अक्सर लोग काम में मन लगाने या ध्यान लगाने के लिए बैठे-बैठे पैर हिलाने की आदत लगा लेते हैं। वैसे तो ये आम आदत है लेकिन, कई बार ये आदत मुसीबत भी बन जाती है। जी हां, आपकी ये आदत आने वाली बीमारियों का संकेत भी हो सकता है। चलिए, Samarth Suryavanshi, Physiotherapis से जानते हैं कि इस आदत के क्या नुकसान हो सकते हैं -
जेनेटिक हो सकती है
ये आदत जेनेटिक भी हो सकती है। कई बार घर में माता या पिता को ये समस्या होती है जो बच्चों में होने की संभावना होने लगती है।
चिंता का संकेत
इसका एक कारण रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम हो सकता है। ये हेल्थ प्रॉब्लम नर्वस सिस्टम से जुड़ी होती है। ये महिलाओं में ज्यादा देखने को मिलती है।
रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम
इस आदत में लोगों को बैठते और सोते वक्त दर्द होने लगता है। पैरों को मूव करने पर दर्द में कमी होती है। इसे रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम कहते हैं।
रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम का कारण
ये समस्या आयरन की कमी से हो सकती है। कई बार डिलीवरी से कुछ दिन हार्मोनल बदलाव के चलते ये समस्या बढ़ने लगती है।
क्या है इसका इलाज
इस सिंड्रोम को ठीक करने के लिए ऑर्थोपैडिक्स या फिजियोथेरेपी ट्रीटमेंट लिया जा सकता है। इसमें कुछ दवाइयां दी जाती हैं जिससे डोपामिन हार्मोन को बढ़ाया जा सके।
ये दवाइयां दी जाती हैं
इस प्रॉब्लम में कैल्शियम के सप्लीमेंट्स और आयरन की दवाएं दी जाती हैं जिससे इसे कंट्रोल किया जा सके। ये बेहद फायदेमंद साबित होते हैं।
ऐसे करें ठीक
इस ट्रीटमेंट में थेरेपी के दौरान ब्लड सर्कुलेशन को बढ़या जा सकता है। लेग्स में सर्कुलेशन बनने पर दर्द कम करने में मदद मिलती है।
अगर आपको भी पैर हिलाने की आदत है तो, इसे नजरअंदाज न करें बल्कि, उससे होने वाले इन साइड इफेक्ट्स पर ध्यान दें। स्टोरी अच्छी लगी हो ता लाइक और शेयर करें। इससे जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें herzindagi.com।