बेटियां जरूर सुरक्षित रह पाएंगी।

dia mirza urges parents to teach sons to respect boundaries and understand consent


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