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UPSC की टॉपर जागृती ने बताएं सफलता के 4 मंत्र, आप भी ले सकती हैं सीख

बीएचईएल की सुरक्षित नौकरी छोड़कर जागृति अवस्थी ने यूपीएससी में ऑल इंडिया रैंक-2 हासिल की। जानते हैं इनसे सक्सेस के मंत्र...
By Sakhi Digital | Edited By Garima Garg
Updated:- 2026-08-19, 08:08 IST
success mantras
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बीएचईएल (BHEL) की सुरक्षित नौकरी छोड़कर यूपीएससी की कठिन राह चुनना और पहली कोशिश की असफलता को सफलता की सीढ़ी बनाना। यह कहानी है यूपीएससी ऑल इंडिया रैंक-2 हासिल करने वाली जागृति अवस्थी की। छतरपुर (म.प्र.) की रहने वाली जागृति ने परिवार के अटूट संबल, लॉकडाउन के समय के सही इस्तेमाल और खुद पर अटूट विश्वास के बल पर यह मुकाम पाया। समाज के जरूरतमंद वर्गों की मदद करने के जज्बे के साथ मसूरी से प्रशिक्षण पूरा कर देश सेवा में जुटी जागृति अवस्थी की यह दास्तान हर उस अभ्यर्थी के लिए प्रेरणा है, जो कड़ी मेहनत से अपने सपनों को साकार करना चाहता है। जानते हैं इनसे सक्सेस के मंत्र...

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सफलता के मूल मंत्र

  • अनुशासित दिनचर्या और योजना: तैयारी को सही दिशा देने के लिए एक कड़ा टाइम-टेबल बनाएं और हर विषय को योजनाबद्ध तरीके से पूरा करें।
  • शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य: दिमाग को तरोताजा रखने के लिए रोजाना सुबह या शाम कम से कम आधा घंटा एक्सरसाइज, योग या वॉक के लिए जरूर निकालें।
  • असफलता से सीख और आत्म-विश्लेषण: पहले प्रयास में हार मिलने पर हतोत्साहित होने के बजाय अपनी कमियों को पहचानें और उन गलतियों को सुधारने पर काम करें।
  • इंटरव्यू में सहजता और आत्मविश्वास: साक्षात्कार के दिन शालीन व फॉर्मल पहनावा चुनें और बातचीत में पूरा आत्मविश्वास झलकाएं, क्योंकि बोर्ड सदस्य आप में एक भावी प्रशासनिक अधिकारी का व्यक्तित्व तलाशते हैं।

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इंजीनियर से प्रशासनिक अधिकारी बनने का सफर

एक पढ़े-लिखे पारिवारिक माहौल में पली-बढ़ीं इस अभ्यर्थी के पिता डॉ. एस. सी. अवस्थी छतरपुर (म.प्र.) के होम्योपैथिक कॉलेज में प्रोफेसर हैं और मां पूर्व शिक्षिका हैं। बीटेक के बाद बीएचईएल जैसी नामी संस्था में नौकरी करते हुए जब उनका मन मजदूरी करती महिलाओं की स्थिति देखकर द्रवित हुआ, तो उन्होंने प्रशासनिक सेवा के जरिए समाज के आखिरी व्यक्ति की मदद करने का फैसला किया।

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जून 2019 के पहले प्रयास में मिली असफलता ने उन्हें तोड़ा जरूर, लेकिन परिवार के भावनात्मक संबल और मां की प्रेरणा से उन्होंने 2020 में नौकरी छोड़कर पूरी एकाग्रता से तैयारी शुरू की। लॉकडाउन की बंदिशों को अवसर में बदलते हुए उन्होंने बिना कोचिंग के घर पर ही दिन-रात मेहनत की और अंततः यूपीएससी क्रैक करके अपना सपना साकार किया। आज मसूरी में प्रशिक्षण ले रहीं यह अधिकारी देश के ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को सुलझाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही हैं।

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लेखक: विनीता

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