नैनीताल आने वाले लोग अक्सर मुक्तेश्वर महादेव के दर्शन करने जाते हैं। यह मंदिर केवल धार्मिक नहीं बल्कि अपने अनोखे पहाड़ी रास्तों और नजारे की वजह से भी जाना जाता है। दोनों ही जगहें एक दूसरे से काफी अलग है, क्योंकि नैनीताल झीलों वाला हिल स्टेशन है। वहीं मुक्तेश्वर शांति, प्राकृतिक सुंदरता और पहाड़ों के शानदार नजारे के लिए फेमस है। नैनीताल में जहां आपको भर-भरकर पर्यटक देखने को मिलेंगे, तो वहीं मुक्तेश्वर आपको शांति वाली जगह लगेगी। आज के इस आर्टिकल में हम आपको इन दोनों जगहों के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे। यह क्यों खास है और कैसे पहुंच सकती हैं? इससे जुड़ी सभी जानकारी आप पढ़ पाएंगी।

नैनीताल से मुक्तेश्वर महादेव मंदिर की दूरी कितनी है?

मुक्तेश्वर भी नैनीताल में ही है, लेकिन नैनीताल शहर से यहां पहुंचने में काफी समय लग जाता है। नैनीताल से मुक्तेश्वर महादेव मंदिर पहुंचने में आपको लगभग 2 घंटे का समय लग जाएगा। जब नैनीताल में पर्यटकों की भीड़ ज्यादा होती है, तब मुक्तेश्वर पहुंचने का समय और भी बढ़ जाता है, क्योंकि सड़कों पर लंबा-लंबा जाम लग जाता है। नैनीताल से मुक्तेश्वर लगभग 50 किमी की दूरी पर है, लेकिन फिर भी 2 घंटे का समय लगना आम बात है।

नैनीताल से कैसे जाएं मुक्तेश्वर?

आप नैनीताल से टैक्सी लेकर यहां पहुंच सकती हैं। ज्यादातर लोग स्कूटी या बाइक रेंट पर लेकर जाते हैं, ताकि आस-पास की सभी जगहों पर घूमना आसान हो जाए। यहां के लिए बसें भी मिलती हैं, जो आप नैनीताल से ले सकती हैं। रास्ता कई जगहों पर घुमावदार होता है, इसलिए कोशिश करें कि टैक्सी लेकर ही जाएं।

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नैनीताल से मुक्तेश्वर जाने का सही रूट

जो यात्री दिल्ली, नोएडा या गाजियाबाद से आ रहे हैं, वह ध्यान रखें कि रास्ते में ही आपको एक कट मिलेगा, जहां से आप रास्ता बदल सकती हैं। पहले आपको सामान्य रूट से ही काठगोदाम तक पहुंचना होगा। काठगोदाम से आपको नैनीताल और मुक्तेश्वर जाने के अलग-अलग रास्ते मिलेंगे। काठगोदाम से नैनीताल की दूरी लगभग 37 किमी है और काठगोदाम से मुक्तेश्वर की दूरी लगभग 50 से 55 किमी है। ऐसे में यह आप पर निर्भर करता है कि पहले आप कहां जाना चाहती हैं।

मुक्तेश्वर क्यों खास है?

यहां आपको एडवेंचर एक्टिविटी करने का मौका मिलता है। ट्रैकिंग, रॉक क्लाइंबिंग और शांत जगहों पर नेचर वॉक करने के लिए लोग स्पेशल नैनीताल से यहां आते हैं। यहां पहुंचना इतना मुश्किल नहीं है, लेकिन पहाड़ी रास्तों के कारण यात्रियों को सावधानी से गाड़ी चलाने की सलाह दी जाती है।

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यहां जाने वाले यात्री ध्यान रखें कि नैनीताल और मुक्तेश्वर दोनों अलग-अलग रास्तों से पहुंच जाएंगे। ऐसा नहीं है कि मुक्तेश्वर पहले पड़ेगा, तो आप मुक्तेश्वर के दर्शन करते हुए नैनीताल जाएं। नैनीताल घूमने के बाद मुक्तेश्वर जाना चाहते हैं, तो नैनीताल से मुक्तेश्वर जाया जा सकता है। आप नैनीताल से भवाली होते हुए रामगढ़ और फिर मुक्तेश्वर पहुंच सकती हैं। नैनीताल से आपको मुक्तेश्वर पास पड़ेगा।

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Image Credit : magnific, GEMINI